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मराठा साम्राज्य को उत्तर की तरफ प्रसारित करने में महायोद्धा मल्हारराव होल्कर का नाम अग्रणी है : रीतिक वधवा

महायोद्धा मल्हारराव होल्कर की पुण्यतिथि पर भाजपाइयों ने किए श्रद्धा सुमन अर्पित

 

भिवानी

भारत के इतिहास में ऐसे अनगिनत योद्धा हुए हैं, जिन्होंने दुनियाभर में अपनी बहादुरी का लोहा मनवाया है। इन्ही में से एक थे महायोद्धा मल्हारराव होलकर जी, जिनकी आज पुण्यतिथि है। महायोद्धा मल्हारराव होल्कर की पुण्यतिथि पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की !

 

भाजपा नेता एवं इंडिया स्पोर्टस संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य रीतिक वधवा , ने कहा कि भारत के इतिहास के परम पराक्रमी राजवंशो में से एक होल्कर राजवंश की स्थापना करने वाले महान हिन्दू शासक मल्हार राव होल्कर मराठा साम्राज्य के एक ऐसे सामन्त थे जो परम पराक्रमी और युद्ध कौशल में निपुण होने के साथ साथ मालवा के प्रथम मराठा सूबेदार थे । वह होलकर राजवंश के प्रथम राजकुमार थे ! मराठा साम्राज्य को उत्तर की तरफ प्रसारित करने वालों में मल्हारराव का नाम मुख्य रूप से अग्रणी है! अपनी क्षमता पर पूरा विश्वास रखने वाले होलकर जी ने सबसे पहले एक योद्धा के रूप में 1715 में खानदेश के एक सरदार कदम बांदे की सेना में काम किया ! जिसमे उन्हें अग्रणी योद्धा के रूप में गिना जाता था ! अपनी युद्ध कौशल के लिए विख्यात होलकर जी 1719 में दिल्ली अभियान का हिस्सा थे और उसके बाद सन 1720 में बलपुर की लड़ाई में वे निजाम के खिलाफ बहुत बहादुरी के साथ लड़े l

उन्होंने अपने युद्ध कौशल का लोहा मनवाया. भाजपा नेताओं ने कहा कि मल्हारराव होलकर के पराक्रम के चर्चे पेशवा के खास लोगों में शुमार होने लगे और यहीं से उन्होंने सफलता के पायदानों को नापना शुरू कर दिया था . उनको उनकी चातुर्य युद्ध कौशल के ही चलते 500 लड़ाकू सैनिको के दस्ते का प्रभारी बना दिया गया . सन 1728 में हुई हैदराबाद के निजाम के साथ मराठों की लड़ाई में उन्होंने ही निजाम को घुटने टेकने पर मजबूर किया था l

इस विजय के बाद पेशवा मल्हार राव से बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने होलकर को और बड़ी जिम्मेदारी सौंपते हुए बड़ा इलाका और बड़ी सेना दी ! उन्होंने कहा कि धीरे धीरे सन 1748 तक मल्हार राव होलकर की गिनती बहुत बड़े योद्धाओं में होने के साथ उन्हें किंग मेकर के रूप में जाना जाने लगा ! उन्होंने मराठों के साथ हमेशा ही सहयोग रखा और मराठो के साथ हर युद्ध में शामिल रहे ! अटक’ को जीतने के बाद कहा गया की मराठा राज्य अटक से कटक तक हुआ करता था . होलकर के सहयोग से मिली इस विजय को मराठों की विजयगाथा को आज भी अक्सर ‘अटकेपार झेंडा रोवला’ कह के सम्मानित किया जाता है !

 

मां भारती के वीर सपूत महायोद्धा मल्हारराव होल्कर को यह धरा कभी भी विस्मृत नहीं कर सकेगी ! इस अवसर पर जिनेंद्र जैन , सावन जैन, रमेश चौधरी , पंकज शर्मा , डॉ योगेश , संदीप कुमार, विनोद कुमार, अमित कुमार, अनिल कुमार, नवीन शर्मा, गुलशन, जोगेन्द्र, ने भी महायोद्धा मल्हारराव होल्कर की पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की

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