Breaking NewsCorona VirusFarmer AgitationIndia- World देश-दुनियाराजनीती

उपचार में कथित कोताही को लेकर सिरसा में ग्रामीण व चिकित्सक आमने-सामने आए

चिकित्सकों ने शहर में निकाला शांति मार्च 

राजेंद्र कुमार
सिरसा,23जनवरी। सिरसा में वैदवाला गांव के युवक जगतार सिंह के उपचार में हुई कथित लापरवाही का मामला गर्मा गया है। जहां कल भारी तादादमें ग्रामीण पुलिस अधीक्षक कार्यालय चिकित्सक दंपति के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग को लेकर एकत्रित हुए वहीं आज विभिन्न जिलों के चिकित्सक आई.एम.ए. के बैनर तले एकत्रित हुए ओर बाजारों में शांति मार्च निकालते हुए स्वयं को बेकसूर बताया। बता दें कि इस विवाद के चलते मरीज जगतार सिंह के साथ पैरवी करने आए वैदवाला के किसान भूपेंद्र सिंह के खिलाफ महिला चिकित्सक प्रवीण गिल की शिकायत के बाद शहर थाना में दर्ज हुए मुकदमें के बाद भारतीय किसान यूनियन (चढुनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढुनी के सामने आकर मामला रद्द करने की मांग को लेकर बड़ा आदोंलन छेडऩे के ब्यान देने के बाद चिकित्सक ओर गुस्सा गए हैं।
       शहर के डबवाली रोड स्थित गिल अस्पताल की महिला चिकित्सक के साथ हुए घटनाक्रम को लेकर विभिन्न जिलों के आईएमए से जुड़े चिकित्सकों ने रविवार सांय को बाजारों में शांति मार्च निकाला। सर्वप्रथम सभी चिकित्सक शहर के सांगवान चौक पर एकत्रित हुए हुए और वहां से जुलूस की शक्ल में शहर के मुख्य बाजारों जगदेव सिंह चौक, शिव चौक, सूरतगढिय़ा चौक, सुभाष चौक से होते हुए वापिस सांगवान चौक पर पहुंचकर मार्च समाप्त किया। मार्च के दौरान महिला चिकित्सकों ने अपने हाथों में गुंडागर्दी बंद करो, महिला चिकित्सक को इंसाफ दो सहित कई नारे लिखे बैनर लिए हुए थे। शांति मार्च में महिला चिकित्सकों व स्टॉफ की भागीदारी बड़ी संख्या में रही वहीें महिला चिकित्सकों में खासा रोष भी देखा गया। सोमवार को आगामी संघर्ष के लिए फिर से आईएमए पदाधिकारियों की मीटिंग होगी जिसमें संघर्ष की रणनीति बनाई जाएगी।
       शांति मार्च के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए आईएमए के जिला प्रधान डा. आशीष खुराना, आईएमए के स्टेट पैटर्न डा. वेद बैनीवाल, आईएमए हरियाणा के उपप्रधान डा. अंजनी अग्रवाल, डा. रमेश, डा. गौतम, डा. श्रवण, डबवाली से डा. कड़वासरा, आईएमए के पूर्व प्रधान डा. अशोक पारीक डा. कुलविंद्र गिल सहित अन्य चिकित्सकों ने संयुक्त रूप से बताया कि अभी तक वे मरीजों की जान बचाने के लिए बिमारियों से लड़ रहे थे, लेकिन उन्होंने नहीं सोचा था कि कभी ऐसा भी दिन आएगा कि उन्हें बिमारियों के साथ-साथ असामाजिक तत्वों से भी लडऩा पड़ेगा। चिकित्सकों ने कहा कि कोई भी डॉक्टर क्यों चाहेगा कि उसका केस बिगड़े? बावजूद इसके आईएमए ने युवक जगतार का उपचार करवाने का आश्वासन गांव की पंचायत को दिया था, लेकिन वैदवाला निवासी भूपेंद्र, जोकि अपने आप को किसान नेता बताता है, जगतार को लेकर अस्पताल में आया। उसने न केवल महिला चिकित्सक से दुव्यर्वहार किया, बल्कि उपचार करवाने के नाम पर 5 लाख रुपए की भी डिमांड की। प्रशासन पर आईएमए को पूरा भरोसा है कि वो उनके साथ न्याय करेगा। अगर इसके बाद भी प्रशासन ने कोई सुनवाई नहीं की तो आईएमए को आगामी संघर्ष के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसका जिम्मेदार यहां का प्रशासन होगा।

Donate Now
Back to top button