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सैद्धान्तिक मंजूरी नही, हकीकत में सरकारी डॉक्टरों की मांगों को मंजूरी दे सरकार

अनुकरणीय बनने के लिए मिशाल कायम करनी होगी

भिवानी , 13 जनवरी ।
हरियाणा राज्य आइएमए  के निवर्तमान प्रदेश प्रधान डॉ करन पूनिया ने सरकार की विरोधाभाषी बातों पर चिंता जाहिर करते हुए उनकी मांगों का पुरजोर समर्थन किया है । हरियाणा के सरकारी चिकित्सकों की उचित मांगों को जब सरकार सैद्धान्तिक मंजूरी दे चुकी है तो वित्त विभाग से मंजूरी दिलवाने में देरी होना अनुचित है । कोरोना काल मे भयावह स्थिति से सब रूबरू हो रहे हैं । ऐसे में एक तरफ मुख्यमंत्री जी सैद्धान्तिक मंजूरी की बात कहते हैं , दूसरी और एस्मा कानून लगाते हैं और जायज मांगों को दबाने के हथकंडे अपनाए जाना दोनो ही बातें विरोधाभाषी हैं । समय रहते जायज माँगों को तुरंत पूरा करना चाहिए ।

 

चिकित्सकों ने बहुत ही धैर्य से काम लिया है । उनके संगठन को इस सकारात्मकता के लिए बहुत बहुत बधाई । सभी प्राइवेट चिकित्सकों , सरकारी चिकित्सकों व स्वास्थ्य कर्मचारियों से आशा की जाती है कि तीसरा वैक्सीन डोज तुरन्त लगवाएं व सभी प्राइवेट अस्पताल के चिकित्सक अपने सम्पूर्ण स्टाफ का टीकाकरण करवाएं।  अनुकरणीय बनने के लिए मिशाल कायम करनी होगी ।

 

इस तीसरे वैक्सीन टीके को प्रीकॉशन डोज नाम दिया गया है । विदित हो कि डॉ करन पूनिया व वन्दना पूनिया दम्पति ने 28 नवम्बर 2020 को ट्रायल डोज का पहला टीका व 26 दिसम्बर 2020 को दूसरा टीका एक वालंटियर के रूप में रोहतक मेडिकल कॉलेज में इसके प्रभाव व दुष्प्रभाव पर हो रहे परीक्षण के लिए निर्भीक होकर लगवाया था । अतः आमजन को निर्भीक होकर उत्साह पूर्वक आगे आना चाहिए । 15 से 18 वर्ष के युवा , फ्रंट लाइन कर्मचारी , स्वास्थ्य कर्मचारी , डॉक्टर व 60 वर्ष आयु से ऊपर के देशवासियों को निर्भीक होकर टीका लगवाना चाहिए ।

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