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व्यापार व व्यापारियों की तबाही का कारण बना ऑनलाइन बाजार : अमित गुप्ता

Online market caused destruction of business and traders: Amit Gupta

  • खुदरा व्यापार को डकार गया ऑनलाइन व्यापार, आत्महत्या को मजबूर ब्यापारी समुदाय
  • एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार तिदिन 47 से अधिक व्यापारी कर रहे हैं आत्महत्या
  • बड़े उद्योगों और कंपनियों के लाखों करोड़ के क़र्ज़ किये सरकार ने किये राइट ऑफ जबकि कोरोना काल में सबसे ज्यादा प्रभावित छोटे व्यापरी का ब्याज भी नहीं किया माफ़
  • देश का खुदरा व्यापारी कठिनाई के दौर में 
  • छोटे छोटे व्यापारियों के लिए अलग से राहत पैकेज की जरूरत ।
  • भारत में फ्लिपकार्ट 45 प्रतिशत, स्नैपडील 26 प्रतिशत, अमेजॉन 12 प्रतिशत, पेटीएम 7 प्रतिशत सभी विदेशी कंपनियां 30 प्रतिशत की ग्रोथ हर साल हासिल कर खुदरा व्यापार को तबाह कर रही है
  • जीएसटी रिटर्न, बच्चों की फीस, बिजली बिल, बैंक किस्त, दुकान किराया से व्यापारी की कमर टूट गई है

भिवानी, 2 जनवरी। ऑनलाइन व्यापार आज देश के खुदरा व्यापार को पूरी तरह निगल चुका है। 2008 में ऑनलाइन व्यापार 200 करोड़ रुपए का था आज वर्तमान में 2021 मार्च तक यह व्यापार 525000 लाख हजार करोड़ का पहुंच गया है जिससे आज पूरे देश में खुदरा व्यापार की 6 प्रतिशत दुकान बंद हो गई है और 14 प्रतिशत कुटीर उद्योग भी बंद हो गए है। ये बात आज राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने स्थानीय भगवती निवास धर्मशाला में आयोजित हरियाणा प्रांतीय अधिवेशन में कही।

प्रदेशभर से आए व्यापारियों एवं ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिती में अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

व्यापारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने कहा कि गृह मंत्रालय की एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार आज वर्तमान में प्रतिदिन 47 से अधिक व्यापारी आत्महत्या कर रहे हैं आरबीआई के द्वारा 2018 में 161328 करोड़, 2019 में 236265 करोड़, 2020 में 234170 करोड़, 2021 में 202781 करोड़, रुपए राइट ऑफ (माफ) कर दिया गया। लेकिन एमएससी में सेक्टर को सिर्फ 16प्रतिशत लोन बैंकों के द्वारा मिलता है उसमें से सिर्फ 2 प्रतिशत खुदरा व्यापारियों को बैंकों से लोन मुहैया होता है। बड़ी-बड़ी विद्युत वितरण करने वाली डिस्कॉम कंपनियों का 94000 माफ कर दिया है लेकिन इस करोना काल में छोटे-छोटे व्यापारियों का ना तो बिजली का फिक्स चार्ज माफ किया गया और ना ही उनके कर्ज की ब्याज माफ की गई।

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कोविड के समय मोरटोरियम पीरियड के बाद ब्याज के साथ पैसा वसूल किया गया जिससे आज देश का खुदरा व्यापारी कठिनाई के दौर से गुजर रहा है सरकार को चाहिए कि छोटे छोटे व्यापारियों के लिए अलग से राहत पैकेज बनाकर राहत दी जाए। अमित गुप्ता ने कहा कि भारत में फ्लिपकार्ट 45 प्रतिशत, स्नैपडील 26 प्रतिशत, अमेजॉन 12 प्रतिशत, पेटीएम 7 प्रतिशत सभी विदेशी कंपनियां 30 प्रतिशत की ग्रोथ हर साल हासिल कर खुदरा व्यापार को तबाह कर रही है। बड़ी-बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां हेवी डिस्काउंट लगाकर देश के खुदरा व्यापार को जमींदोज करने का काम कर रही है। भारत में भी खुदरा व्यापार बचाने के लिए प्रतिस्पर्धा आयोग का गठन किया जाए तथा भारत के खुदरा व्यापार को बचाने के लिए विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया जाए व खुदरा व्यापार मंत्रालय का गठन किया जाए।

राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि बात छोटे व्यापारियों की हो या उद्योगपतियों की आज स्थिती ये है कि व्यापारी का सिर्फ उत्पीडऩ ही बचा है। उन्हें न तो सस्ता कर्ज दिया जा रहा है और ना ही ब्याज माफी। लॉकडाउन में बंद पड़ी औद्योगिक इकाईयों से बिजली सरजार्च तक वसूले गए है। बुवानीवाला ने कहा कि व्यापारियों की खुशहाली से ही देश और प्रदेश की तरक्की जुड़ती है। लेकिन आज प्रदेश का व्यापारी सिर्फ सरकार की मार से ही नहीं बल्कि अपराधियों की मार से भी मर रहा है। एक तरफ सरकार आए दिन नया कानून लागू कर उनका उत्पीडऩ करने में लगी है, दूसरी तरफ अपराधी हत्या, लूट और फिरौती जैसी वारदातों को खुलेआम अंजाम दे रहे हैं। जीएसटी रिटर्न, बच्चों की फीस, बिजली का बिल, बैंक किस्त, दुकानों का किराया जैसे अनेक बोझ व्यापारी के सिर पर आन पड़ें है और उनकी कमर टूट गई है। इसलिए व्यापारियों को ज्यादा से ज्यादा मुआवजा दिया जाएं और कम से कम ब्याज दर पर ऋण पर उन्हें ऋण मुहैया करवाया जाएं।

प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डंग ने कहा कि राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन आज प्रदेश के कोने-कोने में फैल चुका है और दलगत राजनीति से दूर सिर्फ और सिर्फ व्यापारी भाईयों के हकों के लिए लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में स्थानीय क्षेत्रों में कार्यरत तमाम व्यापारिक संगठनों एवं ट्रेड यूनियनों को एक मंच पर लाकर व्यापारियों का एक विशाल संगठन खड़ा कर दिया गया है जो सिर्फ व्यापारी हितों की बात करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मध्यमवर्गी व छोटे लघु व्यापारियों को हो रही समस्याओं व उनके जीवन यापन में कठिनाइयों को देखते हुए सरकार उनके लिए विशेष ध्यान दे।

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पेट्रोलियम डीलर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजीव चौधरी ने कहा कि सरकार लगातार करों में बढ़ोत्तरी करती जा रही है, जिससे अपनी जेब तो भरती जा रही है लेकिन डीलर कमीसन 2016 से पेंडिंग पड़ा है, उसको केंद्र सरकार और तेल कंपनियां एरियर के साथ तुरंत प्रभाव से भुगतान करें। उन्होंने कहा कि सभी प्रदेशों में वैट की दर समानता करे, क्योंकि जो पेट्रोल पंप हरियाणा के बॉर्डर पर है, उन्हें लगातार घाटा हो रहा है।

हरियाणा प्लाईवूड इंडस्ट्री के प्रधान देवेन्द्र चावला ने कहा कि पूरे देश में प्लाईवूड इंडस्ट्री पर कोई अन्य टैक्स नहीं वसूला जा रहा है वहीं हरियाणा में इसे वसूला जा रहा है। जो बिल्कुल गलत है। आखिर हरियाणा में ही इस टैक्स का क्या औचित्य है।

प्रदेश उपाध्यक्ष देवराज महता ने कहा कि ने कहा कि सरकार की नीतियों की वजह से आज छोटे दुकानदार आर्थिक रूप से कमजोर होकर बेरोजगार हो गए है। उन्होंने कहा कि कहा कि खुदरा व्यापारियों के साथ-साथ छोटे दुकानदारों को कोविड बंद के दौरान पुंजी समाप्त हो गई है, जिसकी वजह से उन्हेंं व्यापार करने में बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रेम धमीजा                      

 

 

जिलाध्यक्ष प्रेम धमीजा ने प्रदेशभर से आए व्यापारियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस अधिवेशन आयोजित करने का उद्देश्य सफल रहा है। उन्होंने कहा कि भिवानी के व्यापारियों के लिए ये सौभाग्य की बात है कि उन्होंने इसकी अगुवाई की जहां से व्यापारियों समस्याओं को मुखरता से उठाया गया।

अधिवेशन में अधिवक्ता शिवरत्न गुप्ता, सुभाष तायल रोहतक, श्रीनिवास गुप्ता बहादुरगढ़, अशोक गांधी फरीदाबाद, संजय गोयल घरौंडा, विकास गर्ग पिहोवा, पवन अग्रवाल अम्बाला, अमन जैन सफीदों, भारत वर्मा झज्जर, प्रदीप अग्रवाल यमुनानगर, पंकज शर्मा, धर्मेश शाह, शैलेन्द्र जैन शालू, मुकेश बंसल, बजरंग बहलीया, गुलशन भंबानी, अमित महता, हरिश ठकुराल, दीपक जांगड़ा, संजीव कौशिक, अमन गुप्ता, अतुल कुमार रोहिल्ला, हरिश हालुवासिया, रवि शर्मा, पूनम चंद आजाद, बालकिशन, गिरधारी लाल महता, भीम मुंजाल, नरेन्द्र सिंह सहित अनेक व्यापारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहें।

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