Breaking Newsराजनीतीहरियाणा

ऐलनाबाद उप-चुनाव:रिश्तों पर भारी पड़ी सियासत 

  राजेंद्र कुमार
सिरसा,19अक्तूबर। सियासत के रंग न्यारे हैं। नेता सियासत के पायदान पर आगे बढऩे के लिए सामाजिक नातों को किसी भी हद तक दर किनार कर सकते हैं। ऐसा ही वाक्या इन दिनों हरियाणा में सिरसा जिले के ऐलनाबाद विधानसभा क्षैत्र में देखने को मिल रहा है।
        इस चुनाव में भाजपा-जजपा की टिकिट पूर्व गृह राज्य मंत्री गोपाल कांडा के भाई गोबिंद काडां के पास है। गोबिंद कांडा का मुकाबला इनेलो प्रत्याशी अभय सिंह चौटाला से माना जा रहा है। गोपाल कांडा जहां अपने भाई को विधानसभा में प्रवेश के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर अभय चौटाला के भाई अजय चौटाला पानी पी पीकर कोस रहे हैं और उनके खिलाफ गांव-गांव प्रचार कर रहे हैं। वो अभय चौटाला के स्टार प्रचारक अपने पिता औम प्रकाश चौटाला को भी सभाओं में कोस रहे हैं।
अजय चौटाला यह भी कह रहे हैं कि अभय चौटाला की बजाय गोबिंद कांडा कहीं बेहतर है,गुस्सैल नहीं साधारण स्वभाव के हैं। उनका आरोप है कि अभय चौटाला ने मुझे व मेरे बेटों को इनेलो से बाहर का रास्ता दिखाया। हमारी पार्टी दस विधायकों के साथ प्रदेश सरकार में भागीदार है जबकि इनेलो बिल्कुल हाशिये पर चली गई है,हमने छोड़ा तब इनेलो की झोली में बीस विधायक थे आज शून्य है तथा इस शून्य को टूटने नहीं देना है। वहीं अभय चौटाला के चाचा व राज्य सरकार में बिजली मंत्री रणजीत सिंह भी भाजपा प्रत्याशी गोबिंद कांडा का प्रचार कर रहे हैं। उनका कहना है कि रिश्ते अपनी जगह और सियासत अपनी जगह।
रिश्तों पर भारी पड़ती सियासत की बात यहीं नहीं थमती अभय चौटाला के चचेरे भाई आदित्य चौटाला भाजपा की सिरसा इकाई के जिला अध्यक्ष हैं,वो भी पसीने बहा रहे हैं कि कहीं अभय चौटाला विधानसभा ना चले जाएं। इनेलो प्रत्याशी अभय चौटाला इतने पारिवारिक विरोध की कतई परवाह नहीं कर रहे। उनका मानना है कि अजय चौटाला व उनके पुत्र दुष्यंत चौटाला को ससंद तो नैना चौटाला को विधानसभा की दहलीज तक सबसे पहले उन्होंने (अभय चौटाला) व उनके पिता चौधरी औम प्रकाश चौटाला ने ही सियासी सांठगांठ कर पहुंचाया। अभय चौटाला का कहना है कि मेरा विरोध कर रहे पारिवारिक लोगों की राजनीतिक लोकप्रियता ऐलनाबाद उप चुनाव के परिणाम स्वत: ही दिखा देंगे।
    वहीं दूसरी ओर सिरसा में पूूर्व गृह राज्य मंत्री व गोपाल कांडा राम लक्ष्मण की जोड़ी के तौर पर मशहूर हैं। गोबिंद उम्मीदवार हैं वहीं गोपाल दिन रात उनकी विजय के प्रयास कर रहे हैं। गोपाल कांडा व गोबिंद कांडा की जोड़ी को सिरसा में अटूट माना जाता है। सियासत हो या कारोबार दोनों एक गाड़ी के दो पहियों की तरह चलते हैं। उप चुनाव का मौका आया तो गोपाल कांडा ने हरियाणा लोकहित पार्टी के उपाध्यक्ष पद से हटाकर भाजपा का दामन थमवा दिया और सियासत की दहलीज पर आगे बढ़ाने के लिए ऐलनाबाद उप चुनाव में प्रत्याशी बनवाकर अब विधानसभा में सदस्य के तौर पर प्रवेश के लिए जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं।
गोपाल कांडा ने अपने अनुज गोबिंद काडां को पिछले आम चुनावों में रानियां विधानसभा से भी हलोपा का प्रत्याशी बनाया था मगर हार गए जबकि गोपाल कांडा सिरसा सीट से विजयी रहे। सामाजिक रिश्तो पर भारी पड़ती सियासत की आजकल चर्चा गावों में अक्सर बुजुर्गों के मुख से सुनने को मिल रही है। यह भी वर्णनीय है कि भाजपा प्रत्याशी गोबिंद कांडा व इनेलो प्रत्याशी अभय चौटाला के परिवार का पुराना नाता चौटाला गांव से ही है।

Donate Now
Back to top button
x

COVID-19

India
Confirmed: 34,633,255Deaths: 473,326
Close
Close