Breaking NewsIndia- World देश-दुनियाjammu & kashmirबिहारराजनीती

मौत का खौफ, बिहारी मजदूरों का कश्मीर घाटी से पलायन तैयारी

fear-of-death-preparations-for-migration-of-bihari-laborers-from-kashmir-valley

जम्मू-कश्मीर में बिहारियों समेत गैर कश्मीरियों के खिलाफ आतंकियों का हमला जारी है। रविवार शाम भी आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में घर में घुसकर बिहार के अररिया जिले के तीन मजदूरों को गोली मार दी। इस हमले में दो श्रमिकों राजा ऋषिदेव और योगेंद्र ऋषिदेव की मौत हो गई। घायल श्रमिक चुनचुन ऋषिदेव को अनंतनाग के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शनिवार को भी आतंकियों ने बांका के अरविंद साह की हत्या कर दी थी। इससे पहले  हाल ही में आतंकियों ने भागलपुर के वीरेंद्र पासवान को भी मार डाला था। इन हमलों से सहमे  बिहार के श्रमिक जम्मू-कश्मीर से लौटने की तैयारी करने लगे हैं।

मिडिया में प्रकाशित रिपोर्ट्स के मुताबिक अरविंद साह के भाई मंटू साह ने बताया कि उसके गांव पड़घड़ी और आसपास के करीब 200 लोग घाटी में रहते हैं। दैनिक मजदूरी, छोटी दुकानदारी और हलवाई का काम कर अपना भरण-पोषण करते हैं। इन लोगों के पास लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। मंटू साह ने बताया कि गांव के अभिनंदन साह, मुन्न साह, अशोक साह, दुर्गेश साह, निरंजन साह, बिट्टू साह, चंदन साह, छोटू साह, पिंटू साह आदि दो-तीन दिनों के अंदर गांव की ओर चल देंगे।

घाटी के मौजूदा हालात से इन सभी के मन में दहशत है। इसी तरह जलालगढ़ के याकूब आलम, अररिया के मंसूर आलम, बरसौनी के रजत कुमार राजभर ने बताया कि उनके परिजन पांच माह पहले घाटी गए थे। गैर कश्मीरियों की हत्या के बाद ठेकेदार बकाया रकम भी नहीं दे रहे, ताकि सब वहां से लौट आएं।

सीमांचल के सबसे अधिक अररिया, किशनगंज के अलावा पूर्णिया के मजदूर जम्मू कश्मीर में काम की तलाश में गए हुए हैं। बताया जाता है कि छह माह के लिए कोसी और सीमांचल से हजारों की संख्या में मजदूर काम करने के लिए जम्मू-कश्मीर समेत आसपास के इलाकों में जाते हैं।

Donate Now
Back to top button