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देश के लघु उद्योगों एवं खुदरा व्यापार के लिए खुले दिल से काम रही है सरकार: शाहनवाज हुसैन

Government is working with open heart for small scale industries and retail business of the country: Shahnawaz Hussain

नई दिल्ली। आज केन्द्र सरकार द्वारा उद्यमिता विकास कार्यक्रम एमएसई की स्थापना के लिए अपेक्षित औद्योगिक कार्यकलाप युवाओं की प्रतिभा को पोषित करने के लिए नियमित रूप से आयोजित किए जा रहे हैं। ये बात बिहार के उद्योग मंत्री शाहनवाज हुसैन ने आज राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन द्वारा आयोजित व्यापारी शिखर सम्मेलन में देशभर के आए व्यापारियों को संबोधित करते हुए कही। शाहनवाज हुसैन ने बताया कि भारत सरकार देश के लघु उद्योगों एवं खुदरा व्यापार के लिए खुले दिल से काम रही है। इस संबंध में रोज नई स्कीमों एवं कौशल विकास पर काम किया जा रहा है।

 

उन्होंने बताया कि अवसंरचना के सृजन एवं सुदृढ़ीकरण तथा उद्यमिता विकास और कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रयोजनार्थ पूँजीगत अनुदान के रूप में निम्समे, केवीआईसी, कयर बोर्ड, टूल रूम, एनएसआईसी एवं एमगिरी नाम एमएसएमई मंत्रालय के अंतर्गत संचालित राष्ट्र स्तरीय प्रशिक्षण संस्थानों को सहायता प्रदान की जाती है। हुसैन ने कहा कि उनकी सरकार एमएसएमई और छोटे व्यवसायों को नीति समर्थन, फोकस्ड सपोर्ट मैकेनिज्म, फील्ड लेवल हैंड होल्डिंग सपोर्ट और मजबूत शिकायत निवारण तंत्र के माध्यम से प्रचार, विकास और सुविधा सहायता प्रदान करने के लिए हमेशा प्रयासरत है।

दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने अपना संबोधन देते हुए कहा कि कारोबार और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए आज जो प्रयास किए जा रहे है वो निश्चित तौर पर देश की रीढ़ माने जाने वाले लघु-मझौले और खुदरा व्यापार पर केन्द्रीत है। राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन की पहल का स्वागत करते हुए उन्होंने कहा कि व्यापारियों और सरकार के बीच पुल की तरह काम करने के लिए संगठनों को आगे आना चाहिए ताकि इस बात का पता लगाया जा सके कि सरकार व्यापारियों के लिए क्या करना चाहती है और व्यापारी सरकार से क्या उम्मीद रखते है।

पूर्व सांसद जय प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि आज नोटबंदी, जीएसटी और कोविड की वजह से देशभर के व्यापारियों स्थिती ऐसी नहीं है कि हम उन्हें उनके हाल पर छोड़ दे। देश का विकास, रोजगार और गिरती अर्थव्यवस्था तब तक नहीं संभल सकती जब तक की हम अपने घरेलु उद्योगों एवं खुदरा व्यापार को वो हर संभव मदद नहीं पहुंचाते जो उन्हें आज की स्थित में चाहिए। केन्द्र सरकारी की नीतियों में आज भी बहुत सी जटिलताएं है, जिन्हें सरल बनाने की आवश्यकता है।

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राष्ट्रीय जन उद्योग व्यापार संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित गुप्ता ने पुरजोर तरीके से व्यापारियों की समस्याओं को सरकार के नुमाइंदों तक उठाते हुए कहा कि करोना वैश्विक महामारी में देश की अर्थव्यवस्था का आधार एमएसएमई सैक्टर धराशाई हो गया है जिससे बेरोजगारी बढ़ती चली जा रही है, देश का असंगठित क्षेत्र (रिटेल सेक्टर) 43 करोड़ लोगों को रोजगार देने का काम करता है इतनी बड़ी संख्या में रोजगार देने के बावजूद खुदरा व्यापार दिन पर दिन समाप्त होता चला जा रहा है इसका मुख्य कारण ऑनलाइन ट्रेडिंग है वर्तमान में ई-कॉमर्स देश के खुदरा व्यापार के लिए स्वीट प्वाइजन का काम कर रहा है।

 

देश में ई कॉमर्स में रिटेल सेगमेंट मैं ग्रोथ देखने को मिल रही है वह खुदरा व्यापार के लिए दिक्कतें खड़ी करती जा रही है 2016 में 5 करोड़ लोग की शॉपिंग करते थे 2020 में 32 करोड़ लोग ई शॉपिंग कर रहे हैं विश्व में सर्वाधिक ग्रोथ ईकॉमर्स में इंडिया में ही देखने को मिली यूएस में 12प्रतिशत चाइना में 23प्रतिशत, भारत में 68प्रतिशत की ग्रोथ है वर्तमान में फ्लिपकार्ट 45प्रतिशत, स्नैपडील, 26 प्रतिशत, अमेजॉन 12प्रतिशत, पेटीएम 7 प्रतिशत सभी कंपनियां 30 प्रतिशत की ग्रोथ हर साल हासिल कर खुदरा व्यापार को तबाह कर रहे हैं, बड़ी-बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियां हेवी डिस्काउंट लगाकर देश के खुदरा व्यापार को जमींदोज करने का काम कर रही है इस तरह की फ्लैश सेल को रोकने का काम किया जाए।

संगठन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला ने कहा कि देश के व्यापरियों को एक देश एक कर प्रणाली और तमाम करो व लिखा पढ़ी की जटिलताओं से मुक्ति नहीं मिल पा रही है कि जीएसटी जैसे महत्त्वपूर्ण अधिनियम व्यापारियों को उलझन पैदा कर रहे हैं आज तक 950 से भी ज्यादा संशोधन करने के बाबजूद भी इसका सरलीकरण नहीं हो सका। बुवानीवाला ने कहा कि जीएसटी पर छोटे-छोटे फर्क भ्रष्टाचार को जन्म दे रहे। जो सही काम करने वाले है उन को बहुत मुश्किल आ रही। इसलिए जो छोटे यूनिट्स गांवों में लगे हुए, इनको बचाए। ये सभी खत्म होने के कगार पर आ गए है।। ये छोटे यूनिट्स खुद को और लोगो को रोजगार देने में, और देश की अर्थव्यवस्था में बहुत ही महत्वपूर्ण रोल अदा करते है। ब्रांडेड या अनब्रांडेड की परिभाषा को भी स्पष्ट करे, और व्यापारियों के बिना वजह के उत्पीडऩ से बचाए।

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संगठन के मुख्य संयोजक मुदित अग्रवाल ने कहा कि आज देश में राजस्व नुकसान के चलते सरकारी संपत्तियों का निजीकरण किया जा रहा है जो यह दर्शाता है कि नुकसान की भरपाई के लिए सरकार सरकारी संपत्तियाँ बेच रही है, घाटे से उबरने के लिए पीएसयू को बेचना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। भारत सरकार को सरकारी कंपनी को बढ़ाने की आवश्यकता है जिससे राजस्व के संसाधन निरंतर बने रहे विश्व के अनेक देशों के मॉडल सामने है पुरानी कंपनी बेचने से नया रोजगार नहीं पैदा होता नई कंपनी लगाने से ही नया रोजगार पैदा होता है पैसा जरूर आ सकता सरकार के पास लेकिन एक समय के बाद ना तो पैसा रहेगा ना रोजगार रहेगा।

 

ये उठाई गई मांगे-
देश के खुदरा व्यापार को बचाने के लिए ई-व्यापार पर 18प्रतिशत अतिरिक्त कर लगाया जाए, देश में सर्वाधिक रोजगार देने का काम खुदरा व्यापार करता है खुदरा व्यापार के विकास के लिए अलग से खुदरा व्यापार मंत्रालय बनाएं जाए, देश में सर्वाधिक उत्पीडऩ व्यापारी समाज का है उस को राहत देने के लिए एससी-एसटी एक्ट की तर्ज पर व्यापारी एक्ट बनाया जाए, इस करोना वैश्विक महामारी में जिन व्यापारियों का अकाउंटेंट की एनपीए हो गया है उन व्यापारियों की ब्याज माफ कर आसान किस्त बनाई है, मुद्रा लोन मे शिशु, किशोर से कर्ज़ के कर्ज लेने वाले व्यापारियों के कर्ज माफ किए जाए, गैस व पेट्रोलियम के दामों को जीएसटी के दायरे में लाया जाए, शैक्षिक क्षेत्र, स्नातक क्षेत्र, स्थानीय निकाय की तरह विधान परिषद में व्यापारी क्षेत्र बनाया जाए, वर्तमान में बहुत सी आवश्यक वस्तु जैसे घरों में सुरक्षा हेतु एमसीबी पर जीएसटी 28 परसेंट है l किसानों द्वारा पंप में उपयोग होने वाली बाल बेरिंग पर जीएसटी 28 परसेंट है भारत जैसे देश में जहां अभी भी बहुत करीबी के कोई भी उपभोक्ता 28प्रतिशत कर देने में दिक्कत होती है तभी वह कर बचाने का का प्रयास करता है जीएसटी के अंतर्गत करो कि दरों का वर्गीकरण निम्न प्रकार से होना चाहिए, मोटा अनाज एवं कपड़े के थान को जीएसटी मुक्त किया जाए, कृषि उपयोग मे आने वाली सभी वस्तुओं को जीएसटी मुक्त किया जाए, मनुष्य के दैनिक उपयोग में आने वाली आवश्यक वस्तु तथा मेडिसन दवा इत्यादि पर जीएसटी की दर 5 प्रतिशत की जाए, बिजली के बिलों से फिक्स चार्ज समाप्त किया जाए।

 

ये रहे मौजूद-
व्यापारी शिखर सम्मेलन में प्रमुख रूप से राष्ट्रीय वरिष्ठ महामंत्री दीपक अग्रवाल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मनोज सिंघल, राष्ट्रीय युवा अध्यक्ष नितिन गुप्ता, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री शानू गुप्ता, गोविंद बाबू टाटा राष्ट्रीय महामंत्री, विकास गर्ग राष्ट्रीय महामंत्री, गजेंद्र शर्मा राष्ट्रीय संगठन मंत्री, राकेश त्रिपाठी राष्ट्रीय मंत्री, शिवम बिश्नोई राष्ट्रीय महामंत्री युवा, संदीप बंसल तेलंगाना से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, मनोज गुप्ता राष्ट्रीय संगठन मंत्री, संगीता गुप्ता महिला अध्यक्ष, रीना सहाय राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष महिला, मनीष अग्रवाल प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश, अजय अग्रवाल प्रदेश अध्यक्ष राजस्थान, वेद प्रकाश गर्ग प्रदेश अध्यक्ष हिमाचल, संजीव गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष चंडीगढ़, गुलशन ढंग प्रदेश अध्यक्ष हरियाणा, प्रदीप गुप्ता प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली , सूरत गुजरात से राजेंद्र खंडेलवाल, अभय गुप्ता दतिया मध्यप्रदेश, आलोक आर्य, रविंद्र जायसवाल, जगत प्रशांत अग्रवाल राजेश महेश्वरी व देश प्रदेश के प्रमुख उद्योगपतियों व्यापारियों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को सफल बनाया।

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