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इनलैंड फिश कल्चर से मत्स्य उत्पादन में देश में नंबर 1 हरियाणा: जे.पी.दलाल

जिला मत्स्य अधिकारियों को 31 मार्च, 2022 तक मत्स्य यूनिट स्थापित करने के लक्ष्य दिए
मत्स्य विभाग का बजट वर्ष 2014-15 में 6.9 करोड रूपये था जो वर्ष 2021-22 में बढक़र 124.59 करोड रूपये हो गया
2020-21 के दौरान लगभग 1232.50 एकड़ भूमि में झींगा पालन किया जबकि पंजाब में 850 एकड़ भूमि में किया गया
मत्स्य पालन के लिए महिलाओं व एससी श्रेणी को 60 प्रतिशत और सामान्य श्रेणी को 40 प्रतिशत की सब्सिडी

चण्डीगढ़, 16 सितम्बर- हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री जे.पी.दलाल ने कहा कि इनलैंड फिश कल्चर में हरियाणा मत्स्य उत्पादकता के क्षेत्र में भारत में 9600 कि.ग्रा. प्रति हैक्टेयर प्रति वर्ष की दर से प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में मत्स्य पालन को और अधिक बढाने के लिए सभी जिला मत्स्य अधिकारियों को 31 मार्च, 2022 तक मत्स्य यूनिट स्थापित करने के लक्ष्य दिए गए ।
श्री जे.पी. दलाल ने यह बात आज यहां मत्स्य विभाग के अधिकारियो की समीक्षा बैठक के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि मत्स्य विभाग का बजट वर्ष 2014-15 में 6.9 करोड रूपये था जो वर्ष 2021-22 में बढक़र 124.59 करोड रूपये हो गया है। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालन के लिए महिलाओं व एससी श्रेणी को 60 प्रतिशत और सामान्य श्रेणी को 40 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 के दौरान प्रदेश में लगभग 45519 एकड़ भूमि में मत्स्य पालन किया गया है और इसी वर्ष के दौरान 2925.31 लाख मत्स्य बीज संचय किया गया है, जिससे 2.03 लाख टन मत्स्य उत्पादन किया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020-21 के दौरान प्रदेश में 1440 लाख झींगा पालन बीज संचय किया गया है, जिससे 3120 मीट्रिक टन सफेद झींगा उत्पादन किया गया है।

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कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2020-21 के दौरान लगभग 1232.50 एकड़ भूमि में झींगा पालन किया गया जबकि पंजाब में 850 एकड़ भूमि में इसका पालन किया गया है। जिसकी तुलना में हरियाणा में झींगा पालन पंजाब से अधिक है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय प्रायोजित स्कीम प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पंदा योजना के तहत वर्ष 2020-21 के दौरान दो बड़ी पैलेटिड फीड़ मिल प्लांट की स्थापना जिला चरखी दादरी व करनाल में की जा चुकी है।

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पिछले तीन वर्ष में जो फार्म बनाए और कितनी सब्सिडी प्रदान की है उसका अगले दस दिनों में जवाब दिया जाए। इसी प्रकार, पिछले तीन से चार साल में जो यूनिट स्थापित किए गए है, उन यूनिटो में से कितने चल रहे है व कितने बंद है, और जो बंद हुए है उसका क्या कारण रहा है कि रिपोर्ट भी देने को कहा गया है।

उन्होंने विभाग के अधिकारियों को कहा कि मत्स्य पालन पर अच्छा काम करेंगे और समय पर लक्ष्य को हासिल करेंगे तो विभाग की तरफ से उन्हे प्रशंसा पत्र दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, झींगा मत्स्य पालन के लिए कलस्टर बनाकर बताया जाए कि इस पालन के लिए कौन सा क्षेत्र ठीक है ताकि झींगा व मछली पालन को अधिक बढ़ाया जाए।

श्री दलाल ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि प्रदेश में मत्स्य पालन किसानों की सुविधा के लिए प्रदेश में एक ऐसा स्थान चिन्हित किया जाए जहां पर मत्स्य मंडी स्थापित की जा सके और किसानों को इस मंडी में अपने उत्पाद लाने में किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो, अगर प्रदेश में मत्स्य मंडी स्थापित होगी तो मत्स्य पालन करने वाले किसानों को काफी लाभ मिलेगा।

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इस अवसर पर मत्स्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अंकुर गुप्ता व विशेष सचिव श्री रवि प्रकाश गुप्ता और निदेशक प्रेम सिंह मलिक सहित संयुक्त निदेशक मत्स्य, सभी जिला मत्स्य अधिकारी और एचएयू के प्रोफेसर भी मौजूद रहे।

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