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देखिये किसान संसद का लाइव अपडेट ऑनलाइन भास्कर के साथ

संसद में मानसून सत्र के बीच केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ जंतर-मंतर पर गुरुवार को किसानों ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने इसे देखते हुए मध्य दिल्ली के चारों ओर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रखी। वाहनों की आवजाही पर कड़ी नजर रखी गई। दिल्ली के उप-राज्यपाल अनिल बैजल ने अधिकतम 200 किसानों को नौ अगस्त तक जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति दी है। बता दें कि संसद भवन इससे कुछ ही मीटर की दूरी पर है।

किसान संसद का पहला दिन खत्म, लौटे, सिंघु बॉर्डर
राष्ट्रगान के बाद गुरुवार शाम 5 बजे किसान संसद खत्म हो हुई। अब शुक्रवार की सुबह 11 बजे फिर 200 किसान जंतर-मंतर आएंगे। किसान बस में बैठ के वापस सिंघु बॉर्डर के लिए रवाना हो गए।
भाजपा सांसद ने किया प्रदर्शनकारी किसानों के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल
भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने प्रदर्शनकारी किसानों के लिए आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि देश जानता है कि 26 जनवरी को क्या हुआ था। ये सारा प्रदर्शन राजनीतिक एजेंडे के तहत चल रहा है।

किसानों की नारेबाजी जारी
जंतर-मंतर पर किसानों की नारेबाजी और सरकार से तीनों कानून रद्द करने की मांग जारी है। प्रदर्शन कर रहे किसान जंतर-मंतर के एक छोटे से हिस्से में मौजूद हैं और पुलिस ने दोनों ओर अवरोधक लगा रखे हैं।
‘संसद में हमारे मुद्दे नहीं उठाए जा रहे हैं’
जंतर मंतर पर किसान यूनियन के नेता हन्नान मुल्ला ने कहा कि हमने अपनी मांगों को उठाने के लिए सभी सांसदों को पत्र लिखा है, लेकिन संसद में हमारे मुद्दे नहीं उठाए जा रहे हैं।

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किसान संसद में हुआ लंच ब्रेक
करीब एक घंटे तक चली बैठक के बाद फिलहाल किसान संसद ने लंच ब्रेक की घोषणा की है। सभी किसान भोजन करने के बाद एक बार फिर एक साथ इकट्ठा होंगे।
प्रदर्शन शुरू होने में हुई देरी
जंतर मंतर पर किसान अपनी पहचान उजागर करने वाले बैज पहने और हाथ में अपनी यूनियनों के झंडे लिए हुए नजर आ रहे हैं। प्रदर्शन दिन में 11 बजे शुरू होना था, लेकिन किसान यहां 12 बजकर 25 मिनट पर पहुंचे। किसान नेता शिव कुमार कक्का ने बताया कि रास्ते में पुलिस ने उन्हें तीन जगह रोका और उनके आधार कार्ड देखे।
किसान खेती करना भी जानता है और संसद चलाना भी: टिकैत
किसान नेता राकेश टिकैत ने जंतर मंतर पर कहा कि आज आठ महीने बाद सरकार ने हमें किसान माना है। किसान खेती करना भी जानता है और संसद चलाना भी जानता है। संसद में किसानों की आवाज दबाई जा रही है। जो सांसद किसानों की आवाज नहीं उठाएगा हम उसका विरोध करेंगे।

किसानों नेताओं पर दायर मुकदमे वापस लेने की मांग
किसान संसद की शुरूआत में पहले तो आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दी गई, उसके बाद किसानों नेताओं पर जो मुकदमे दायर किये गए हैं उन्हें वापस लेने की मांग उठी। फिलहाल इसी पर सभी किसान चर्चा कर रहे हैं।
संसद भवन के आसपास सुरक्षाबल तैनात
किसान जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में पहुंच चुके हैं। इनकी किसान संसद की घोषणा के मद्देनजर संसद भवन के आसपास सुरक्षाबल मुस्तैद हैं।

आवाज नहीं उठाने पर की जाएगी सांसदों की निंदा: टिकैत
जंतर-मंतर पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि किसान अब अपनी संसद बैठाएंगे। सदन में अगर सांसद किसानों के हित में अपनी आवाज नहीं उठाएंगे तो उनके क्षेत्र में ही उनकी निंदा की जाएगी, फिर चाहे वो किसी भी पार्टी से हों।

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किसानों ने शुरू की नारेबाजी
प्रदर्शन करने पहुंचे किसानों ने जमकर नारेबाजी शुरू कर दी है। वहीं, पुलिसकर्मियों ने जंतर-मंतर को दोनों तरफ से सील कर दिया है। प्रदर्शन स्थल के आसपास मीडियाकर्मियों को भी प्रवेश की अनुमति नहीं मिल रही है।
पहुंचने लगीं किसानों की बसें
राकेश टिकैत के पहुंचने के कुछ ही देर बाद अन्य जगहों से रवाना हुए किसानों की बसें भी जंतर-मंतर पहुंच गई। यहां करीब 200 की संख्या में इकट्ठा होकर किसान कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे।

शिरोमणी अकाली दल ने भी शुरू किया प्रदर्शन
किसानों के साथ अब शिरोमणी अकाली दल भी कृषि कानूनों के विरोध में सामने आ गया है। आज सुबह संसद भवन के बाहर शिरोमणी अकाली दल के नेताओं ने कृषि मंत्री को कानूनों को विरोध में बनाए गए पोस्टर दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया।

 

 

 

 

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