हरियाणा

स्वतंत्रता दिवस पर नागरिकों को मिल सकता है आई.सी.सी.सी. लाईव होने का तोहफा

करनाल, 21जुलाई (शिव बतरा) स्मार्ट सिटी के बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट आई.सी.सी.सी. को लाईव करने में अब देरी की गुंजाईश नहीं। सम्भवत: स्वतंत्रता दिवस पर शहर के नागरिकों को इस प्रोजेक्ट के चालू होने की सौगात मिल सकती है। इसके साथ ही करनाल देश के उन शहरों में शुमार हो जाएगा, जहां यातायात नियंत्रण के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित हैं। बुधवार को उपायुक्त एवं करनाल स्मार्ट सिटी लिमिटेड के सीईओ निशांत कुमार यादव ने शहर के सेक्टर-12 स्थित म्यूनिसिपल भवन की दूसरी मंजिल पर बनाए गए आई.सी.सी.सी. का निरीक्षण करने के बाद जानकारी दी और कहा कि अब इसका काम लगभग मुकम्मल हो गया है। टैस्टिंग पर काम चल रहा है, ताकि लाईव या चालू होने पर इसमें किसी प्रकार की खामी ना रहे।
आई.सी.सी.सी. एक बड़ा प्रोजेक्ट- यूं तो स्मार्ट सिटी में अनेको प्रोजेक्ट हैं, जिन पर काम हो रहें है। लेकिन आई.सी.सी.सी. का प्रोजेक्ट एक बड़ा प्रोजेक्ट है। इसके तहत शहर के 29 चौक-चोराहों पर ट्रैफिक कंट्रोल के लिए अत्याधुनिक कैमरे लगाए गए हैं। इन सभी की कनैक्विटी फाईबर केबल के साथ सेंटर से जोड़ी गई है। सर्वे से लेकर इंस्टालेशन तक का काम बड़ी सावधानी और जंक्शन की स्थिति अनुसार किया गया है। ऐसे काम के लिए समय लगना स्वभाविक है। दूसरी ओर सेक्टर-12 स्थित म्यूनिसिपल भवन की दूसरी मंजिल पर सेंटर की स्थापना का कार्य लगातार जारी रहा। बतौर उपायुक्त कोविड के दिनो में भी इसका काम नहीं रोका गया। हालांकि सेंटर में जो उपकरण स्थापित किए गए हैं, उनकी ट्रांसपोर्टेशन और डिलीवरी में कोविड का प्रभाव रहा, लेकिन अब यह लगभग मुकम्मल हो गया है। इसी को लेकर गो-लाईव यानि चालू होने से पहले इसका निरीक्षण किया गया है।
हर चौक-चोराहे पर हैं अलग-अलग कैमरे- निरीक्षण के दौरान सीईओ ने जानकारी दी कि अत्याधुनिक कैमरो की अलग-अलग विशेषताएं हैं। इनमें 50 पी.टी. जैड कैमरे लगाए गए हैं, जो 360 डिग्री पर घूमते हैं, 100 फिक्स कैमरे हैं। गाडियो के नम्बर प्लेट कैप्चर करने वाले 138 ए.एन.पी.आर. कैमरे हैं, जिनके साथ आई.आर. यानि इंट्रा रैड डिवाईस लगाई गई है, जो दिन में बंद रहती है, रात को गाडियों का नम्बर चैक करने के लिए एक्टिव हो जाती है। इसी प्रकार रेड लाईट का वायलेशन देखने के लिए 69 आर.एल.वी.डी. कैमरे लगाए गए हैं, जबकि स्पीड का वायलेशन देखने के लिए 20 कैमरे लगाए जा रहे हैं, इनके साथ एक-एक राडार भी लगेगा, जो स्पीड चैक करने के लिए होगा। कैमरो की कुल संख्या 500 से ज्यादा है।
पी.ए.एस., ई.सी.बी. और वी.एम.बी. भी शामिल हैं प्रोजेक्ट में- सीईओ ने बताया कि इस प्रोजेक्ट में चौक-चोराहों पर 125 पब्लिक एड्रेस सिस्टम, 31 एमरजेंसी कॉल बॉक्स और 31 वेरीएबल मैसेज डिस्पले बोर्ड भी शामिल किए गए हैं, इनकी इंस्टालेशन का काम भी हो चुका है, 5 वी.एम.बी. ओर स्थापित होंगे। पब्लिस एड्रेस सिस्टम से चौक-चोराहों पर सूचनाएं प्रसारित की जाएंगी। एमरजेंसी कॉल बॉक्स से कोई भी व्यक्ति आई.सी.सी.सी. में कॉल कर किसी विशेष बात, दुर्घटना या संदिग्ध वस्तु की जानकारी दे सकता है, जबकि वी.एम.बी. पर मौसम, शहर की आबोहवा, नागरिकों के लिए हिदायतें और जरूरी सूचनाएं डिस्प्ले की जाती हैं।
आई.सी.सी.सी. में सोल्यूशन रिलेटिड कैमरा व वी.एम.बी. आदि एप्लीकेशन के विडियो वाल पर देखे फीचर- बतौर उपायुक्त कैमरा या वी.एम.बी. जैसी जितनी भी सोल्यूशन सम्बंधी एप्लीकेशन हैं, वह सेंटर के डाटा रूम में इंस्टाल कर दी गई हैं। उन्होंने विडियो वाल पर इन्हें चलवाकर उसके सभी फीचर देखे। इस दौरान जिला पुलिस अधीक्षक गंगा राम पुनिया भी शामिल हुए। उन्होंने भी विडियो वाल पर एप्लीकेशन सोल्यूशन के फीचर देखकर चालानिंग व ट्रैफिक से सम्बंधित कई तरह के सवालों की जानकारी ली। सेंटर में मौजूद इंजीनियर ने बताया कि चालान ऑनलाईन और हार्डकॉपी में डिलीवर होंगे। दोनो अधिकारियों को विडियो वाल पर जूमिंग से एक गाडी की नम्बर प्लेट स्पष्टï रूप से दिखाई गई। नाईट विजन कैमरो पर भी चर्चा की गई। जब कोई गाडी एक्सीडेंट करके शहर में घूमती है, उसकी लोकेशन चैक करने के लिए एस.पी. ने जानकारी ली। उपायुक्त ने आई.सी.सी.सी. को स्थापित करने वाली एजेंसी मद्रास सिक्योरिटी प्रिंटर्स के प्रोजेक्ट हैड से कहा कि बलड़ी बाईपास व नमस्ते चौक दो जगहों पर एक-एक पी.टी. जैड कैमरे लगा दें, यहां वाहनो के एंट्री-एग्जिट पाँयट मौजूद हैं। प्रोजेक्ट हैड ने बताया कि एजेंसी 5 साल तक सेंटर को ऑप्रेट व इसकी मेन्टेनेन्स करेगी।

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