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1.8 करोड लोगों की मुत्यु हार्ट अटैक ब्रेन अटैक स्ट्रोक पेरालिसिस की वजह से हुई है-डा. अमित महता

युवा अवस्था में बढ रही है हार्ट अटैक की बीमारिया-डा, अमित महता

हिसार। वर्ष 2020 में 1. 8 करोड लोगों की मृत्यु हार्ट अटैक  ब्रेन अटैक यानी स्ट्रोक पेरालिसिस की वजह से हुई है 1.8 की वैश्विक मृत्यु का 31 प्रतिशत है एवं मृत्यु का वैश्विक सबसे बडा कारक है। यह जानकारी हिसार में विश्व स्वाथ्य दिवस के उपलक्ष्य मेंं सुखदा मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के संचालक डा. अमित महता, डा. अनुज  गोयल डा अंकुर कामरा ने प्रेस को जारी एक बयान में दी ।

बयान में उन्होंने बताया कि अगर हम अपने क्षेत्र की बात करें तो पच्चास प्रतिशत हार्ट अटैक के मामले 50 वर्ष से कम उम्र में 25 प्रतिशत हार्ट अटैक 40 वर्ष से कम उम्र में हैं और खास बात यह की 25 से 35 वर्ष के युवाओं को भी इस बीमारी ने नहीं छोडा है जोकि अपने आप में एकचिंता का विषय है क्योकि युवा अवस्था में भी हार्ट अटैक की समस्या बढ काफी बढ रही है।

उन्होंने बताया  कि आज का दिन पूरी दुनिया में विश्व स्वास्थ्य संगठन के आह्वान पर विश्व स्वास्थ्य दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य इस दिवस का नारा एक बेहतर एवं स्वास्थ्य विश्व समुदाय की संरचना करना है।  इस वैश्विक लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सुखदा मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल योगदान करने लिए प्रयासरत है।  जीवन में तनाव, खाने की गलत आदत, स्मोकिंग तम्बाकू का सेवन,शराब की लत, आराम प्रस्थ जीवन यानी कंप्यूटर  इलेक्ट्रोनिक उपकरणों से सम्बंधित काम के लिए देर तक से समस्याए आती है।

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हार्टअटैक के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत अस्पताल पहुंचाएं
डॉ. अंकुर कामरा  ने बताया की हार्टअटैक के उपचार में  समय की एक एहम भूमिका है जनता में ये जागरूकता लानी जरूरी है कि अगर किसी को हार्ट अटैक का कोई लक्षण दिखाई दे तो उन्हें तुरंत प्रभाव से अस्पताल पहुंचाएं l हार्ट अटैक के मुख्य लक्षणो में सीने में दर्द दृ दिल के बीचों बीच कसाव महसूस हो, शरीर के दुसरे हिस्सों में सीने में दर्द, मन अशांत लगे या चक्कर आना  पसीने से तर बतर होना, सांस लेने में तकलीफ,  मितली आना ए उलटी जैसा लगे, बेचैनी महसूस हो, खांसी के दौरे जोर जोर से सांस लेना है।

डॉ. अंकुर कामरा ने बताया  कि इसके शहर के ही दो मरीज जिनकी उम्र 35 – 40 वर्ष थी। छाती के दर्द की शिकायत से भर्ती हुए थेजो की लॉक डाउन के चलते घर पर ही कंप्यूटर पर काफ ी समय तक कार्य करते थे एवं उनकी दिनचर्या में व्यायाम या सैर का कोई नियम नहीं था उर्जेंट ईसीजी ए ईको व अन्य टेस्टों से हार्ट अटैक कन्फ र्म हुआ डॉ. अनुज गोयल द्वारा उर्जेंट अन्जियो ग्राफी  अन्जियो प्लास्टी कर स्टंट द्वारा नाडी में हार्ट का रक्त प्रवाह पुनरू शुरू किया गया जिससे मरीजों की जान बचायी जा सकी।

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