हरियाणा

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के दौरान प्रदेश में 30 हजार बेटियों को कोख में मारने से बचाया गया: डॉ. गुप्ता

वुमन वीक के समापन पर वीसी के माध्यम से सीएमजीजीए प्रोग्राम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. राकेश गुप्ता ने किया संबोधित

भिवानी, 5 मार्च।        सीएमजीजीए प्रोग्राम के प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए गए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के दौरान प्रदेश में करीब 30 हजार बेटियों को कोख में मारने से बचाया गया है। उन्होंने कहा कि जहां पर हरियाणा प्रदेश की पहचान बेटियों को कोख में मारने के रूप मेें होती थी, वहीं आज बेटियों को बचाने के लिए हुई है। उन्होंने कहा कि बेटियों को बचाने व पढ़ाने की तरह ही प्रदेश में बच्चों को कुपोषण व एनीमिया से बचाव के लिए भी अभियान चलाना होगा।
श्री गुप्ता पांच दिवसीय वुमन वीक के समापन पर पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम को वीसी के माध्मय से संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मिस इंडिया फेमिना ग्रैंड मनिका श्योकंद विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। स्कूली छात्राएं व स्वयं सहायता समूह की महिलाएं मनिका की एक झलक पाने के लिए बेताब रहीं। श्री गुप्ता ने शानदार वुमन वीक के आयोजन पर उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य, सीएमजीजीए, नगराधीश, महिला एवं बाल विकास विभाग और शिक्षा विभाग को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 22 जनवरी 2015 को पानीपत से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी, उस वक्त प्रदेश की स्थिति लिंगानुपात मेंं देशभर में बहुत निचले पायदान पर थी। उस समय प्रदेश में लिंगानुपात एक हजार पर 871 था,जबकि आज यह बढक़र 922 हो गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कन्या भू्रण हत्या को रोकने  के लिए 850 रेड की गई हैं और इन रेड सबसे बड़ा योगदान ग्राहक बनने वाली गृभवती महिलाओं का रहा है, जो हरियाणा ही नहीं बल्कि प्रदेश के दूसरे हिस्सों में गई हैं। उनकी मदद से ही कन्या भू्रण हत्या करने वालों पर कार्रवाई हो पाई है। उन्होंने कहा कि कन्या भू्रण हत्या को रोकने लिए चलाए गए इस अभियान में सरकार, जिलाधिकारी के साथ-साथ आमजन का भी बहुत योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि हमें महिलाओं के साथ किसी भी कार्य स्थल पर होने वाले शोषण व सडक़ व सार्वजनिक जगहों पर लड़कियों के साथ होने वाली छेड़छाड़ की घटनाओं को भी रोकना है।
उन्होंने कहा कि बेटियों को केवल गर्भ में बचाने की ही चुनौति नहीं है, बल्कि बच्चे को गर्भ से बाहर आने पर उनकी सेहत के प्रति जागरूक होना होगा। उसका कुपोषण से बचाव करना है। उन्होंने कहा कि माताओं को इसके लिए जागरूक करें कि बच्चें का छह माह तक केवल मां का ही दूध दें और जन्म के एक घंटे बाद भी मां का दूध पिलाएं। कार्यक्रम के दौरान नगराधीश हरबीर सिंह ने सभी का स्वागत किया और सीएमजीजीए ने वुमन वीक के पांचों दिन की रिपोर्ट प्रस्तुत की। जिला कार्यक्रम अधिकारी परिनीता गोस्वामी ने सभी का आभार प्रकट किया। इस दौरान मिस मनिका की माता ममता श्योकंद, मामा कर्नल एसएस गिल व मामी नीलू गिल भी मौजूद रहीं। उपायुक्त श्री आर्य ने मनिका व उनके परिजनों को स्मृति चिन्ह भेंट किए। कार्यक्रम को ई-लर्निंग चैनल के माध्यम से स्कूलों व गांवों में सीधा प्रसारित किया गया।
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महिलाओं को घंूघट से बाहर आना होगा: मनिका
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंची मिस मनिका ने कहा कि महिलाओं को घंूघट से बाहर आना होकर स्वावलंबी बनना होगा। उन्होंने कहा कि लड़कियों को सपने देखने दें और उनको सपनों को कुचलने का प्रयास न करें। उन्होंने कहा कि आज पूरा हरियाणा विश्व मानचित्र पर छाया हुआ है। देश व दुनिया में हरियाणा का नाम है। हरियाणा की बेटियों ने विश्व स्तर पर अपना नाम रोशन किया है। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से कहा कि वे अन्य महिलाओं को आत्म निर्भर बनाएं।
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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त श्री जयबीर सिंह आर्य ने कहा कि वुमन वीक के माध्यम से महिला सशक्तिकरण का प्रयास किया गया है। महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई है। बच्चों को यह बताया गया है कि वे किस प्रकार से यौन शोषण से बच सकते हैं। महिलाओं को कार्य स्थल पर होने वाली शोषण की घटनाओं से बचने की जानकारी दी गई है। गांव रोहनात से बेटियों के नाम से नेम प्लेट लगाने की शुरुआत की गई है।
कार्यक्रम का संचालन अनीता नाथ ने किया। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी अजीत सिंह श्योराण, उप जिला शिक्षा अधिकारी संतोष नागर, प्राचार्या किरण गिल व डीपीसी कार्यालय से परमेश्वर शर्मा अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

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