हरियाणा

संत शिरोमणि रविदास की शिक्षाओं को व्यवहारिक जीवन में उतार कर समाज हित में दे योगदान : गौरव गुप्ता

राजेन्द्र कुमार
सिरसा, 27 फरवरी।  संत शिरोमणी श्री गुरु रविदास जी की 644वीं जयंती के उपलक्ष्य में शनिवार को स्थानीय श्री गुरु रविदास मंदिर एवं धर्मशाला में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल के चंडीगढ़ में हुए राज्य स्तरीय कार्यक्रम का वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम से सीधा प्रसारण भी किया गया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में नगरधीश गौरव गुप्ता ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इससे पहले नगराधीश ने  संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित व पुष्प अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम में संत रविदास मंदिर व धर्मशाला प्रतिनिधियों ने नगरधीश गौरव गुप्ता को स्मृति चिह्नï देकर सम्मानित किया गया।
नगराधीश गौरव गुप्ता ने कहा कि संतों व महात्माओं की शिक्षाएं किसी एक जाति, धर्म या समाज के नहीं होती बल्कि सम्पूर्ण मानवजाति के कल्याण के लिए होती हैं। समय-समय पर संत महात्माओं ने अपनी विचारधाराओं से समाज को नई दिशा देने के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियां खत्म करने का संदेश भी दिया है। संत रविदास जी ने सामाजिक समरस्ता का पाठ पढाया, इसलिए वे एक महान संत के रुप में पूजे जाते हैं। गुरु रविदास जी की सभी रचनाएं बड़ी ही सरल भाषा में है जिसे हर कोई व्यक्ति बड़ी आसानी से उनका अर्थ समझ सकता है। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणी रविदास जी की शिक्षाओं को व्यहारिक जीवन में उतार कर हमें अपनी ऊर्जा समाज व राष्टïहित में लगानी चाहिए ताकि एक सशक्त राष्टï्र व स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। विशेषकर युवा वर्ग संत रविदास जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए सामाजिक कुरीतियों को मिटाने में अपना योगदान दे। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपनी रचनाओं के माध्यम से यह संदेश दिया है कि व्यक्ति का कर्म व वचन शुद्ध हो क्योंकि हमारा आचरण वैसा ही होना चाहिए जैसी हम दूसरों से अपने लिए उम्मीद करते हैं। उनकी शिक्षाएं आज भी हमारा मार्गदर्शन करती है और समाज को सदभाव व समानता का संदेश देती हैं।

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