हरियाणा

मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना जल्द होगी लागू- मुख्यमंत्री मनोहर लाल

डॉ. बी. आर. अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना की वित्तीय सहायता को बढ़ाकर किया 80,000 रुपये, इस योजना का लाभ अब सभी वर्गों के बीपीएल परिवारों को मिलेगा,

चंडीगढ़, 27 फरवरी- हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अंत्योदय की भावना से गरीब से गरीब व्यक्ति के उत्थान के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए आज कईं जन कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने यह घोषणाएं आज अपने निवास पर आयोजित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 644वीं जयंती के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान की। इस अवसर पर बिजली एवं जेल मंत्री श्री रणजीत सिंह और भाजपा नेता श्रीमती बंतो कटारिया भी उपस्थित रहे। सभी 22 जिलों में एक साथ जिला स्तरीय कार्यक्रम भी आयोजित किए गए और इन कार्यक्रमों में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चंडीगढ़ में आयोजित कार्यक्रम से जुड़े।
इस मौके पर श्री मनोहर लाल ने कहा कि गुरु रविदास जी जैसे महान महापुरुषों की शिक्षाएं और उपदेश आज भी प्रासंगिक हैं। ऐसे महान व्यक्तित्वों के जीवन एवं शिक्षाओं से प्रेरणा लेते हुए राज्य सरकार हर जरूरतमंद का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए समर्पित रूप से कार्य कर रही है।

मुख्मंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना :-
श्री मनोहर लाल ने कहा कि जल्द ही एक अनूठी योजना ‘मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना’ राज्य में लागू की जाएगी, जिसके तहत परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) बनने के बाद प्रदेश में सबसे कम आय वाले 1 लाख परिवारों को चयन किया आएगा और उन्हें गरीबी रेखा से ऊपर उठाकर मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया जाएगा। ऐसे परिवारों की पारिवारिक आय कम से कम 8000 से 9000 मासिक सुनिश्चित करने के हर संभव प्रयास करेंगे। इसके लिए राज्य सरकार ऐसे परिवारों के सदस्यों के कौशल विकास पर जोर देगी, बेरोजगार सदस्यों को रोजगार के अवसर मुहैया करवाने की दिशा में कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र बनाने का काम तेजी से किया जा रहा है। अब तक 65 लाख परिवारों में से 54 लाख परिवारों के पीपीपी कार्ड बन चुके हैं और शेष भी जल्दी पूर्ण कर लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि परिवार पहचान पत्र से विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सरकार जमीनी स्तर पर पहुंचाने में कामयाब होगी।
डॉ. बी. आर. अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना की वित्तीय सहायता को बढ़ाकर किया 80,000 रुपये, इस योजना का लाभ अब सभी वर्गों के बीपीएल परिवारों को मिलेगा:-
मुख्यमंत्री ने डॉ. बी. आर. अम्बेडकर आवास नवीनीकरण योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले अनुसूचित जाति के परिवारों को घर की मरम्मत के लिए प्रदान की जाने वाली 50 हजार रुपये की वित्तीय सहायता को बढ़ाकर 80 हजार रुपये करने की घोषणा की।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब इस योजना का लाभ सभी वर्गों के बीपीएल परिवारों को मिलेगा। अब तक यह लाभ केवल अनुसूचित जाति के बीपीएल परिवारों तक ही सीमित था।
उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल, 2021 से बीपीएल परिवारों के लिए वार्षिक आय स्लैब को 1 लाख 20 हजार रुपये से बढ़ाकर 1 लाख 80 हजार रुपये किया गया है।
सामाजिक उत्पीडऩ के लिए अनुसूचित जाति को दी जाने वाली कानूनी सहायता बढक़र 21,000 रुपये की गई:-
श्री मनोहर लाल ने अनुसूचित जाति के लोगों को दी जाने वाली कानूनी सहायता की राशि को 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये करने की घोषणा की।
संत महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना :-
श्री मनोहर लाल ने कहा कि महान संतों द्वारा दी गई जातिवाद जैसे बुराइयों को दूर करने और सामाजिक सद्भाव एवं भाईचारे के संदेश को जन-जन जक पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार संत महापुरुष विचार सम्मान एवं प्रसार योजना की शुरुआत करने जा रही है। इसके तहत सामाजिक और धार्मिक संगठनों को ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर महापुरुषों की जयंती के अवसर पर  कार्यक्रम आयोजित करने के लिए कम से कम 50 हजार और अधिकतम एक लाख रुपये की वित्तिय सहायता सरकार की ओर से प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत नए वित्त वर्ष के लिए 11 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव श्री कृष्ण कुमार बेदी, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के प्रधान सचिव श्री विनीत गर्ग, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव और सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक डॉ. अमित अग्रवाल, हरियाणा अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की प्रबंध निदेशक सुश्री अमनीत पी. कुमार सहित प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए आमजन और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
क्रमांक- 2021
गौरव 

 
 
 
 
चण्डीगढ़ 27, फरवरी-  हरियाणा के राज्यपाल श्री सत्यदेव नारायण आर्य ने कहा कि संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास जी महाराज एक महान संत, दार्शनिक और समाज सुधारक थे। उनकी वाणी व शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। यह बात आज संत शिरोमणी श्री गुरु रविदास जी महाराज की जयंती के अवसर पर राजभवन में आयोजित समारोह में कही। उन्होंने श्री गुरु रविदास जी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर नमन किया। इस कार्यक्रम में लेडी गर्वनर श्रीमती सरस्वती देवी ने भी श्री गुरु रविदास जी की मूर्ति पर पुष्प अर्पित करके उन्हें याद किया।
श्री आर्य ने  इस अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई व शुभकामनाएं दी तथा सभी के लिए सुख शान्ति एवं समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि श्री गुरु रविदास पूरे संसार में समभाव चाहते थे। श्री गुरु रविदास जी ने अपनी वाणी में कहा भी है कि:-
‘‘ ऐसा चाहू राज मैं, जहां मिले सबन को अन्न।
छोट बड़ो सब सम बसै, रैदास रहे प्रसन्न‘‘।
श्री आर्य ने कहा कि श्री गुरु रविदास जी किसी एक जाति या सम्प्रदाय के नही थे बल्कि वे पूरी मानव जाति के पथ-प्रदर्शक थे। श्री गुरु रविदास जी का चिंतन भी किसी एक जाति तक सीमित नही था। आज रविदास जी अपने चिंतन-दर्शन और शिक्षाओं के कारण पूरे विश्व में प्रचारित है।
उन्होंने कहा कि गुरु जी की शिक्षाओं को हम सब ने अपने जीवन में उतार कर समभाव की ओर आगे बढऩा होगा तभी देश को भेदभाव से छुटकारा मिलेगा और देश तरक्की करेगा।
क्रमांक- 2021

 
 

चण्डीगढ़ 27, फरवरी-हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष प्रो. बृज किशोर कुठियाला ने कहा कि प्रदेश में उच्चतर शिक्षा विभाग के प्राध्यापकों के लिए जल्द ही ‘सेल्फ लर्निंग ई.अध्ययन कोर्स माड्यूल’ लागू करने का प्रयास किया जाएगा।
वे ‘हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद’ और ‘श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय, पलवल’ द्वारा ऑनलाइन आयोजित दस दिवसीय ‘सेल्फ लर्निंग ई.अध्ययन कोर्स वेयर फॉर डिजिटल टीचिंग ऑफ टीओटी इन हरियाणा’ नामक पायलट परियोजना के अंतिम दिन समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
उन्होंने पायलट परियोजना के सफल संचालन,मूल्यांकन और प्रतिभागियों के  फीडबैक पर संतोष प्रकट करते हुए कहा कि दिसंबर 2021 तक प्रदेश के सभी प्राध्यापकों को इस परियोजना से जोड़ते हुए प्रमाणीकृत करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि ‘सेल्फ लर्निंग ई.अध्ययन कोर्स माड्यूल’ प्राध्यापक-आधारित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण के बाद प्रशिक्षित प्राध्यापकों को दूसरे प्राध्यापकों को ट्रेनिंग देनी चाहिए। यही नहीं प्रशिक्षण प्राप्त प्राध्यापक अपनी टीम बनाकर ब्रेन-स्टॉर्मिंग करते हुए माड्यूल को बेहतर बनाने में भी मदद कर सकते है।
इस अवसर पर समापन सत्र में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज नेहरू ने कहा कि प्राध्यापकों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक करने एवं नई तकनीकों के संचालन के आवश्यक कौशल देने के लिए इस परियोजना को प्रारंभ किया गया है। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले प्रतिभागी अपने महाविद्यालयों में इन सीखी गई तकनीकों की सहायता से कक्षा का संचालन करेंगे तो विद्यार्थियों के बीच ऑनलाइन शिक्षा की स्वीकार्यता बढ़ेगी। कार्यक्रम में डॉ. अंशु भारद्वाज, हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के सलाहकार श्री के.के अग्निहोत्री,सहायक प्राध्यापक अमरेन्द्र कुमार आर्य, सहायक प्राध्यापिका राधिका प्रजापति, विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक सिद्धार्थ सरकार, प्रशिक्षण अधिकारी डॉ. चंचल भारद्वाज ने भी अपने विचार रखे।

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