हरियाणा

भगवान एक है और सर्वशक्तिमान है ,मनुष्य की आत्मा ईश्वर का एक कण है-चरणदास

- संत रविदास भक्ति आंदोलन के संत के साथ साथ एक अच्छे समाज सुधारक भी थे-चरणदास

भिवानी(      ) सन्त गुरु रविदास 15वीं शताब्दी के भक्ति आन्दोलन के एक महान गुरु व समाजसुधारक रहे हैं। वे जाति पाती के भेदभाव को नहीं मानते थे। उन्होंने भेदभाव को कम करने के लिए कई सामजिक प्रयास किए थे। वह एक महान संत, दार्शनिक, कवि ,और समाज सुधारक थे। रविदास जी ने सबको आपस में मिलजुल कर शांति से रहने की शिक्षा दी। गुरु रविदास जी ने अपना जीवन यापन करने के लिए जूते चप्पल बनाने का भी काम किया था। जिसमे संदेश दिया कि कोई भी कार्य छोटा व बड़ा नहीं होता, बस कार्य को करने की क्षमता होनी चाहिए । उपरोक्त विचार हनुमान ढाणी स्थित हनुमान जोहड़ी मंदिर धाम में युवा जागृति एवं जन कल्याण मिशन ट्रस्ट द्वारा आयोजित 26 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित तीन दिवसीय संत रविदास जयंती महोत्सव के शुभारंभ पर बोलते हुए बाल योगी महंत चरण दास महाराज ने कहे ।
      उन्होंने कहा कि संत रविदास महाराज के जीवन प्रसंग से हर वर्ग को प्रेरणा लेनी चाहिए और समाज व राष्ट्र के उत्थान के लिए आगे आना चाहिए। कहा कि संत रविदास ने अपने सिद्धांत में व्यक्ति को जाति – पाती से ऊपर उठकर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी है। हमें इस प्रकार की उलझनों में नहीं उलझना चाहिए। हमें देश धर्म की रक्षा के लिए अपने अच्छे कर्म करने चाहिए । चरण दास महाराज ने स्वामी रविदास महाराज के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान एक है और सर्वशक्तिमान है ।मनुष्य की आत्मा ईश्वर का एक कण है। इसलिए हमें मानवता से प्रेम करना चाहिए।
     इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष अशोक सिंह राजस्थानी, शहीद भगत सिंह ब्रिगेड के प्रभारी सुनील चौहान ,सामाजिक कार्यकर्ता इमरान बापोड़ा,समाजसेवी सुरेंद्र कुमार व राष्ट्रीय युवा पुरस्कार अवॉर्डी अशोक कुमार भारद्वाज ने कहा कि युवाओं को संत महात्माओं के जीवन व त्याग से प्रेरणा लेनी चाहिए और राष्ट्र धर्म की सेवा के लिए काम करना चाहिए । उन्होंने कहा कि संत रविदास बचपन से ही परोपकारी और दयालु स्वभाव के थे। दूसरों की सहायता करना उन्हें बहुत अच्छा लगता था। खास कर साधु-संतों की सेवा और प्रभु स्मरण में वे विशेष ध्यान लगाते थे। मन जो काम करने के लिए अंत:करण से तैयार हो, वही काम करना उचित है। अगर मन सही है तो इसे कठौते के जल में ही गंगा स्नान का पुण्य प्राप्त हो सकता है। इस प्रकार के उनके व्यवहार के बाद से ही यह कहावत प्रचलित हो गई कि- ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा। वह बहुत ही बुद्धिमान थे। रविदास जी एक महान समाज सुधारक थे।
इस अवसर पर समाजसेवी सुरेंद्र कुमार, नशा मुक्ति अभियान राजस्थान के संयोजक अशोक सिंह ,इमरान बापोड़ा, भगत सिंह ब्रिगेड के प्रभारी सुनील चौहान, भगत सिंह ब्रिगेड वैश्य कॉलेज के प्रमुख मनीष तंवर, राष्ट्रीय बजरंग दल से जिला मंत्री अमित कुमार ,अशोक तिगड़ी, श्याम पाल ,भीम तंवर देवशर ,जॉनी श्योराण हड़ोदी,विजय सैन, तेजबीर दहिया सहीत अनेक गणमान्य व्यक्ति तीन दिवसीय जयंती महोत्सव के शुभारंभ में शामिल रहे।

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