हरियाणा

कृषि कानूनों के विरोध में किसानो का आंदोलन 94वे दिन भी जारी रहा।

शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसान मजदुर दिवस के साथ संत गुरु रविदास जयंती मनाई।

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर शनिवार को किसानो की और से किसान-मजदुर एकता दिवस मनाया गया। किसान आंदोलन को चलते हुए 94 दिन हो चुके है। कृषि कानूनों के विरोध में किसानो का आंदोलन जारी है। किसानो की और से संत गुरु रविवदास की जयंती के साथ चंद्रशेखर आजाद का बलिदान दिवस भी मनाया गया और महापुरुषों को नमन कर अपनी श्रद्धांजलि दी। खेती सेक्टर और किसान आन्दोलन में युवाओं की भागीदारी के सम्मान में आज युवा किसान दिवस मनाया गया। किसानो की और से रेवाड़ी के नेहरू पार्क में एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया गया और कृषि कानूनों को वापस लेने की पुरजोर मांग की गई। इस दिन  मंच पर मौजूद युवाओं ने कसम खाई कि वे इस आंदोलन को सफल बनाएंगे और वे शहीदों के बलिदान को बेकार नहीं जाने देंगे। इस दौरान कॉमरेड राजेंद्र सिंह, भाकियू प्रधान समयसिंह, उपप्रधान कुलदीप सिंह आदि वक्ताओं ने सम्बोधित किया और कानूनों को रद्द करने की मांग की। इस दौरान युवाओं ने रोजगार का भी मुद्दा उठाया और पिछले दिनों से देश में चल रहे ऑनलाइन कैंपेन का भी समर्थन किया। बढ़ रही बेरोजगारी और शिक्षा के निजीकरण का मुद्दा भी युवाओ ने इस मंच पर रखा। युवाओं ने कहा कि अब हमें समझ में आ गया है कि सरकार युवाओं को खेती से निकालकर शहरों में सस्ते मजदुर के रूप में तैयार करना चाहती है जिसे वे कतई स्वीकार नहीं करेंगे. युवाओं ने इस तरह संस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए. युवा गीतकार रोमी घमाना ने आन्दोलनजीवी गीत लांच किया। युवाओं ने इस दौरान मोदी सरकार को न सिर्फ किसान विरोधी कहा बल्कि युवा विरोधी और विद्यार्थी विरोधी भी करार दिया।

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