हरियाणा

सरकार किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिये हथकंडे अपना रही है:अभय चौटाला

राजेन्द्र कुमार
सिरसा,25 फरवरी। इंडियन नेशनल लोकदल के प्रधान महासचिव व ऐलनाबाद के पूर्व विधायक अभय सिंह चौटाला ने कहा कि उन्होंने किसानों के हित के लिए हरियाणा विधानसभा से इस्तीफा देकर कोई एहसान नहीं किया और न ही उन्हें किसी सम्मान की जरूरत है क्योंकि उनका हित किसानों के साथ ही जुड़ा हुआ है।
वे गुरुवार को डबवाली रोड स्थित इनेलो जिला कार्यालय में कालांवाली हलके के पार्टी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की बैठक ले रहे थे। इस दौरान उन्होंने सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से आगामी 3 मार्च को सुबह 10 बजे ऐलनाबाद की नई अनाजमंडी में होने वाली महा किसान
पंचायत के लिए अधिकाधिक संख्या में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि चूंकि इनेलो पूर्व उपप्रधानमंत्री चौधरी देवीलाल द्वारा स्थापित किया गया किसान हितैषी संगठन है, इसलिए सभी को इस संगठन में शामिल होकर किसानों की आवाज को बुलंद करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार किसान आंदोलन को कमजोर करने के लिए ओछे हथकंडे अपना रही है मगर किसान आंदोलन पहले से कहीं अधिक मजबूत हो रहा है और दिल्ली बॉर्डर पर किसानों की संख्या बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली बॉर्डर पर बैठे किसानों ने माना है कि इस आंदोलन में सिरसा के किसानों का अहम योगदान है। अभय सिंह चौटाला ने कहा कि यह किसान आंदोलन केवल भारत तक नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फैल चुका है और विदेशों में भी भारत सरकार की ओर से जारी किए गए तीनों कृषि कानूनों का विरोध किया जा रहा है। केंद्र सरकार एमएसपी समाप्त करना चाहती है मगर अब हालात ये है कि जिन राज्यों में एमएसपी नहीं दी जाती थी, उन राज्यों के किसानों ने भी इस किसान आंदोलन को अपना भरपूर समर्थन देना आरंभ कर दिया है। केंद्र सरकार का हाथ पूंजीपतियों के सिर पर है और वे पूरे देश को ही पूंजीपतियों के हाथ बेचने पर आतुर है। उन्होंने दोहराया कि यदि ये तीनों कृषि कानून देश में पूरी तरह से लागू हो गए तो फिर किसान अपने ही खेत में मजदूर बनकर रह जाएगा। इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस आंदोलन की वजह से अपनी भूल सुधारने की बजाए इसे लंबा खींच रहे हैं। कांग्रेस को कटघरे में खड़ा करते हुए इनेलो नेता ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा में विपक्ष की सही तरीके से जिम्मेदारी नहीं निभाई। किसान हितैषी कहने वाली इस पार्टी के साथ साथ अन्य राजनीतिक दलों के भी नेताओं ने भी बॉर्डर पर किसानों के बीच जाने की हिम्मत नहीं दिखाई। कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा में न तो इस मुद्दे पर काम रोका प्रस्ताव ही लाया और न ही शून्यकाल में इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि हरियाणा और देश में सबसे पहले चौधरी देवीलाल ने ही किसान हितैषी निर्णय लेते हुए बुढ़ापा पेंशन, टे्रक्टरों को व्यावसायिक वाहन की बजाए गड्डा घोषित करने और किसानों की कर्जा माफी जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए थे।
इस दौरान मीडिया कर्मियों से चर्चा करते हुए इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कहा कि जो नेता किसानों की बातों का समर्थन कर रहे हैं, सरकार उनके यहां छापे आदि डलवाकर उन्हें परेशान करने व डराने धमकाने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू को बगैर किसी भय के किसानों के हित के लिए संघर्ष करते रहना चाहिए। एक प्रश्र के उत्तर में इनेलो नेता ने प्रश्र उठाते हुए कहा कि पिपली में किसानों पर हुए लाठीचार्ज पर जजपा की ओर से दिए गए वक्तव्य में कहा गया था कि ये लाठी किसान की पीठ पर नहीं बल्कि चौधरी देवीलाल की पीठ पर पड़ी है, क्या उस मामले में जांच रिपोर्ट आई है? पेट्रो पदार्थों के दामों में हुई वृद्धि को उन्होंने आम आदमी की महंगाई से कमर तोडऩा बताया। हरियाणा विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने वाले बजट को उन्होंने कर्जा बजट बताया क्योंकि हरियाणा पर इस समय 2 लाख करोड़ का कर्ज है। इस अवसर पर उनके साथ पूर्व मंत्री भागीराम, इनेलो महिला विंग की जिलाध्यक्ष कृष्णा फौगाट, विनोद दड़बी, नगरपालिका कालांवाली के पूर्व अध्यक्ष राजीव कुमार व बुधर सिंह मौजूद थे।

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