हरियाणा

मिताथल में अनुसूचित जाति के लोगों ने किसानों का किया समर्थन

अन्नदाता की माली हालत को सुधारने की बजाय कॉरपोरेट को सौंपी जा रही है कृषि : विनोद

भिवानी, 16 जनवरी : कृषि कानूनों को रद्द करवाने के लिए दिल्ली बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों के लिए हर रोज मदद के हाथ आगे बढ़ रहे हैं। हर कोई अपने सामथ्र्य अनुसार आंदोलन कर रहे किसानों के लिए रोजाना कुछ ना कुछ भेज रहे हैं। शनिवार को भी ग्राम पंचायत मिताथल से अनुसूचित जाति के लोगों का काफिला 600 लीटर दूध, 600 किलो लस्सी सहित अन्य खाद्य सामग्री सहित टिकरी बॉर्डर के लिए रवाना हुए। इस अवसर पर दिल्ली जाटू खाप-84 के प्रधान रोहताश पहलवान मिताथल, अनिल हवलदार, अनिप सिवाच, सुमित, अमित पाटिल, संदीप सिवाच, सुखबीर सिवाच, नान्या सिवाच, मोनू, लीलू, जोगेंद्र, बिजेंद्र पहलवान, सुंदर, टिकलू, संता, बसंत आदि काफिले सहित रवाना हुए। इस मौके पर उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए विनोद सांगवान मिताथल ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है, पर सरकार अन्नदाता की माली हालत को सुधारने की बजाय कृषि सिस्टम को कॉरपोरेट को सौंप रही है। जिससे किसान तो खत्म होंगे ही। उसके बाद एक एक कर व्यापारी, मंडी व बीपीएल परिवार खत्म होंगे और एक दो साल बाद फिर आम जनता को दो जून की रोटी के लाले पड़ जाएंगे। इन हालातों में देश में केवल बहुत उच्च वर्ग और बहुत निम्न वर्ग ही बचेगा। रोजग़ार तो दूर लोगों को रोटी के लिए लाले पड़ जाएंगे। उन्होने सरकार से मांग की कि ये तीनों क़ानून रद्द कर सरकार को किसानो की हालत सुधारने पर ज़ोर देना चाहिए। साथ ही किसानों ने कहा कि जब तक किसान बॉर्डर पर धरने पर बैठे रहेंगे, वे भी किसानों का समर्थन करते हुए अपना सहयोग देते रहेंगे और सामग्री वाहन रवाना करते रहेंगे।

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