हरियाणा

बुलंद हौसले और उमंग के साथ हुआ कोरोना संक्रमण से बचाव के टीकाकरण अभियान का शुभारंभ

विधायक घनश्याम दास सर्राफ और उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने किया रिबन काटकर शुभारंभ

भिवानी, 16 जनवरी।     कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान का शुभारंभ चौ. बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल में बड़े ही बुलंद हौसले व उमंग के साथ हुआ है। भिवानी से विधायक  घनश्याम दास सर्राफ और उपायुक्त जयबीर सिंह आर्य ने अस्पताल में बनाए गए वॉररूम में रिबन काटकर इस अभियान का शुभारंभ किया। सामान्य अस्पताल के एंबूलेंस चालक राजकुमार को यहां पर पहला टीका लगवाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उपायुक्त श्री  आर्य और विधायक श्री सर्राफ ने राजकुमार को पहला टीकाकरण लगने पर बधाई दी। इस दौरान स्क्रीन पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों को टीकाकरण शुभारंभ पर दिए गए संदेश को भी दिखाया गया।
उल्लेखनीय है कि शनिवार से पूरे देश में प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा कोविड-19 महामारी से बचाव के लिए टीकाकरण का शुभारंभ किया गया। भिवानी में चौ. बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल और हांसी गेट स्थित केएम स्कूल में टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। टीकाकरण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा मतदान की तरह ही समुचित व्यवस्था की गई। बड़े ही बुलद हौसले, चाव व उमंग के साथ स्वास्थकर्मी टीका लगवाने के लिए लाईनों में लगे। भिवानी में एंबूलेंस के चालक सेक्टर 13 निवासी राजकुमार को पहला टीका लगा। इस अभियान में यहां पर राजकुमार को स्वास्थ कर्मी सावित्री ने पहला टीका लगाया। उपायुक्त और विधायक ने सावित्री को अभियान की अग्रिम पंक्ति में शामिल होने पर शुभकामनाएं दी।
इस दौरान अपना संदेश देते हुए विधायक श्री सर्राफ ने कहा कि पहले चरण में कोरोना योद्धा रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि इससे प्रथम पंक्ति में काम करने वाले कर्मचारियों में बीमारियों से लडऩे की क्षमता और अधिक बढग़ी,जिससे उनके मन में किसी भी प्रकार का भय दूर हो जाएगा।
उपायुक्त श्री आर्य ने कहा कि भिवानी में कोरोना पर लगभग पूरी तरह काबू कर लिया गया है। जिला में पिछले कई दिनों से कोरोना संक्रमित नए मरीजों की जीरो रिपोर्ट हो रही है। इसका पूरा श्रेय स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ लोगों की जागरूकता को जाता है। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लोग मास्क का प्रयोग कर रहे हैं और एक-दूसरे के बीच उचित दूरी बनाए रखे हुए हैं, यह लोगों की सतर्कता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीकाकरण के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी की हैं। टीकाकरण पूरी तरह से सुरक्षित है और इसका कोई विपरित प्रभाव नहीं होगा। यदि किसी को टीकाकरण का कोई प्रतिकूल प्रभाव होता है तो उसके लिए यहीं पर एक रूम स्थापित किया गया है, जहां पर उसका उपचार किया जाएगा। अधिक परेशानी की स्थिति में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज या रोहतक पीजीआई भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने व्यवस्था  बनाने में पूरी मेहनत की है।
इस दौरान सिविल सर्जन डॉ. सपना गहलावत, डॉ. रघुबीर सांडिल्य, जिला कोविड प्रभारी डॉ. राजेश, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. आशीष सांगवान, डॉ. राज, डॉ. अप्रूवा, डॉ. आयूषी व डॉ. करण पूनिया के अलावा अनेक चिकित्सा अधिकारी मौजूद रहे।
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कोरोना संक्रमण  बचाव का पहला टीका लगना मेरा सौभाग्य है: राजकुमार
सामान्य अस्पताल में टीकाकरण के लिए हालांकि पहला टोकन स्वास्थ्य कर्मी सुनील को मिला, लेकिन उसके पास आईडी मौजूद नहीं होने से पहला टीका स्थानीय सेक्टर 13 निवासी 49 वर्षीय राजकुमार को लगा। राजकुमार ने कहा कि यह उनका सौभाग्य रहा है कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए चलाए गए अभियान में सामान्य अस्पताल में पहला टीका उनको लगा है। यह उनके लिए ही नहीं बल्कि पूरी एंबूलेंस सेवा में कार्य करने वालों के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि उनकी तमन्ना थी कि काश पहला टीका उनको लगे और भगवान ने उनकी अरदास पूरी की है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण से उनके मन-मस्तिष्क में किसी प्रकार कोई घबराहट या भय नहीं है। वे अपने अन्य साथियों का भी मनोबल बढ़ाएंगे।
इस प्रकार है टीकाकरण की व्यवस्था
सुरक्षित टीकाकरण की व्यवस्था भी एक तरह मतदान की तरह ही बनाई गई है। स्वास्थ्य विभाग के निर्देशानुसार बनाई गई व्यवस्था के तहत सबसे पहले व्यक्ति वैक्सीनेशन ऑफिसर-1 के पास जाता है, वहां पर उसका सूची में नाम और आईडी चैक की गई। उसके बाद उसे वैक्सीनेशन ऑफिसर-2 के पास भेजा जाता है, जहां पर उसका नाम विभाग की कोविन एप में चैक किया जाता है और उसके नाम का मिलान किया जाता है। यहां पर वेरीफाई होने के बाद उसे वैक्सीनेशन ऑफिसर-3 के पास भेजा जाता है, यहां पर उसको वैक्सीन दी जाती है। वैक्सीन के बाद यहां पर ऑब्जर्वेशन रूम बनाया गया है, जहां पर वैक्सीन देने के बाद व्यक्ति को आधा घंटा बैठाया जाता है ताकि वैक्सीन के किसी प्रकार के साईड इफेक्ट का पता चल सके। यदि कोई साईड इफेक्ट आता है तो यहां पर एएफआई रूम की व्यवस्था की गई है, जहां पर किसी प्रकार की दिक्तत होने पर उसका उपचार किया जाता है।

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