हरियाणा

सिरसा में  धरनारत किसानों ने फूंका केंद्र सरकार का पुतला

राजेन्द्र कुमार
सिरसा,17 अक्टूबर। केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीन कृषि बिलों को लेकर पंजाब के आंदोलन रत्त किसानों को केंद्र सरकार द्वारा निमन्त्रण देने के बावजूद बातचीत न करने से खफा सिरसा में धरनारत पक्का मोर्चा के किसानों ने शनिवार को बरनाला रोड स्थित भूमणशाह चौक पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। इस दौरान धरनारत किसानों ने केंद्र सरकार से तुरंत प्रभाव से तीनों काले कानूनों को निरस्त करने की मांग की।
इस मौके पर हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा व जसबीर भाटी ने संयुक्त रूप से बताया कि केंद्र सरकार ने कोविड की आड़ में किसानों को बर्बाद करने के लिए तीन काले कानून चोरी छिपे धक्के से बना दिए। इन तीनों काले कानूनों से किसान बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसानों में फूट डालने के लिए औच्छे हथकंडे अपना रही है। पंजाब के किसानों को पहले दिल्ली बुलाया गया, लेकिन वहां कृषि मंत्री ही नहीं पहुंचे, जिसके कारण वार्ता विफल हो गई और किसान मीटिंग बीच में ही छोड़कर आ गए। सरकार की मंशा है कि पहले पंजाब के किसानों को मना लेंगे और फिर हरियाणा वालों को जबरन उठा देंगे। लेकिन अब ऐसा कुछ नहीं होने वाला है। देश का मेहनतकश किसान वर्ग जाग चुका है और सरकार की चालबाज नीतियों को भली भांति समझने लगा है। किसान नेताओं ने कहा कि ये किसी एक राज्य का नहीं, बल्कि 29 राज्यों का संयुक्त फैसला है कि जब तक इन काले कानूनों को सरकार वापिस नहीं लेता, वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने बताया कि 20 अक्तूबर को रोहतक में समन्वय समिति की बैठक है, जिसमें आंदोलन की आगामी रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की जाएगी। किसान नेताओं ने कहा कि पहले किसानों के दो दल थे, लेकिन अब किसान एक मंच पर आ गए हैं और मिलकर किसानों के हक की लड़ाई को लड़ेंगे और उसे अंजाम तक पहुंचाएंगे। सिरसा में परमल धान की खरीद नहीं होने को लेकर उन्होंने कहा कि रतिया में धरनारत किसानों ने आज सुबह बिहार से लाए जा रहे पांच ट्रक परमल धान के पकड़े हैं, जोकि सरकार की मिलीभगत के बिना मुमकिन नहीं है। सरकार बाहर से धान खरीदकर यहां के किसानों को गुमराह कर रही है। पकड़े गए ट्रक चालकों के पास बकायदा बिल भी मिले हैं। किसानों ने तुरंत कार्रवाई की मांग की है। अगर कार्रवाई नहीं हुई तो सरकार को इसके अंजाम भुगतने पड़ेंगे। सरकार को चेताते हुए कहा कि जल्द तीनों बिलों को निरस्त नहीं किया गया तो सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं। इस मौके पर भारी संख्या में किसान उपस्थित थे।

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