Breaking Newsदुनियाराजनीती

मेधा पाटेकर उतरी तीन कृषि कानूनों के खिलाफ ! पढ़िए मेधा पाटेकर के विचार इन कानूनों के बारे में

कृषि आधारित कानूनों से किसानों में भ्रम पैदा कर रही है सरकार: मेधा पाटेकर

 

राजेंद्र कुमार
सिरसा। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित किए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसानों द्वारा शहीद भगत सिंह स्टेडियम में दिए जा रहे धरने पर शनिवार को नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटेकर पहुंची। उन्होंने सर्वप्रथम केंद्र सरकार द्वारा पारित किए गए तीनों कानूनों को तुरंत प्रभाव से सरकार से वापिस लेने की मांग की।
तीनों कृषि कानूनों पर प्रकाश डालते हुए पाटेकर ने बताया कि सरकार यह प्रचार कर रही है कि इन कानूनों से मंडी को खत्म नहीं किया जाएगा, जबकि इसके उल्ट मंडियां तो अपने आप समाप्त हो जाएंगी, क्योंकि किसान की फसल को कांटे्रक्टर खरीद करेंगे। सरकार का तर्क है कि मंडियों में आढ़ती भ्रष्टाचार करते हैं और किसानों को मंडियों में लूटते हैं, लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। आढ़ती और किसानों का शुरू से ही गहरा नाता रहा है। सरकार इस रिश्ते को तोडऩे के लिए किसानों में भ्रम पैदा कर रही है। वहीं एमएसपी के लेकर मेधा पाटेकर ने कहा कि केंद्र सरकार एमएसपी को लेकर भी किसानों में भ्रम डाल रही है। जबकि इन कानूनों के लागू हो जाने के बाद एमएसपी बिल्कुल खत्म हो जाएगा। जिसका सीधा फायदा अंबानी और अडानी जैसे बड़े घरानों को होगा। कांट्रैक्ट खेती को बढ़ावा देने के सरकार के प्रयासों के विरोध में बोलते हुए कहा कि सरकार किसानों की भूमि छीनने का प्रयास कर रही है। यह काला कानून लागू होते ही किसान भूमिहीन हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की समस्याओं को सुधारने की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है, बल्कि पंूजीपतियों को लाभाविंत करने के लिए नए-नए प्रयोग कर रही है। ये अकेले किसान वर्ग की लड़ाई नहीं है। किसानों की इस लड़ाई में समाज के सभी वर्गों को मिलकर साथ देना होगा, ताकि सरकार को इन काले कानूनों को निरस्त करने के लिए मजबूर किया जा सके। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सिर्फ और सिर्फ अपने मन की बात करते हैं। दूसरों के मन की बात सुनने का उनके पास समय ही नहीं है। जहां आपसी संवाद खत्म हो जाता है, वहां संवेदनाएं भी खत्म हो जाती है। जोकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में बखूबी देखा जा सकता है। भाजपा सरकार संवेदनहीन हो चुकी है। अपने वक्तव्य के अंत में उन्होंने एक नारा देते हुए कहा कि देश का नवनिर्माण हो रहा है और देश के हर नागरिक को सरकार की तानाशाही के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद करना ही होगा। उन्होंने सरकार से डिमांड की कि गेहूं का भाव 3 हजार रुपए व कपास का भाव 9 हजार रुपए किया जाए। मेधा पाटेकर ने किसानों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि जहां डटकर लड़ते हैं, वहां हर हाल में जीत हासिल होती है। इस मौके पर हरियाणा किसान मंच के प्रदेशाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, किसान समिति हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष मनदीप नथवान, भारतीय किसान यूनियन के महासचिव दिलबाग सिंह हुडा, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष विकास सिसर सहित अन्य किसान संगठनों के पदाधिकारी व किसान उपस्थित थे।

Back to top button
x

COVID-19

India
Confirmed: 8,137,119Deaths: 121,641
Close
Close