हरियाणा

कृषि अध्यादेश को लेकर सिरसा में किसान संगठन आमने-सामने

राजेन्द्र कुमार
सिरसा,26सितंबर। केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में पारित किए गए तीन कृषि अध्यादेश को लेकर आज भाजपा समर्थित एक किसान संगठन द्वारा सिरसा में ट्रैक्टर मार्च निकालने को लेकर पिछले काफी समय से आंदोलन पर उतारू दूसरे किसान संगठन काले झंडे लेकर सड़कों पर उतर आए और आमने-सामने हो गए ।
जिला प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात कर स्थिति को संभाला।
केंद्र सरकार द्वारा पारित तीन कृषि अध्यादेश ओं के खिलाफ कल देशव्यापी भारत बंद के बाद आज हरियाणा के सिरसा में भाजपा समर्थित एक किसान संगठन ने ट्रैक्टर मार्च निकालकर अध्यादेश का समर्थन करते हुए सरकार के पक्ष में नारे लगाए और जिला उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार को धन्यवाद पत्र सौंपा। ट्रैक्टर मार्च का यह सिलसिला अंबेडकर चौक से आरंभ होकर उपायुक्त के आवास तक पहुंचा इस मार्च का नेतृत्व करण चाड़ीवाल कर रहे थे।
भाजपा समर्थित तथाकथित ग्रामीण किसान संगठन द्वारा ट्रैक्टर मार्च निकालने की भनक यूं ही जिला मुख्यालय पर लंबे समय से धरना दे रहे किसानों को लगी तो वह आक्रोशित हो उठे और काले झंडे लेकर सामने रवाना हो गए
। यकायक बनी स्थिति का समाचार  ज्यों ही जिला के उच्च प्रशासनिक अधिकारियों को पहुंचा तो उनके हाथ पांव फूल गए और आनन-फानन में भारी पुलिस बल तैनात कर टकराव को टाला। जिला उपायुक्त को ज्ञापन देने जा रहे किसानों को बाबा भूमणशाह चौक के पास रोक लिया गया और उपायुक्त के आवास पर जाकर ज्ञापन सौंपा वही दूसरी ओर आक्रोशित किसान लघु सचिवालय में चल रहे धरना स्थल से खड़े होकर ट्रैक्टर मार्च के सामने बरनाला रोड पर आ धमके और सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के नुमाइंदों वह ट्रैक्टर यात्रा निकाल रहे तथाकथित किसान संगठन के प्रतिनिधियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
अखिल भारतीय स्वामीनाथन किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष विकल्प अचार ने इस मौके पर मीडिया को बताया कि केंद्र सरकार द्वारा पारित तीनों अध्यादेश किसान विरोधी हैं इन अध्ययनों के लागू हो जाने से किसान भारी दुविधा से घिर जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की शह पर चंद् लोग बाड़े के ट्रैक्टर लाकर सरकार की छवि सुधारने के लिए ट्रैक्टर मार्च निकालने का स्वांग कर रहे हैं उन्होंने कहा इन तथाकथित किसान नेताओं को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा विकल्प अचार में बताया जिला भाजपा की ओर से ट्रैक्टर मार्च निकालने के संदेश को लेकर जिला भर के सरपंचों वह अन्य जनप्रतिनिधियों को ड्यूटी लगाई गई कि वे लोग ट्रैक्टर लेकर आएं और मार्च में शामिल हो मगर ग्रामीण सरपंचों ने सूझबूझ से परिचय लेते हुए इस सॉन्ग में शिरकत नहीं की वे धन्यवाद के पात्र हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के नजदीक लगते ईंट भट्ठा व किराए के ट्रैक्टर लाकर यह ट्रैक्टर मार्च निकाला गया है इसका किसानों से कोई सरोकार नहीं है। इसके बाद जिला उपायुक्त रमेश चंद्र विधान ने धरना स्थल पर बैठे किसानों से मिलकर शांति बनाए रखने की अपील की।
जब इस संदर्भ में ट्रैक्टर मार्च का नेतृत्व कर रहे करण चाड़ीवाल से पूछा गया तो बताया कि वह स्वयं ही ट्रैक्टर मार्च निकालने जिला मुख्यालय पर आए थे उन्होंने बताया अगर राज्य सरकार ने एमएसपी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की तो वे सरकार के विरोध में खड़ा होने में कतई हिचकिचाहट नहीं करेंगे।
जब इस सिलसिले में भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष आदित्य देवीलाल से उनका पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

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