हरियाणा

वर्चुवल आभासी रैली आयोजन किया गया

भिवानी, 29 जून। अनुसूचित जाति / जन जाति संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ
द्वारा एक विशाल राष्ट्रीय स्तर पर वर्चुवल आभासी रैली आयोजन किया गया।
शहर के बावड़ी गेट क्षेत्र स्थित गुरु रविदास मन्दिर में लाईव रैली
कार्यक्रम में परिसंघ के उपाध्यक्ष राजेन्द्र कुमार जोगपाल , हजरस के
बलजीत दहिया, जिला संयोजक मण्डल सीता राम रंगा, हरिराम सुर्दशन पौडिया,
अजीत दहिया ,पवन डेनवाल,सीताराम लांग्यान, रणसिंह सभ्रवाल, चरण सिहं
दहिया एडवोकेट ,सूबेदार तुलसी राम मेहरा ,धर्मबीर प्रजापत,रोशन लाल
एडवोकेट,रामकुमार दिनोदिया  प्रदीप रंगा, शिवकुमार गोठवाल, ईश्वर नागर
,कृष्ण प्रताप निगम, जसवन्त ग्रेवाल, रमेश मुण्डारा, सतीश मास्टर ,
बलवान सिंह मेहरा,सुखबीर सिहं  ,राजबीर ,अश्वनी, राममेहर जागड़ा ,साधुराम
व कली राम सरोहा आदि शामिल हुए।
परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज ने इस रैली के माध्यम से नये
नारे अधिकारों के लिए दलित/पिछड़ा वर्ग जन मानस को  एकजुट होने और संघर्ष
करने का आह्वान किया है।  सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों और सार्वजनिक
क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण के विरोध को मुख्य कारण बनाया गया है।
एससी / एसटी कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों के अधिकांश लोगों तक पहुंचने
के लिए लॉक डाउन अवधि के दौरान, 53 ज़ूम कॉन्फ्रेंस, विभिन्न फेस बुक और
ट्विटर जीवन किए गए।  इसे कई ओबीसी और अल्पसंख्यक सामाजिक संगठनों तक
पहुंचने का भी प्रयास किया गया है।
परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज ने कहा कि सर्वोच्च
न्यायालय और उच्च न्यायालय एससी,एसटी, ओबीसी के हितों और आरक्षण के खिलाफ
निर्णय देते रहे हैं।  22 अप्रैल 2020 को सर्वोच्च न्यायालय ने माना कि
आरक्षण 50फीसदी की सीमा से अधिक नहीं हो सकता।  अविभाजित आन्ध्र प्रदेश
में 2000 में, अनुसूचित जनजातियों को 100फीसदी आरक्षण प्रदान किया गया
जहां उनकी जनसंख्या 100फीसदी थी।  राज्य सरकारें इन समुदायों की जनसंख्या
के अनुसार आरक्षण देने के लिए बाध्य हैं।  आंध्र प्रदेश राज्य के विभाजन
के बाद, अब तेलंगाना के चार जिलों में, जहां आदिवासी आबादी 100फीसदी है,
कानून के दायरे में यह बहुत अच्छी तरह से है कि उन्हें 100फीसदी आरक्षण
दिया जाए लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह 50 फीसदी से अधिक नहीं हो
सकता है  ।  जब सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को 10फीसदी
आरक्षण दिया गया तो सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा क्यों नहीं किया। इस रैली
हरियाणा प्रदेश के परिसंघ के अलावा अन्य जन संगठनों व मंचों ने अपना
सहयोग व सर्मथन किया हैं।

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