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एसएलसी के बिना नहीं होगा स्कूलों में एडमिशन, स्कूल प्रतिनिधियों को शिक्षा मंत्री ने दिया आश्वासन

Haryana : Admission in schools will not happen without SLC, education minister assured school representatives

पंचकुला l शिक्षा विभाग की ओर से पिछले दिनों बिना स्कूल लीविंग स्र्टीफिकेट (एसएलसी) के सरकारी स्कूलों में एडमिशन देने संबंधी निर्णय को विभाग जल्द ही वापस लेगा। शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुज्जर ने शुक्रवार को पंचकुला स्थित शिक्षा निदेशालय कार्यालय पर विभिन्न स्कूल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में यह आश्वासन दिया है। सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ व हरियाणा प्राइवेट स्कूल एवं चिल्ड्रन वेलफेयर ट्रस्ट ने शिक्षा मंत्री के इस फैसले का स्वागत किया है।
विदित हो कि गत 15 जून को शिक्षा विभाग ने बिना एसएलसी के ही सरकारी स्कूलों में एडमिशन दिए जाने का विवादास्पद निर्णय लिया था। विभाग के इस फैसले पर प्राइवेट स्कूलों ने कड़ा एतराज जताया था। सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सेठी ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर एसोसिएशन की तरफ से विधायकों को ज्ञापन सौंपते हुए इस निर्णय को वापस लेने की गुहार लगाई थी। विशेष तौर पर बरवाला के विधायक जोगीराम सिहाग ने एसोसिएशन को विश्वास दिलाया था कि वे इस मुद्दे को शिक्षा मंत्री के समक्ष रखते हुए समाधान कराएंगे। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को शिक्षा निदेशालय पर हुई बैठक में शिक्षा मंत्री के साथ साथ विभाग के उच्चाधिकारी विशेष तौर पर उपस्थित रहे। बैठक में सर्व हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र सेठी और हरियाणा प्राइवेट स्कूल एवं चिल्ड्रन वेलफेयर ट्रस्ट के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ विजय खेड़ा ने विस्तार से अपनी बात रखी। प्रदेशाध्यक्ष सेठी ने उपस्थित अधिकारियों एवं शिक्षा मंत्री को वास्तविक स्थिति से अवगत कराया। संगठन के पदाधिकारियों से विचार विमर्श करने के उपरांत शिक्षा मंत्री का रवैया बड़ा सकारात्मक रहा। इसके साथ ही उन्होंने निजी स्कूलों को मान्यता लेने में नियमों में जटिलताएं का मामला उठाते हुए इसे सरल करने की मांग उठाई। अधिकारियों ने बताया इस मामले में गठित कमेटी बहुत तेजी से काम कर रही है। गौरतलब है एसएससी मामले में हरियाणा प्राइवेट स्कूल एवं चिल्ड्रन वेलफेयर ट्रस्ट ने माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की हुई है, जिसकी सुनवाई सोमवार के लिए लंबित है। इसी मामले में इसी तरह के एक मामले में छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का भी निर्णय आया है कि बिना बकाया फीस भुगतान किए किसी भी निजी संस्था से एसएलसी नहीं ली जा सकती। बैठक में एसएलसी मामले की गंभीरता को देखते हुए एक-दो दिन में इसके सकारात्मक परिणाम आने की पूरी संभावना है। इस मीटिंग में हिसार से एडवोकेट एस के नागपाल, लोकेश असीजा, संजय पपनेजा, डॉ विजय खेड़ा, मनोज पूनिया ने भाग लिया।

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