हरियाणा

मुख्य सचिव ने प्रदेश के जिला उपायुक्तों के साथ वीसी के माध्यम से की बातचीत

कोरोना वायरस के चलते क्वारांटाईन सैंटर पर पूरी निगरानी रखें, लोगों को किसी प्रकार की न आने दें दिक्कत : मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा

करनाल 01जून (शिव कुमार)
मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा ने सोमवार को चंडीगढ़ से वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि कोरोना वायरस के चलते क्वारांटाईन सैंटर पर पूरी निगरानी रखें, लोगों को किसी प्रकार की दिक्कत न आने दें, इसके लिए उच्च अधिकारी को नोडल बनाया जाए। लोगों की समय-समय पर स्वास्थ्य जांच करें, अगर किसी व्यक्ति में लक्षण दिखाई दें तो तुरंत अस्पताल में आईसोलेशन करवाएं। उन्होंने कहा कि अनलॉक-1 को लेकर गृह मंत्रालय भारत सरकार की ओर से जारी हिदायतों की दृढ़ता से अनुपालना सुनिश्चित करें। इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, स्वास्थ्य विभाग के एसीएस राजीव अरोड़ा सहित अन्य विभागों के अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्य सचिव ने कहा कि कोरोना वायरस का संक्रमण अभी खत्म नहीं हुआ है, इसकी रोकथाम के लिए पूरी सजगता के साथ व्यवस्थाओं को बनाए रखना है। बाहर से आने वाले यात्रियों की स्वास्थ्य जांच करवाई जाए और घर पर ही क्वारांटाईन करने के लिए प्रोत्साहित करें, जिन लोगों के पास घर पर क्वारांटाईन होने की जगह नहीं है, प्रशासन उनके लिए व्यवस्था सुनिश्चित करे। जो लोग घर की बजाए होटल में क्वारांटाईन होना चाहते हैं वह शुल्क देकर क्वारांटाईन हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से जो व्यक्ति ठीक हो जाते हैं उन्हें 10 दिन में डिस्चार्ज करने की व्यवस्था बनाएं बशर्त उसकी रिपोर्ट नेगिटिव होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय की ओर से अनलॉक-1 के दौरान कुछ रियायतें दी गई हैं जिसके तहत सभी दुकानें खुली रहेंगी, यातायात व्यवस्था, खेल गतिविधियां व औद्योगिक इकाईयां शुरू हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि एक जिले से दूसरे जिले तथा एक राज्य से दूसरे राज्य में आने-जाने के लिए ई-पास की कोई जरूरत नहीं है, केवल दिल्ली सरकार ने रेड जोन क्षेत्र से आने वाले लोगों के लिए ई-पास अनिवार्य किया है। उन्होंने बताया कि स्कूल व कॉलेज खोलने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी निदेशालय के निरंतर सम्पर्क में रहें और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही कार्य करें। वीसी में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने जिलों के लेबर चौंको पर मजदूरी के लिए आने वाले मजदूरों से सम्पर्क कर उनकी सहायता करें अर्थात् नगरनिगम/नगरपालिका अथवा श्रम विभाग का प्रतिनिधि यह जानकारी ले कि श्रमिक का पंजीकरण है या नहीं। यदि पंजीकरण नहीं है तो उसका पंजीकरण करवाया जाए और उन्हें सरकार की ओर से दी जाने वाली 2 हजार रुपये की सहायता राशि मिली है या नहीं इसकी सूची तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि उनके रिहायशी पता व सम्पर्क नम्बर भी लें। जो मजदूर पंजीकृत नहीं है और जिन्हें सरकार की ओर से सहायता राशि नहीं मिली है ऐसे मजदूरों को डिस्ट्रैस टोकर सिस्टम के तहत राशन उपलब्ध करवाया जाए।मजदूरों को अभी काम नहीं मिला है, संकट की इस घड़ी में सहायता स्वरूप उन्हें राशन भी उपलब्ध करवाएं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण से संभावित लोगों की हर समय मदद करने के लिए तैयार रहें, जिन लोगों को कोरोना का टैस्ट करवाना है, आम जनता को लैब के बारे में जानकारी होनी चाहिए। यदि किसी जिले में लैब नहीं है, इस बारे भी प्रशासन स्थानीय स्तर पर व्यवस्था करे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मोहल्ले में कोरोना का पॉजिटिव केस मिल जाता है तो उसे आईसोलेशन वार्ड के बारे में भी पूरी जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोविड-19 की रोकथाम को लेकर हिदायतों व सावधानी की प्रचार सामग्री तैयार करवाकर उसका वितरण करवाना सुनिश्चित करें। वीसी में उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कोविड-19 के चलते इस महामारी से बचने के लिए प्रशासन द्वारा एहतियात के तौर पर सरकार की हिदायतों की दृढ़ता से अनुपालना की जा रही है, क्वारांटाईन सैंटर पर कड़ी निगरानी रखने के लिए अतिरिक्त उपायुक्त को नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अनलॉक-1 के लिए गृह मंत्रालय की ओर से जारी हिदायतों की अनुपालना की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के लिए मास्क का प्रयोग करें, सामाजिक दूरी बनाए रखें तथा समय-समय पर साबुन या सैनिटाईजर से हाथ साफ करते रहें।

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