हरियाणा

राधा स्वामी सत्संग घर और दूसरी समाज सेवी संस्थाओं का सहयोग भी अनुकरणीय : मुख्यमंत्री

करनाल 26मई (शिव कुमार)
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि वैश्विक कोरोना महामारी एक अभूतपूर्व काल है। इससे बचने के लिए चौथा लॉक डाउन चल रहा है। करीब अढ़ाई महीने की अवधि में जनता, सरकार और प्रशासन के सामने कईं तरह की चुनौतिया आई, लेकिन संयम और अच्छी प्रबंध व्यवस्था से उनसे भली भांति निपट रहे है, क्योंकि कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है। कईं अच्छे अनुभव सामने आए, जिनमें पुलिस, डॉक्टर व पैरा मेडिकल स्टाफ व सफाई कर्मियों की सेवा भावना एक मिसाल बनकर दिखाई दी। राधा स्वामी सत्संग घर और दूसरी समाज सेवी संस्थाओं का सहयोग भी अनुकरणीय है।सबसे अहम बात ये है कि इस अवधि में केन्द्र सरकार के निर्देश पर मुख्यमंत्री, अन्य मंत्री व चंडीगढ़ में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों का जिलों के साथ प्रत्यक्ष समन्वय या मूवमेंट ना होने के बावजूद भी जिलों में संबंधित उपायुक्त के नेतृत्व में जिस तरह की सफल प्रबंध व्यवस्था की गई, वह काबिले तारीफ है, इसके लिए मुख्यमंत्री ने करनाल पूरी टीम को साधूवाद दिया और कहा कि अब मुख्यमंत्रियों को जिलों में जाने की अनुमति भी मिल गई है। आज की बैठक के बाद अगले कुछ दिनों में वे करनाल में दूसरी बैठक भी करेंगे। मुख्यमंत्री मंगलवार को शहर के लघु सचिवालय स्थित सभागार में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट को लेकर आयोजित एक बैठक में अधिकारियों से रू-ब-रू थे। बैठक में स्मार्ट सिटी के एजेंडे के अतिरिक्त उन्होंने वीडियो कॉन्फे्रसिंग से जिला के पत्रकारों से भी संवाद किया। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर चर्चा के दौरान करनाल स्मार्ट सिटी लि० द्वारा करीब 300 करोड़ के भिन्न-भिन्न प्रोजेक्ट शुरू करने का एजेंडा मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर को स्मार्ट बनाना है, उसके लिए ऐसी प्लानिंग की जाए, जिसका फायदा पूरे शहर के नागरिकों को हो। बड़ी-बड़ी दीवारे खड़ी करना स्मार्ट सिटी नहीं है, बल्कि पेयजल व सीवरेज की बेहतर व्यवस्था, एयर पोल्यूशन पर नियंत्रण, स्कूल, कॉलेज व फैक्ट्री जैसी सरकारी व गैर सरकारी भवनों पर रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, शहर में जगह-जगह एयर क्वालिटी के डिस्पले बोर्ड, वाहनों के अतिरिक्त अतिक्रमण और शहर को दूषित करने वाले वेस्ट की सीसी टीवी से ऑटोमेटिक चालानिंग, स्वच्छता ऐप, पार्को में ओपन जिम व अटल पार्क का और अधिक विकास करना जैसे कार्य स्मार्ट सिटी में किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी का मतलब यह की शहर पब्लिकलि स्मार्ट लगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि करनाल के उत्तर में स्थित कर्ण लेक एक पुराना पर्यटक स्थल है और यह दिल्ली से चंडीगढ़ के बीच स्थित अकेला हाल्ट है, इसका विकास किया जाए। झील को सुंदर बनाकर उसमें बोटिंग, मनोरंजन केन्द्र, होटल तथा आमजनता व पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए झूले इत्यादि लगाए जाएं। इसके अतिरिक्त सेक्टर-4 स्थित मेला ग्राउंड में स्टेज व साईकिल ट्रैक, स्लम बस्तियों में सुविधाएं देकर लोगों के रहन-सहन में परिवर्तन, अमरूत के तहत चल रहे स्टोरम वाटर व सीवरेज कार्य को स्काडा से जोडऩे, मुगल कैनाल की साफ-सफाई जैसे कार्य प्राथमिकता पर किए जाए। इसी प्रकार प्रॉपर्टी टैक्स का डिजिटलाईजेशन करें। उन्होंने कहा कि लघु सचिवालय परिसर में 10 क्योस्क लगवाएं, जनता आए और अपनी बात कहकर चली जाए। कार्यालय में बैठे संबंधित अधिकारी के पास मैसेज जाए और वह टोकन के हिसाब से एक-एक व्यक्ति की समस्या का समाधान करें। शहर में अंडर ग्राउंड केबल का कार्य बड़ा महत्वपूर्ण है, इस पर काम करें ताकि शहर स्मार्ट लगे।हरियालीकरण पर भी जोर दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी में छोटे-छोटे प्रोजेक्ट पर पैसा लगाने की बजाए, बड़े-बड़े और ऐसे प्रोजेक्ट लें, जिन पर केन्द्र व राज्य सरकार अधिक से अधिक धनराशि खर्च कर सके और जनता को उनसे फायदा हो।उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कोरोना अवधि में जिला में हुई गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अब तक कोरोना के कुल 5135 टेस्ट किए गए है, इनमें से 33 केस पोजिटिव आए, 16 ठीक हो चुके है और 16 एक्टिव केस है। एक व्यक्ति की पहले ही मृत्यु हो गई थी। उन्होंने बताया कि पुलिस, वैंडर्स व डिलीवरी ब्वाय जैसे 1386 व्यक्तियों की रैंडम सैम्पलिंग की गई। प्रारम्भ में 64 पीपीई किट थी, अब ये 300 से अधिक है। स्वयं सहायता समूहों द्वारा 4 लाख मास्क वितरित किए गए, कोरोना से बचाव के लिए 91 हजार सेनेटाईजर भी बांटे गए। समाचार पत्रों के माध्यम से भी करीब 1 लाख मास्क निशुल्क पाठकों तक पहुंचाए गए। जिला के सैनिक स्कूल में 700 की क्षमता का क्वारंटाईन सेंटर बनाया गया और डॉक्टरों को क्वारंटाईन करने के लिए एनडीआरआई के काल्की भवन में सेंटर बनाया गया है। दो एम्बुलेंस से मोबाईल टेस्टिंग लैब गांव-गांव में भेजी गई। उन्होंने बताया कि 33000 प्रवासियों ने अपने गंतव्य पर जाने के लिए आवेदन किया था, इनमें से 15000 को भेजा जा चुका है, शेष कुछ अपने स्तर पर चले गए और कुछ जिला में ही रोजगार से जुड़ गए है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल की अवधि में अब तक 40 हजार राशन किटें बांटी गई। इनमें शहर के दानवीरों द्वारा परिवारों को गोद लेकर अच्छा खासा सहयोग दिया गया। डिस्ट्रैस टोकन सिस्टम से 7 हजार परिवारों को राशन बांटा गया, मई- जून मास का भी बांटा जाएगा। गेंहू खरीद के लिए 173 सेंटर बनाए गए और मात्र 10 दिनों की अवधि में ही खरीद को निपटाया गया, इनमें 72 लाख क्विंटल गेंहू आया।लोकली ऐप से खाने के सामान के 1 लाख से अधिक ऑर्डर मिले। पंचायतों की ओर से 4 करोड़ 56 लाख रूपये की राशि मुख्यमंत्री रीलीफ फंड में दी गई। रावंर के पास से गुजर रही आवर्धन नहर में आई दरार को 24 घंटे में पाट दिया गया। हेल्प लाईन नम्बर 1950 पर आई 23 हजार कॉल में से 20 हजार पर त्वरित कार्यवाही की गई, शेष कॉल फेक थी। नगर निगम की ओर से शहर में सडक़ों के 7 करोड़ रूपये के सुदृढ़ीकरण कार्य करके, उन्हें सुविधाजनक बनाया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा के जिला अध्यक्ष जगमोहन आनंद, हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव एस एन राय, शहरी निकाय विभाग के महानिदेशक मोहित अग्रवाल, उपायुक्त निशांत कुमार यादव, पुलिस अधीक्षक एस एस भौरिया, मेयर रेणू बाला गुप्ता, करनाल स्मार्ट सिटी लि० के सीईओ राजीव मेहता भी उपस्थित थे।

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