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चिकित्सकों की सलाह: घर पर रह कर यूं बढ़ाएं रोग प्रतिरोध क्षमता, करें कोरोना से बचाव

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एलोपैथिक, आयुष और प्राकृतिक चिकित्सकों ने कोरोना से बचाव के लिए नागरिकों को दी है अपनी-अपनी विशेष सलाह
भिवानी, 12 अप्रैल। लोगों को कोविड-19 महामारी से बचाने के लिए जहां एक तरफ जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी जी-जान से जुटा है, वहीं दूसरी ओर एलोपैथिक, आयुष और प्राकृतिक चिकित्सकों ने भी नागरिकों को अपनी-अपनी विशेष सलाह दी है। चिकित्सकों के अनुसार रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर हम कोरोना महामारी से मुकाबला कर सकते हैं। यह काम फिलहाल लागू लॉक डाउन के दौरान घर पर रहते हुए आसानी से किया जा सकता है। चिकित्सकों के अनुसार कोरोना से संबंधित लक्षण होने पर भयभीत न हों बल्कि तुरंत चिकित्सक की सलाह लें।

घर पर रहते हुए बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता: डॉ. राजकुमार वैद्य
चौ. बंसीलाल राजकीय सामान्य अस्पताल में आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजकुमार वैद्य के अनुसार कोरोना से बचाव के लिए सबसे जरूरी हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता है, जिसे लॉक डाउन के दौरान घर पर रहते हुए बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लोगों को चाहिए कि वे तला हुआ भोजन बिल्कुल न लें। सादा भोजन लें ताकि वह जल्दी पच सके। उन्होंने कहा कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए नागरिक नियमित रूप से योगासन, प्राणायाम करें। प्रतिदिन खाली पेट तुलसी के पांच पत्ते खाएं। इसके अलावा शहर व च्वनप्राश का सेवन करें। यदि घर पर अश्चगंधा हो तो उसका सेवन करें। उन्होंने कहा कि मन की शांति के लिए ध्यान योग भी जरूरी है।

 

शरीर को सुबह की धूप व ताजा हवा मिलना जरूरी: डॉ. मदन मानव
प्राकृतिक चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. मदन मानव ने कहा सुबह करीब आठ बजे आधा घंटा धूप में बैठकर या लेट कर लंबे गहरे श्सास ले ताकि फेफड़ों के माध्यम से पूरे शरीर में ताजा हवा मिले और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़े। शरीर में अशुद्धियां बढने से ही रोग बढ़ते हैं। पेट साफ करने और कफ आदि को बाहर निकालने के लिए गर्म पानी का सेवन रामबाण है। इसके अलावा एक कप गर्म पानी में एक चम्मच नमक, आधा चम्मच हलदी ओर चौथाई चम्मच फिटकरी मिलाकर दिन में तीन बार गरारे करें। एक गिलास पानी में चार काली मिर्च, पाचं ग्राम सौंठ, पांच ग्राम दालचीनी, तीन ग्राम हलदी, पांच तुलसी के पत्ते दो कली लहसुन पानी के आधा कप होने तक पकाएं और फिर उसका सेवन करें।

 

 

 

गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत: डॉ. अनीता अंचल
डॉ. अनीता अंचल ने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते विशेषकर गर्भवती महिलाओं को और भी अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि कोई महिला पहले से की दमा, डायबटीज या बीपी आदि से पीडि़़त है तो उसको परेशानी और अधिक बढ़ सकती है। ऐेसे महिलाओं को दवाई लेने व सावधानी बरतने के साथ-साथ पौष्टिक भोजन लेना जरूरी है। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं में इम्यूनिटी आम महिला से कम हो जाती है। उन्होंने महिलाओं से अनुरोध किया है कि वे लॉक डाउन के दौरान अपने घरों में ही रहें और खानपान पर सावधानी बरतें। किसी प्रकार की तकलीफ होने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें।

तीन दिन तक गले मेें पड़ा रहता है कोरोना वायरस: डॉ. रूपेंद्र रंगा
भारत नाक, कान व गला अस्पताल के निदेशक डॉ. रूपेंद्र रंगा के अनुसार कोविड-19 वायरस तीन दिन तक संक्रमित व्यक्ति के गले में पड़ा रहता है। इससे गले में खराश,गला लाल होना, खांसी, बुखार व सिरदर्द आदि की बीमारी उत्पन्न होती है। उन्होंने बताया कि शुगर, दिल के मरीज, तपेदिक व एड्स आदि की मरीज जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, वे सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। इससे बचाव के लिए बार-बार गर्म पानी पीएं, खाना खाने से पहले हाथों को अच्छी तरह धोएं, खांसते व छींकते समय रूमाल का प्रयोग करें, सब्जियों को पकाने से पहले करीब आधा घंटा गर्म पानी में डालकर धोंए।

धूम्रपान बिल्कुल न करें:धमीजा
छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. सुशील धमीजा के अनुसार कोरोना वायरस का सबसे अधिक असर फेफड़ों पर ही होता है। इससे बचाव के लिए धूम्रपान बिल्कुल न करें। धूम्रपान से जहां एक तरफ फेफड़ों पर बुरा प्रभाव पड़ता है, वहीं दूसरी ओर रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। धूम्रपान करने से फेफड़े व श्चासन प्रणाली पर बुरा प्रभाव पड़ता है। यह शरीर में अन्य रोगों का भी कारण बनता हे। उन्होंने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए फल व हरी सब्जियों का सेवन करें। इसके साथ-साथ घर पर रहते हुए नियमित रूप से व्यायाम करें।

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