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हरियाणा: कोरोना टेस्टिंग में आई तेज़ी, 5 प्राइवेट लैब को दी मंजूरी

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चण्डीगढ, 5 अप्रैल- हरियाणा की मुख्य सचिव श्रीमती केशनी आनंद अरोडा ने आज राज्य के जिला उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि वे अपने-अपने जिले में कोविड-19 के प्रकोप को रोकने के लिए माईक्रो स्तर पर योजनाएं तैयार कर क्रियान्वित करें ताकि हर स्तर पर इस बीमारी के फैलाव को रोका जा सकें। इसके अलावा, श्वसन संबंधी रोगियों की विशेष देखभाल की जाए और उन्हें यदि दिक्कत है तो अस्पताल में भर्ती करवा कर उनका उपचार सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज यहां पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों सहित कोविड-19 के लिए नियुक्त किए गए नोडल अधिकारियों की संकट समन्वय समिति की बैठक में दिए।
उन्होंने कहा कि राज्य की दो सरकारी परीक्षण प्रयोगशालाओं के अलावा गुरूग्राम की पांच अन्य निजी परीक्षण प्रयोगशालाओं को भी अधिकृत किया गया है ताकि मरीजों के सैंपलिंग की जांच की जा सकें। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश देते हुए कहा कि इंडियन काऊसिंल फॉर रिसर्च इन पांच निजी परीक्षण प्रयोगशाओं को टेस्टिंग करने के लिए अधिकृत किया है और इन प्रयोगशालाओं के लिए प्रत्येक जिले में कलैक्शन सेंटर बनाए गए हैं जहां से सैपंलिंग को इन प्रयोगशालाओं में लाया जा सकता है। इसके अलावा, उन्होंने निर्देश देेते हुए कहा कि जिन प्रयोगशालाओं में टेस्टिंग की जा रही है वहां पर डाटा इत्यादि की निगरानी के लिए एक सुपरवाईजरी अधिकारी भी तैनात किया जाए ताकि सहीं आंकडे एकत्रित हो सकें।
मुख्य सचिव ने वीडियो कान्फ्रेंसिंग में अधिकारियों को बताया कि राज्य सरकार ने अतिरिक्त थर्मल स्कैनर और पीपीई किट लेने के लिए आर्डर दे दिए हैं और वर्तमान में राज्य के अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में पीपीई किट हैं। इसके अलावा, लगभग डेढ लाख एन-95 मास्क भी उपलब्ध हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि स्मार्ट हैल्पलाईन भी उपयोग में लाई जाएं ताकि लोगों को दिक्कत न हों।
उन्होंने बताया कि पंचकूला के नागरिक अस्पताल,  मुलाना के अस्पताल और अग्रोहा के 550 बिस्तर के अस्पताल को भी कोविड-19 अस्पताल बनाए जाने पर राज्य सरकार विचार कर रही हैं।  इसी प्रकार, उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि राज्य में कंबाईन हारबेस्टर के संचालकों को भी सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखते हुए फसल कटाई में कोई दिक्कत न होने दी जाए।
श्रीमती अरोडा ने नूंह में कोविड-19 की रोकथाम के सभी उपाय क्रियान्वित करने के निर्देश भी दिए और कहा कि कोविड-19 के संदिग्ध लोगों को क्वारंटीन किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि हम सभी को टीम भावना से काम करते हुए स्रोतों का सही प्रयोग करना होगा। उन्होंने कहा कि फेरी वालों व दुकानदारों के पास वस्तुओं की दरों की सूची को लगवाना भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोडा ने बताया कि वर्तमान में गुरूग्राम में सबसे अधिक 700 व्यक्ति प्रति मीलियन की दर से टेंस्टिंग की जा रही है, जिसे आने वाले दिनों में 1000 व्यक्ति प्रति मिलियन की दर से बढाया जाएगा। इसी प्रकार, नूंह व पलवल 300 व्यक्ति प्रति मिलियन की दर से टेस्टिंग की जा रही है जिसे भी 500 व्यक्ति प्रति मिलियन के अनुपात से बढाया जाएगा। वहीं, फरीदाबाद और पानीपत में भी 1000 व्यक्ति प्रति मिलियन की के अनुपात से टेंस्टिंग की सुविधा की जाएगी। उन्होंने बताया कि वर्तमान में पीजीआईएमएस, रोहतक और भगतफूल सिंह, खानपुर कलां में कोविड-19 बीमारी की टेंस्टिंग की जा रही है और कल से गुरूग्राम की दो निजी परीक्षण प्रयोगशालाओं को भी चालू कर दिया गया हैं।
श्री राजीव अरोडा ने बताया कि मोहाली की एक परीक्षण प्रयोगशाला के साथ भी राज्य सरकार की बातचीत चल रही है और इसके साथ जल्द ही समझौता ज्ञापन होगा ताकि राज्य के कोविड-19 के मरीजों की टेंस्टिंग ज्यादा से ज्यादा की जा सकें। इसके अलावा, कलेक्शन सेंटरों से सैंम्पलींग भी आ रही हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति निजी तौर पर भी कोविड-19 का टेस्ट इन परीक्षण प्रयोगशालाओं में करवाता है तो उसकी जानकारी भी संबंधित सिविल सर्जन के पास होनी चाहिए और उसके आंकडे एकत्रित किए जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अपनी टेंस्टिंग करवाता है तो उसकी प्रतिपूर्ति की जाएगी।
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजेश खुल्लर ने भी जिलों के उपायुक्तों को आवश्यक दिशानिर्देश भी दिए।
बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री धनपत सिंह, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पीके दास, मैडीकल शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, वित विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टीवीएसएन प्रसाद, कार्मिक विभाग के सचिव श्री नितिन यादव, उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री अजीत बालाजी जोशी, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के निदेशक श्री पीसी मीणा, खाद्य एवं औषधि विभाग के आयुक्त श्री अशोक कुमार मीणा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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