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लॉकडाउन के दौरान कुछ जगह पर औपचारिकता दिखी

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रोहतक से अनूप कुमार सैनी की रिपोर्ट

बुधवार को लाकडाऊन के दौरान रोहतक में काफी संख्या में लोग सड़कों पर आ-जा रहे थे। लॉकडाउन के दौरान कुछ जगह पर औपचारिकता दिखी। हालांकि शहर के व्यापारियों ने सरकार के आदेशों की पालना करते हुए सकारात्मक समर्थन दिया और दुकानों को बंद रखा लेकिन एक बात दुखद भी थी कि रोहतक शहर के कई चौक चौराहों पर गंदगी के ढेर लगे हुए थे, जो लोगों को संक्रमित कर सकते हैं।
मेडिकल स्टोर, किरयाना स्टोर व अन्य आवश्यक वस्तुओं की दुकानों को छोड़कर बाजारों में शटर डाउन रहें लेकिन रिहायशी कालोनियों में दुकान व शहर में रेहड़ी वाले बिना किसी रोक-टोक के सामान बेचते रहें। सड़कों पर प्रतिबंध के बावजूद आटो रिक्शा सरपट दौड़ते रहे। हालांकि पुलिस ने आटो रिक्शा को जब्त किया और कईयों को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
निजी वाहन लेकर लोग सड़कों पर आते-जाते रहे। जिला प्रशासन द्वारा लगाई गई धारा 144 का भी कई जगहों पर उल्लंघन हुआ। लोग ग्रुप बना कर जगह-जगह गपशप भी कर रहे थे, जिनका यह रवैया गैर जिम्मेदाराना ही कहा जाएगा। लोगों की यह लापरवाही बाहरी पड़ सकती है क्योंकि शहर की एक महिला कोरोना पॉजिटिव मिल चुकी है।
मेडिकल मोड़ के अलावा शहर में विभिन्न स्थानों पर मेडिकल स्टोर, किरयाणा स्टोर व बेकरी खुली गई थी। इसके अलावा शॉपिग मॉल में भी खाद्य पदार्थों की दुकानों खुली हुई थी। लोगों की भीड़ भी इन्हीं दुकानों पर सुबह से लेकर रात तक लगी रही।
मेडिकल स्टोर संचालक राजीव ने बताया कि कुछ लोग ज्यादा चितित हैं, वे बिना किसी जरूरत के भी सामान्य बीमारियों की दवा खरीदने पहुंच रहे हैं लेकिन उनको समझाया जाता रहा है कि केवल जरूरत की ही दवा खरीदें। मास्क व सैनिटाइजर की मांग लगातार बढ़ती जा रही है। शहर के कई मेडिकल स्टोर पर तो मॉस्क का स्टॉक खत्म हो चुका है।
सब्जी मंडी में उमड़े ग्राहक
नई सब्जी मंडी हो या पुरानी सब्जी मंडी, इनमें सुबह ही ग्राहक पहुंचना शुरू हो गए थे। देर शाम तक मंडी में ग्राहक सब्जी व फल खरीदने के लिए आ रहे थे। लोगों की भीड़ ज्यादा थी और वहां सैनिटाइज के इंतजाम भी नहीं थे। वहां पर देखा गया है कि न तो सब्जी विक्रेता और न ही ग्राहक मास्क लगाए हुए थे। मॉस्क लगाने वालों की संख्या बहुत कम थी। मंडी बोर्ड की तरफ से भी कोई निगरानी नहीं रखी जा रही थी।
पुलिस ने सख्ताई दिखाई तो बंद की दुकानें
शहर में कई स्थानों पर आवश्यक वस्तुओं की दुकानों के अलावा भी कुछ प्रतिष्ठान खुले हुए थे। पुलिस ने गश्त की तो उनको बंद कराया गया। इस दौरान कई लोगों को पुलिस ने सख्ताई दिखाते हुए फटकार लगाकर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी।
हालांकि सरकार ने किरयाणा की दुकानों को खोलने की अनुमति दी गई है लेकिन इसके बावजूद भी कई जगह पर पुलिस कर्मी जबरदस्ती बंद कराते देखे गए।
रोहतक में एक बात अच्छी देखने को मिली कि रेलवे रोड के चौराहे पर खड़े पुलिस कर्मी स्वयं भी और अन्य लोगों को भी सैनेटराइज से हाथों को साफ करवा रहे थे।
नहीं चली रोडवेज की एक भी बस
लॉक डाऊन के चलते रोडवेज डिपो से एक भी बस रवाना नहीं की गई। बस स्टैंड पर इतने यात्री ही नहीं पहुंचे, जिसके आधार पर बसों को किसी रूट के लिए रवाना किया जाता। लोगों का ज्यादा आवाजाही निजी वाहनों से ही हो रही थी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट शहर के अलावा अन्य स्थानों पर चलने की सूचना नहीं है। वर्जन
रोहतक के जिला उपायुक्त आरएस वर्मा ने बताया कि आवश्यक वस्तुओं को छोड़कर जिला पूरी तरह से लॉकडाउन रहा है। जहां से भी प्रतिष्ठान खुलने की सूचना मिल रही है, वहां टीमें भेजकर कानूनी कार्रवाई करवाई जा रही है। उनका कहना था कि प्रशासन के साथ-साथ नागरिकों की भी नैतिक जिम्मेदारी बनती हैं कि वे भी लॉकडाऊन में सहयोग करें। व्यापारिक संगठनों का इसमें पर्याप्त समर्थन मिल रहा है।
उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील है कि वे इमरजेंसी में ही बाहर निकलें अन्यथा अपने घरों में रहें। आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी नहीं होने देंगे, इसको लेकर टीमें निगरानी रखे हुए हैं।

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