Breaking Newsदुनियाबिज़नेसव्यापार

GST के दायरे में होता तो पेट्रोल होता हद से हद 41 रूपये लीटर

Spread the love

अंतर्राष्ट्रीय बाजार में क्रूड आयल के दामों में भारी गिरावट के साथ ही केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीज़ल पर एक्साइज ड्यूटी 3 रुपए प्रति लीटर बढ़ा दी है, इससे कच्चे तेल के दामों से आम लोगों को होने वाले फायदे को सरकार ने ग्राहक की जेब से निकाल कर अपने खजाने में डाल लिया है। आंकड़ों पर गौर करें तो पहली मार्च, 2020 को पेट्रोल पर कुल मिलकार 96.57 फीसदी टैक्स लग रहा था, जो एक्साइज़ ड्यूटी में बढ़ोत्तरी के बाद अब 118.07 फीसदी हो गया है। टैक्स में हुई बढ़ोत्तरी को नीचे दी गई तालिका से समझते हैं जो पहली मार्च और 14 मार्च के आधार पर है। एक्साइज ड्यूटी में इस बढ़ोत्तरी के बाद पेट्रोल पर लगने वाला टैक्स 118 फीसदी हो गया है। सरकार पेट्रोल-डीज़ल को जीएसटी के दायरे में ले आए तो सबसे अधिक 28 फीसदी की दर लगने के बाद भी आज की तारीख में पेट्रोल के दाम 41 रुपए प्रति लीटर के आसपास होंगे।

इसको ऐसे समझते हैं

केंद्र सरकार ने 14 मार्च से पेट्रोल-डीजल पर 3 रुपए प्रति लीटर की दर से अतिरिक्त एक्साइज ड्यूटी लगा दी है। इस बढ़ोतरी के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़कर 22.98 रुपए प्रति लीटर और डीजल पर 18.83 रुपए प्रति लीटर हो गई है। सरकार ने हालांकि कहा कि इस बढ़ोत्तरी का बोझ आम उपभोक्ता पर नहीं पड़ेगा और तेल मार्केटिंग कंपनियां इसे वहन करेंगी, लेकिन इंडियन ऑयल की वेबसाइट पर जाएं तो आपको पता लगेगा कि कहानी कुछ और है।
आंकड़ों पर गौर करें तो पहली मार्च, 2020 को पेट्रोल पर कुल मिलकार 96.57 फीसदी टैक्स लग रहा था, जो एक्साइज़ ड्यूटी में बढ़ोत्तरी के बाद अब 118.07 फीसदी हो गया है। टैक्स में हुई बढ़ोत्तरी को नीचे दी गई तालिका से समझते हैं जो पहली मार्च और 14 मार्च के आधार पर है।

Close