Breaking Newsदुनियामध्य प्रदेशराजनीती

मध्यप्रदेश में सियासी संकट: बीजेपी के साथ कोंग्रेस के कमलनाथ खेमें में भी राजनैतिक गतिविधियां तेज

Spread the love

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में सिंधिया खेमे के विधायकों की नाराजगी के बाद बीजेपी खेमे के साथ कोंग्रेसी के कमलनाथ खेमें में भी
राजनैतिक गतिविधियां तेज हो गई l भाजपा की सरकार बनने की संभावना दिखने पर गृहमंत्री अमित शाह ने सोमवार की देर रात पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ अपने आवास पर बैठक की. रात साढ़े नौ बजे से शुरू हुई यह बैठक करीब 11 बजे तक जारी रही. इस बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल रहे.
भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि पार्टी ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा भेजने के लिए तैयार है. केंद्र में उन्हें मंत्री भी बनाया जा सकता है. कमलनाथ सरकार के गिरने की स्थिति में बनने वाली नई सरकार में सिंधिया खेमे को एक उपमुख्यमंत्री पद भी भाजपा दे सकती है. सूत्रों का यह भी कहना है कि सिंधिया तक बात पहुंचा दी गई है. अब सिंधिया पर सब कुछ निर्भर है कि वह क्या फैसला लेते हैं. मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस संकट से निपटने के लिए सरकार के 20 मंत्रियों ने इस्तीफा दिया है, राजनैतिक हलकों में चर्चा है कि मंत्रिमंडल के विस्तार की आड़ में उन नाराज विधायकों को मनाया जा सकता है l
बता दें कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के करीब डेढ़ दर्जन विधायकों के फोन बंद कर बेंगलुरू में डेरा जमा लेने के बाद से कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल छाए हुए हैं. ये सभी विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के बताए जाते हैं. कांग्रेस जहां सिंधिया और उनके कैंप के विधायकों से संपर्क कर मनाने की कोशिश कर रही है वहीं भाजपा सरकार गिराने के लिए जोड़तोड़ की कोशिशों में जुट गई है. मध्य प्रदेश की राजनीति क्या मोड़ लेने वाली है, इसके लिए मंगलवार को होली का दिन निर्णायक माना जा रहा है.

यह भी पढ़े   राज्य सरकार ने सडक़ सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुए एक अहम पहल की है,परिवहन मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार

इस बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और मध्य प्रदेश के प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे को मंगलवार को भोपाल भेजने का फैसला लिया गया. विनय सहस्त्रबुद्धे की निगरानी में ही मंगलवार की शाम सात बजे से भाजपा विधायक दल की बैठक होगी. मध्य प्रदेश की राजनीति में मंगलवार के दिन को निर्णायक माना जा रहा है.
दरअसल कांग्रेस की ओर से राज्यसभा सीट और प्रदेश अध्यक्ष पद की शर्तें न माने जाने के कारण माना जा रहा है कि सिंधिया अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा फैसला ले सकते हैं. उनके पिता माधवराव सिंधिया की मंगलवार को 10 मार्च को 75वीं जयंती है. माना जा रहा है कि इस दिन सिंधिया बड़ा ऐलान कर सकते हैं. सोमवार से लेकर मंगलवार के बीच सिंधिया प्रधानमंत्री मोदी से भी मुलाकात कर सकते हैं.
बता दें कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के करीब डेढ़ दर्जन विधायकों के फोन बंद कर बेंगलुरू में डेरा जमा लेने के बाद से कमलनाथ सरकार पर संकट के बादल छाए हुए हैं. ये सभी विधायक ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के बताए जाते हैं. कांग्रेस जहां सिंधिया और उनके कैंप के विधायकों से संपर्क कर मनाने की कोशिश कर रही है वहीं भाजपा सरकार गिराने के लिए जोड़तोड़ की कोशिशों में जुट गई है. मध्य प्रदेश की राजनीति क्या मोड़ लेने वाली है, इसके लिए आज होली का दिन निर्णायक हो सकता है l

Close