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फॉर्म में बलराज कुंडू: बोले, भ्रष्टाचारियों की कर दूंगा नींद हराम, लूट के अड्डे (PGIMS के “अमृत स्टोर” ) पर मारा छापा

रोहतक से अनूप कुमार सैनी की रिपोर्ट

निर्दलीय विधायक कुंडू ने पीजीआई के अमृत स्टोर में छापा मारा
पूछा-यहां से सस्ती दवाईंयां बाजार में तो क्यों न लें लोग
पीजीआईएमएस में सबसे पहले ओपीडी की पर्ची बनवाई तो फिर दवाईंयां खरीदी, मेडिकल यूनिवर्सिटी के वीसी और डायरेक्टर भी थे साथ
कुंडू ने बोले, ‘मोदी और मनोहर लाल की ईमानदारी से प्रभावित हो समर्थन दे रखा है लेकिन गलत को गलत कहने से कोई गुरेज नहीं
पीजीआई रोहतक में विधायक बलराज कुंडू ने मरीज बनकर करवाई जांच, डॉक्टर की लिखी दवाइयां और इंप्लांट पीजीआई के अंदर बने अमृत फार्मेसी स्टोर पर 40 प्रतिशत मिली बाहर से महंगी
भ्रष्टाचारियों की नींद हराम कर दूंगा

अनूप कुमार सैनी
रोहतक। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर और महम के निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू के बीच चल रहे आरोप प्रत्यारोप के बीच पीजीआईएमएस को भी लपेटे में ले लिया। विधायक बलराज कुंडू मरीज बनकर पीजीआई पहुंचे। विधायक बलराज कुंडू ने वीरवार को पीजीआई रोहतक में छापा मारा। उनके साथ पीजीआई के डायरेक्टर भी थे। डॉक्टर को शक न हो, ओपीडी कार्ड पर बलराज कुंडू की जगह बलराज लिखवाया। आरोप है कि डॉक्टर ने जो दवाईंयां और इंप्लांट लिखा, वह पीजीआईएमएस के अमृत स्टोर पर बाहर बने मेडिकल स्टोर से 40 प्रतिशत महंगा मिला है।
इतना ही नहीं, कई मरीजों को अमृत स्टोर पर रसीद तक नहीं मिल रही हैं। इस स्टोर से ज्यादा सस्ती दवाएं बाजार में मिलती हैं। यहां महंगी दरों पर चीजें बेची जा रही हैं। मरीजों को लूटा जा रहा है। यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हंगामे के बीच मीडिया के सामने कुंडू ने पूर्व मंत्री ग्रोवर को फिर घेरा और आरोप लगाया कि 5 साल ग्रोवर ने दबंग मंत्री अनिल विज तक को गुमराह करके पीजीआईएमएस की व्यवस्था सुधारने नहीं आने दिया। हंगामे के दौरान चिकित्सा नियम और सवालों से परेशान प्रशासनिक अधिकारी विधायक के निरीक्षण को बीच में ही छोड़ कर अपने कार्यालय चले गए और मुद्दे पर बैठक की।

हैरानी की बात यह है कि पीजीआई के डायरेक्टर ने मरीजों के बाहर से दवाई खरीदने पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद पीजीआई के डाक्टर्ज मरीजों से बाहर से दवाईंयां खरीदवाई जा रही हैं। इससे यह साफ जाहिर होता है कि कहीं ना कहीं बहुत बड़ा गड़बड़झाला पीजीआई रोहतक में हो रहा है और गरीब मरीजों के नाम पर लूट मचाई जा रही है और गरीब मरीजों को मार्केट रेट से 40 प्रतिशत से 50 प्रतिशत महंगी दवाईंयां दी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार रोहतक स्थित पंड़ित भगवत दयाल शर्मा पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साईंसेज में सरकारी उपक्रम अमृत स्टोर में दवाइयां सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने का दावा किया जाता है। यहां तक कि पीजीआईएमएस के डायरेक्टर ने मरीजों के बाहर से दवाइयां खरीदने पर पाबंदी लगा रखी है।
गुरुवार को इस दावे की उस वक्त पोल खुलती नजर आई, जब यहां आए दिन किसी न किसी बात को लेकर सरकार के खिलाफ मुश्किलें खड़ी कर रहे महम के विधायक बलराज कुंडू ने वार्ड 12 के बाहर बने अमृत स्टोर पर छापा मारा। इस दौरान उनके साथ मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर और डायरेक्टर भी मौजूद थे।
अफसरों को लताड़ लगाते हुए विधायक कुंडू ने कहा कि मैं भ्रष्टाचारियों की नींद हराम कर दूंगा। गृहमंत्री अनिल विज बेहद दबंग और ईमानदार हैं। उनसे इंसाफ की आस रहती है। पीएम मोदी और सीएम खट्टर की ईमानदारी से प्रभावित होकर ही समर्थन दे रखा है। मैं भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ हूं और इसे बर्दाश्त नहीं करुंगा।

पीजीआई के वार्ड 12 के पास अमृत स्टोर पर दवाओं का अधिक पैसा लेने पर स्टोर के कर्मचारी से सवाल जबाब ?

उन्होंने सीधे-सीधे यह आरोप लगाया कि पूर्व मंत्री के नाक के नीचे रोहतक के अंदर यह सारे भ्रष्टाचार के मामले फल फूल रहे हैं और जातिवाद का जहर लोगों में घोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने गरीब लोगों के लिए अमृत स्टोर खुलवाए हैं लेकिन गलत तरीके से बहुत बड़ा भ्रष्टाचार का गोरखधंधा इसके नाम पर चलाया जा रहा है, जिससे कि इस योजना की साख पर बट्टा लग रहा है।
विधायक का कहना था कि उन्हें पूरा विश्वास है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल और कैबिनेट मंत्री अनिल विज जी इस मामले का संज्ञान लेंगे और इस मामले पर जरूर आवश्यक कार्यवाही करेंगे और दोषियों को नहीं बक्शा जाएगा। विधायक बलराज कुंडू ने कहा कि जनता का प्रतिनिधि होने के नाते वह किसी भी हालत में किसी भी गरीब व लाचार के साथ लूट नहीं होने देंगे और उसके साथ धोखा नहीं होने देंगे।
उन्होंने यह स्पष्ट किया कि वह जनता के लिए हर दरवाजे पर दस्तक देंगे और गरीब लोगों की आवाज सत्ता के हर पायदान तक पहुंचाएंगे ताकि जो दायित्व जनता ने उन्हें सौंपा है वह अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी तरीके से कर पाए।
एक दिन पहले हुई प्लानिंग, सर्किट हाऊस से पूरी तैयारी कर पहुंचे कुंडू
हुआ यूं महम के विधायक बलराज कुंडू एक दिन पहले पीजीआई पहुंचे और अपना ओपीडी कार्ड बनवाया। इसके बाद डॉक्टर से कहा कि वे अपनी जांच करवाना चाहते हैं। डॉक्टर ने दवाईंयां और इंप्लांट लिख दिए। कुंडू ने पहले दवाइयां और इंप्लांट पीजीआई स्थित अमृत फार्मेसी के स्टोर से खरीदा, जहां साढ़े 4 हजार कीमत बताई गई। इसके बाद ये दवाईंयां और इंप्लांट बाहर खरीदे तो वहां 40 प्रतिशत कम दाम पर मिलीं।
विधायक कुंडू ने वीरवार सुबह प्रेसवार्ता का निमंत्रण देकर मीडिया को सर्किट हाऊस में बुलाया। वहां से साथ लेकर पीजीआईएमएस पहुंच गए। सबसे पहले विधायक बलराज कुंडू कुलपति कार्यालय पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों को फूल माला पहनाई और उनके कार्यों की तारीफ शुरू की उपलब्धि पर बधाई दी। इसके बाद अधिकारियों ने संस्थान की उपलब्धियों को बताना शुरू किया।
बातचीत करते-करते विधायक ऑर्थो के वार्ड 12 पहुंच गए और संस्थान में अमृत फार्मेसी योजना पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। ऑर्थो वार्ड में विधायक मरीजों से मिले और उनकी समस्या पूछी। दुर्घटनाग्रस्त मरीज सुशील ने बताया कि उसकी पट्टी तक समय पर नहीं बदली जाती। डॉक्टरों का व्यवहार तक सही नहीं है। इसके अलावा मौके पर राकेश ने भी ऑर्थो विभाग के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की।
वहीं वार्ड में उपचाराधीन महिला एथलीट के परिजनों ने बताया कि लड़की के पैर में समस्या है। उपचार के बगैर डॉक्टर छुट्टी दे रहे हैं। इस पर विधायक ने मौके पर खडे़ डॉक्टर को कहा कि बगैर उपचार किए लड़की को छुट्टी नहीं देनी। आप युवा डॉक्टर हैं, यहां की कालाबाजारी को रोकना आपका कर्तव्य बनता है। आपके युवा होने पर उन्हें आपसे अधिक उम्मीद है कि आप अपना काम बेहतर तरीके से करेंगे।
कुंडू ने बीते दिनों समर्थन वापस लेने की बात कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और और मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ईमानदारी से प्रभावित होकर सरकार को समर्थन दे रखा है लेकिन गलत बात को गलत कहने से कोई गुरेज नहीं है। भ्रष्टाचारियों की नींद हराम कर दूंगा।
दूसरी ओर पीजीआई डायरेक्टर से बात की गई तो उन्होंने सिर्फ इतना ही कहा कि वीसी ने जांच के आदेश दे दिए हैं। जो भी दोषी होगा, बख्शा नहीं जाएगा।
पीजीआईएमएस के निदेशक डॉ. रोहतास कंवर यादव ने कहा कि अमृत फार्मेसी भारत सरकार के हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर उपक्रम के अंतर्गत आता है। भारत सरकार का स्वास्थ्य मंत्रालय एचएलएल के माध्यम से देशभर में अमृत स्टोर चलाता है। संस्थान ने अमृत फार्मेसी को अपनी सिर्फ जगह मुहैया करवाई है।
उनका कहना था कि फिलहाल मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए वार्ड 12 के सामने स्टोर खोला गया है ताकि आपरेशन वाले मरीजों को दूर न जाना पडे़। अमृत फार्मेसी सभी प्रकार के इंप्लांट, लेंस एवं मेडिसन उपलब्ध करवाती है। देश भर के मेडिकल कॉलेजों में अमृत फार्मेसी संचालित हो रही है। इसके रेट भारत सरकार द्वारा तय किए जाते हैं तथा इन पर छूट की तादात भी भारत सरकार ही निर्धारित करती है।
निदेशक ने कहा कि निर्धारित रेट से अधिक दाम पर दवाईयां बेचने की शिकायत संस्थान को मिलती हैं तो प्रभाव से जांच करवा कर संस्थान भी इस पर कार्रवाई करेगा और भारत सरकार को भी आगामी कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। फिलहाल इस संबंध में कोई भी लिखित शिकायत नहीं मिली है।
पहले किया सम्मान बाद में की फजीहत
विधायक कुंडू ने पहले पीजीआईएमएस के प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मान किया, लेकिन वार्ड 12 में पहुंचते ही उनकी फजीहत शुरू कर दी। वार्ड में मरीजों की निजता को सरेआम भंग किया गया। व्यवस्था टूटता देख सभी प्रशासनिक अधिकारी विधायक की मौजूदगी के बावजूद बीच में ही चले गए।
पीजीआईएमएस निरीक्षण के बाद मीडिया से बोले विधायक कुंडू
पीजीआईएमएस में निरीक्षण के बाद विधायक बलराज कुंडू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि धांधली पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर की शह पर हो रही है। वे पूरे जिले के मठाधीश बन कर बैठे हैं। पीजीआईएमएस का कोई डॉक्टर अगर मंत्री के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता था, तो वह उसे या तो घर बैठा दिया जाता है या कही दूर ट्रांसफर करवा दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह आवाज पहले भी उठाई थी लेकिन तब राजनीति में मेरा कोई वजूद नहीं था। यहां के मठाधीशों ने भी किसी की आवाज को उठने नहीं दिया। इतना हीं नहीं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को भी यहां तक नहीं आने दिया गया। बाहर ही बाहर से अपनी उपलब्धियां बता कर उन्हें हमेशा गुमराह रखा गया। एक बड़ा गुंडा यहां पर बैठा रखा था, जिसने इस तरह के भ्रष्टाचार को बढ़ाया है।
निजी केमिस्ट शॉप और इंप्लांट सप्लायरों के निशाने पर रहा है अमृत फार्मेसी स्टोर
निजी केमिस्ट शॉप और निजी इंप्लांट सप्लायरों की मनमानी कीमत वसूलने पर स्वास्थ्य विभाग के एसीएस अमित झा के निर्देशों पर पीजीआईएमएस के व्यसायिक केंद्र पर पहला अमृत स्टोर खोला गया। इसमें व्यवधान डालने के लिए कोर्ट केस तक किया गया लेकिन प्रशासन ने कानूनी लड़ाई लड़ते हुए मरीजों के लिए अमृत फार्मेसी स्टोर खुलवाया।
इसके बाद भी जब निजी केमिस्टों व निजी इंप्लांट सप्लायरों की मनमानी नहीं रुकी और ऑपरेशन थियेटर व मरीजों के बेड़ों तक एजेंटों की पहुंच रही तो प्रशासन ने वार्ड 12 के बाहर अमृत फार्मेसी स्टोर खुलवाया।
स्थिति यह है कि संस्थान अवैध रूप से लाखों रुपये के इंप्लांट जब्त हैं और मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। हैरानी तो इस बात की है कि संस्थान और निजी इुंप्लांट सप्लायरों की कानूनी लड़ाई में ऑर्थो विभाग के डॉक्टर भी अपने ही प्रशासन के खिलाफ पार्टी बने हैं। अब निजी केमिस्ट शॉप और निजी इंप्लांट सप्लायर अमृत फार्मेसी स्टोर के खुलने के बाद कंप्टीशन में आ गए हैं और दावा करते हैं कि वह स्टोर से कम कीमत में सामान उपलब्ध कराते हैं।
हालांकि अमृत फार्मेसी स्टोर के अधिकारियों का कहना है कि उनकी कीमत सेंटर से तय होती है। उनको फेल करने के लिए यदि कोई कम कीमत में सामान बेच रहा है तो वह क्या कर सकते हैं, लेकिन यह भी अधिक समय नहीं चलेगा, क्योंकि विक्रेता अपनी जेब से अधिक समय तक सामान नहीं दे सकता। अमृत फार्मेसी के प्रबंधक राजशेखर से जब इस संबंध में कुछ दिन पूर्व बात की गई तो उन्होंने भी आश्वास दिया था कि वह अपने यहां की कीमत में और बाजार की कीमत का सर्वे करवाएंगे। यदि कीमत में कोई अंतर है तो अधिकारियों से बात की जाएगी।

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