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महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध व बलात्कार के आंकड़े बता रहे हैं प्रदेश सरकार है नाकारा

चंडीगढ़, 7 दिसम्बर- हरियाणा कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद कुमारी सैलजा ने प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ रहे अपराधों और बलात्कार के मामलों को लेकर प्रदेश की मौजूदा सरकार को नाकारा सरकार की संज्ञा दी है। उन्होने कहा कि महिलाओं के प्रति अपराधों में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज हो रही है, लेकिन सरकार महिला सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि प्रदेश की मौजूदा सरकार को महिला सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। जब से भाजपा सत्ता मे आई है, तब से प्रदेश में महिलाओं के प्रति आपराधिक मामलों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। लेकिन अपराधों पर अंकुश लगाने की बजाय सरकार कुंभकर्णी नींद में सोई हुई है। एनसीआरबी डाटा का हवाला देते हुए उन्होने कहा कि वर्ष 2015 के एनसीआरबी डाटा के अनुसार महिलाओं के खिलाफ अपराध के 9511 मामले दर्ज हुए थे, यानी कि प्रतिदिन करीब 26 मामले अपराध हुए। वर्ष 2016 में यह बढ़कर 9839 हो गए, यानी कि वर्ष 2016 में प्रतिदिन करीब 27 अपराध हुए थे और वर्ष 2017 में यह आंकड़ा बढकर 11,370 पर पहुंच गया, यानी कि वर्ष 2017 में प्रतिदिन महिलाओं के खिलाफ 31 से ज्यादा अपराध हुए।

कुमारी सैलजा ने कहा कि यदि हम बलात्कार के मामलों की बात करे तो एनसीआरबी के डाटा के अनुसार वर्ष 2017 में 1099 बलात्कार के मामले सामने आए। जो लगातार बढ़ रहे हैं। अभी एनसीआरबी का वर्ष 2018 और 2019 का कोई आंकड़ा सामने नहीं आया है। लेकिन इस वर्ष के कई अन्य जगहों से प्राप्त आंकड़ों ने हमारी चिंता और बढ़ा दी है। इस वर्ष 10 महीने में ही 1396 बलात्कार के मामले सामने आए हैं, जिनमें गैंगरेप के 150 मामले सामने आए हैं। यानी कि प्रदेश में हर 5 घंटे में बलात्कार की घटनाएं हो रही है। जिससे हरियाणा में दिन प्रतिदिन बिगड़ रही कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा की दयनीय स्थिति का पता चलता है।

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उन्होंने कहा कि निर्भया फंड के तहत प्रदेश सरकार को महिलाओं की सुरक्षा के लिए 16 करोड़ रूपये मिले, परन्तु उसका 62 प्रतिशत हिस्सा प्रदेश सरकार ने खर्च ही नहीं किया। वन स्टॉप सेंटर के लिए 10 करोड़ रूपये मिले, लेकिन उसका भी सरकार 81 प्रतिशत हिस्सा खर्च नहीं किया। महिला हेल्पलाइन का भी सरकार 86 प्रतिशत फंड खर्च नहीं कर पाई है । उन्होंने कहा कि एक ओर प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। वहीं दूसरी ओर महिला सुरक्षा के लिए मिले फंडों को इस्तेमाल ना करने से साफ़ पता चलता है कि सरकार महिला सुरक्षा को लेकर बिल्कुल भी गंभीर नहीं है।

उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में प्रदेश के पलवल जिले में एक नाबालिग बेटी के साथ दो बार गैंगरेप की वारदात होती है और आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। आज इस नाकारा सरकार के राज में महिलाओं का घर से निकलना तक दूभर हो गया है प्रदेश में अपराधी बेखौफ है और सरकार पस्त है।

कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा सरकार प्रदेश में हो रहे अपराधों पर नियंत्रण लगाए और महिला सुरक्षा के प्रति गंभीर रुख अपनाते हुए कोई ठोस कदम उठाए।

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