हरियाणा

पौधारोपण से मृदा को मिलता है संरक्षण

मृदा दिवस के उपलक्ष्य में संस्था की ओर से पौधारोपण कर ग्रामीणों को किया गया जागरूक

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करनाल 04दिसम्बर (शिव कुमार)
मृदा दिवस के उपलक्ष्य में निर्मल समाज वेलफेयर सोसाइटी की ओर से बुधवार को काछवा रोड से लगते ग्रामीण क्षेत्र में पौधे रोपित कर ग्रामीणों को मृदा के संरक्षण के बारे में जागरूक किया गया। संस्था अध्यक्ष शिक्षाविद निर्मल दहिया ने ग्रामीणों को कहा कि पांच दिसंबर को मृदा दिवस है। पृथ्वी की ऊपरी परत जिस पर खेती-बाड़ी करते हैं वह मृदा कहलाती है। मृदा का संरक्षण करना सबकी जिम्मेदारी और कर्तव्य है। किसान उसमें सबसे पहले आता है। जमीन में कई तरह के पोषक तत्वों की कमी आ गई है। कृषि उपज लेकर जमीन से पोषक तत्व लिए गए लेकिन उनकी प्रतिपूर्ति नहीं की जाती। इससे मृदा में पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ता है। जिन राज्यों में हरित क्रांति आई थी उनमें जमीन के स्वास्थ्य का ध्यान नहीं दिया गया।आर्गेनिक कार्बन धीरे-धीरे घटता जा रहा है। पिछले कुछ सालों से जिस तरह से दोहन किया जा रहा है उससे स्थिति बिगड़ी है। इसके संरक्षण की आवश्यकता है। मृदा को आर्गेनिक कार्बन लौटाना होगा। मृदा कमजोर हो गई तो उचित पैदावार नहीं मिलेगी। हर किसान को प्रत्येक खेत का सॉयल हेल्थ कार्ड बनवाना चाहिए। उसे खेतों के स्वास्थ्य का पता होना चाहिए। कार्ड की रिपोर्ट में जिन तत्वों की कमी है उनकी पूर्ति करें। आबादी के दबाव को देखते हुए विशेष तौर पर मृदा के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। पौधारोपण करने से जमीन का कटाव रुकता है। इसके साथ ही पानी जमीन में पौधों की जड़ों के साथ-साथ नीचे जाता है। पौधों वाले इलाके में जमीन में जल धारण करने की क्षमता बढ़ जाती है। पेड़ों के पत्ते व सूखी टहनियां जमीन पर गिरने से जैविक कार्बन बढ़ता है। इस मौके पर मीनाक्षी, चंचल, पूजा, निर्मल व अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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