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सिरदर्द बना मंत्रीमंडल का गठन: जेजेपी ने मांगे गृह, वित्त, कृषि सहित 14 बड़े विभाग

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अनूप कुमार सैनी
रोहतक। हरियाणा मंत्रीमंडल के विस्तार को लेकर भाजपा में माथापच्ची अभी भी जारी है. मंत्रिमंडल विस्तार से पहले ही जजपा ने कई अहम विभाग बीजेपी से मांग लिए हैं। इसी वजह से पार्टी आलाकमान और प्रदेश इकाई मंत्रिमंडल के स्वरूप को लेकर अब भी मंथन में जुटे हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने पूरे मंत्रिमंडल की संभावित सूची तैयार करके पार्टी आलाकमान के सामने रख दी है. और अब वह पार्टी आलाकमान की मंजूरी का इंतजार कर रहे हैं।
माना जा रहा है कि महाराष्ट्र में बनी राजनीतिक परिस्थितियों के चलते बीजेपी आलाकमान हरियाणा की तरफ ध्यान नहीं दे पा रही है। इसी के चलते हरियाणा मंत्रिमंडल को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की अंतिम मुहर अभी नहीं लग पाई है।

करीब 14 बड़े विभागों की मांग की है जेजेपी ने
सूत्रों की माने तो मंत्रिमंडल के विस्तार से पहले ही जजपा ने भाजपा से कई अहम विभाग मांगे हैं। जजपा ने भाजपा से करीब 14 बड़े विभागों की मांग की है। जजपा गृह, वित्त, कृषि, ग्रामीण विकास, पंचायत एवं विकास, शहरी स्थानीय निकाय और आबकारी एवं कराधान समेत कई विभाग अपने पास चाहती है लेकिन भारतीय जनता पार्टी गृह और कृषि जैसे अहम डिपार्टमेंट अपने पास रखना चाहती है। करीब दर्जनभर अहम विभाग जेजेपी को दिए जा सकते हैं।

पहली बार बिना मंत्रियों के ही गुजर गया पूरा सत्र
मुख्यमंत्री के तौर पर मनोहर लाल ने 27 अक्टूबर को दोबारा शपथ ले ली थी और दुष्यंत चौटाला भी उप मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ले चुके हैं। हरियाणा के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि नई सरकार के गठन के करीब करीब 2 हफ्ते बाद भी मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं किया जा सका है। हरियाणा के इतिहास में यह भी पहली बार हुआ की विधानसभा का एक पूरा सत्र बिना मंत्रियों के ही गुजर गया। सूत्रों की मानें तो कभी भी मंत्रिमंडल के विस्तार का एलान हो सकता है. हरियाणा मंत्रिमंडल में विस्तार में सबसे बड़ा रोड़ा महाराष्ट्र में बना डेडलॉक माना जा रहा है।

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जेजेपी और निर्दलीय विधायकों की वजह से करनी पड़ रही माथापच्ची
सूत्रों के अनुसार कैबिनेट को लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं से बातचीत कर चुके हैं। उन्होंने हरियाणा कैबिनेट का ब्लूप्रिंट लगभग तैयार कर लिया है। जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) और निर्दलीय विधायकों के कोटे से मंत्री बनाने के चलते भी पार्टी को काफी माथापच्ची करनी पड़ रही है। जेजेपी को उप मुख्यमंत्री समेत दो और मंत्री मिल सकते हैं। भारतीय जनता पार्टी के 9 विधायक मंत्री बन सकते हैं। एक निर्दलीय विधायक को भी मंत्री पद दिया जा सकता है।
अनिल विज का मंत्री बनना तय
अंबाला कैंट के विधायक अनिल विज का मंत्री बनना तय है लेकिन थानेसर के विधायक सुभाष सुधा पंजाबी समुदाय से मंत्री बन सकते हैं। पूर्व स्पीकर कंवर पाल गुज्जर, अभय सिंह यादव और हरविंदर कल्याण ओबीसी कैटेगरी से मंत्री बनाए जा सकते हैं।

मंत्री पद की दौड़ में आगे हैं ये नेता
कमल गुप्ता हिसार के विधायक, पलवल से विधायक दीपक मंगला और भिवानी के विधायक घनश्याम सर्राफ अग्रवाल समुदाय से मंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे हैं. बवानीखेड़ा के विधायक विशंभर वाल्मीकि और पूर्व मंत्री बनवारीलाल दलित समुदाय से मंत्री हो सकते हैं।
सीमा त्रिखा बन सकती हैं मंत्री
पानीपत ग्रामीण से विधायक महिपाल ढांडा लोहारू से विधायक जेपी दलाल और कलायत की महिला विधायक कमलेश ढांडा जाट समुदाय से मंत्री बन सकती हैं.बल्लभगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा ब्राह्मण कोटे से मंत्री बनाए जा सकते हैं जबकि महिला कोटे से बड़खल की विधायक सीमा त्रिखा मंत्री बन सकती हैं।

जेजेपी कोटे से राम कुमार गौतम और ईश्वर सिंह हैं आगे
सूत्रों की माने तो जेजेपी के कोटे से नारनौल से विधायक राम कुमार गौतम और गुलहा चीका के विधायक ईश्वर सिंह मंत्री बन सकते हैं। रानियां से निर्दलीय विधायक रंजीत सिंह चौटाला भी मंत्री बन सकते हैं. भाजपा को जातिगत, क्षेत्रीय और जेंडर समीकरण को साधने में बड़ी मेहनत करनी पड़ रही है।

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