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रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने INS खंडेरी को नौसेना में किया शामिल

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  • राजनाथ सिंह बोले- अब नहीं कामयाब होगी 26/11 जैसी साजिश

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह  की मौजूदगी में आज (शनिवार) पनडुब्बी खंडेरी नौसेना के बेड़े में शामिल हो गई है. पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी के बेड़े में शामिल होने से नौसेना को साइलेंट किलर की ताकत मिली है.

आईएनएस खंडेरी भारत की दूसरी स्कार्पियन-वर्ग की मारक पनडुब्बी है, जिसे पी-17 शिवालिक वर्ग के युद्धपोत के साथ नौसेना में शामिल किया गया. रक्षामंत्री राजनाथ सिंह इसे हरी झंडी दिखाई. आईएनएस खंडेरी के नौसेना में शामिल होने से भारत की नेवी की क्षमता में कई गुणा इजाफा होने होगा.

आईएनएस खंडेरी में 40 से 45 दिनों तक सफर करने की क्षमता है. INS खंडेरी को नौसेना में शामिल करने के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि अब 26/11 जैसी साजिश कामयाब नहीं होगी.

पाकिस्तान को बड़ा झटका देने में सक्षम भारत

आईएनएस खंडेरी पनडुब्बी को नौसेना को सौंपने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, पाकिस्तान को समझना चाहिए कि आज हमारी सरकार के मजबूत संकल्प से INS खंडेरी के बेड़े में शामिल होने के बाद नेवी की क्षमता बढ़ गई है. अब भारत पाकिस्तान को पहले से बड़ा झटका देने में सक्षम है. रक्षा मंत्री ने कहा कि खंडेरी नाम ‘स्वॉर्ड टूथ फिश’ से प्रेरित है, जो समुद्र के तल के करीब पहुंचकर शिकार करने के लिए जानी जाने वाली एक घातक मछली है.

भारत की दूसरी स्कॉर्पीन क्लास सबमरीन आईएनएस खंडेरी शनिवार को नौसेना में शामिल हो गई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और नौसेना प्रमुख एडमिरल करमबीर सिंह की मौजूदगी में मुंबई डॉकयार्ड पर उद्घाटन किया गया। इस मौके पर राजनाथ ने कहा कि जम्मू कश्मीर के विकास के लिए हम जो कदम उठा रहे हैं, उन्हें वैश्विक समर्थन मिल रहा है। लेकिन पाकिस्तान इस पर हर किसी (देश) के दरवाजे पर जाकर कार्टून बनाने वालों के बीच मजाक का मुद्दा बना है।

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आईएनएस खंडेरी को नौसेना को सौंपते हुए राजनाथ ने कहा, “इस सबमरीन की प्रेरणा खतरनाक स्वोर्ड टूथ फिश (मछली की एक प्रजाति) से ली गई है। यह मछली गहरे समुद्र में तैरकर शिकार करती है।” रक्षा मंत्री ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि पड़ोसी देश को यह समझना होगा कि हमारे देश की मजबूत इच्छाशक्ति और बढ़ती नौसैनिक क्षमता से हम उसे कभी भी बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं।

एक बार में 45 दिन तक समुद्र में रह सकती है आईएनएस खंडेरी

40 से 45 दिन तक पानी में रहने और एक बार में 12 हजार किमी की दूरी तय करने की क्षमता वाली यह पनडुब्बी 350 मीटर की गहराई तक उतर सकती है। सबमरीन में आधुनिक एंटी-सरफेस, एंटी सबमरीन हथियार मौजूद हैं। इसके अलावा खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और सर्विलांस के लिए बेहद तेज संचार उपकरण भी लगाए गए हैं, जिससे दुश्मनों की साजिशों का तुरंत पता लगाया जा सकेगा। वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार के मुताबिक, खंडेरी के नौसेना में शामिल होने और आईएनएस नीलगिरी की लॉन्चिंग के साथ नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।

खंडेरी पनडुब्बी का निर्माण मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में किया गया है । 1 जून 2017 से इसका समुद्री परीक्षण शुरू हुआ। सितंबर 2019 तक कड़े समुद्री परीक्षण और सभी प्रकार के हथियारों की टेस्टिंग होने के बाद 19 सितंबर को खंडेरी को नौसेना को सौंपा गया।

आईएनएस खंडेरी में 750 किग्रा वजन की 360 बैटरियां
आईएनएस खंडेरी में तैनात इलेक्ट्रिक ऑफिसर कमांडर सुजीत कुमार के अनुसार इस पनडुब्बी में कुल 360 बैटरी हैं। इसमें से प्रत्येक बैटरी का वजन 750 किग्रा है। उन्होंने बताया कि इसमें लगी परमानेंटली मैग्नेटाइज्ड प्रपुल्शन मोटर इसी कई विशेषताओं में से एक है। इसकी वजह से यह पनडुब्बी समुद्र में एकदम साइलेंट रहती है, जिससे दुश्मन देश को पता ही नहीं चलेगा कि उसके समुद्री इलाके में कोई पनडुब्बी है। इसके अलावा 1250 किलोवाट के दो डीजल इंजन भी हैं। इसमें 6 टॉरपीडो ट्यूब लगे हैं। इसमें से 2 ट्यूब से मिसाइल भी दागी जा सकती है। इसके भीतर कुल 12 टॉरपीडो रखने की व्यवस्था है।

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आईएनएस खंडेरी की खासियत

इसकी लंबाई लगभग 67.5 मीटर और चौड़ाई 12.3 मीटर है।
समुद्र में 350 मीटर की गहराई तक गोता लगाने की क्षमता।
यह पनडुब्बी 12 हजार किमी की दूरी तक गहरे समुद्र में सफर कर सकती है। प्रोजेक्ट-75 के तहत देश के भीतर बनी स्कॉर्पीन श्रेणी की आईएनएस खंदेरी दूसरी पनडुब्बी है।
स्कॉर्पीन श्रेणी की बनी पहली पनडुब्बी आईएनएस कलवरी है।
आईएनएस खंडेरी समुद्र के अंदर पानी में लगभग 20 समुद्री मील और पानी के ऊपर 11 समुद्री मील की रफ्तार से चलने में सक्षम है।

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