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करनाल-यमुनानगर और जींद-हांसी दो नई रेल लाइनों के निर्माण का मार्ग प्रशस्त

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चंडीगढ़, 10 सितंबर- हरियाणा रेल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड ने करनाल-यमुनानगर (61 किलोमीटर) और जींद-हांसी (50 किलोमीटर) दो नई रेल लाइनों के निर्माण के लिए मार्ग प्रशस्त कर दिया है। रेल मंत्रालय और हरियाणा सरकार ने इन दोनों रेल लाइन परियोजनाओं के विस्तृत सर्वेक्षण का कार्य और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पूरी कर ली है।
एक सरकारी प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि इन दो नई रेल लाइनों के निर्माण से लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की मंजूरी के बाद इन दोनों परियोजनाओं की डीपीआर रेल मंत्रालय को सौंप दी गई है। इन परियोजनाओं की लागत राज्य सरकार और रेल मंत्रालय के बीच सांझा की जाएगी। इन दो रेल लाइन परियोजनाओं की अनुमानित लागत क्रमश: 1173 करोड़ रुपये और 923 करोड़ रुपये है।
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित करनाल-यमुनानगर नई लाइन, दिल्ली-अंबाला रेलवे लाइन पर स्थित भैणी-खुर्द स्टेशन और अंबाला-सहारनपुर रेलवे लाइन पर स्थित जगाधरी वर्कशॉप स्टेशन से जुड़ जाएगी। इस लाइन पर 5 नए रेलवे स्टेशन रंभा, इंद्री, लाडवा, रादौर और दामला होंगे। उन्होंने कहा कि इस लाइन के निर्माण से करनाल और यमुनानगर के इन दो औद्योगिक शहरों के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी होगी, इससे यात्रा की दूरी भी 50 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसके अलावा, यह हरिद्वार से भी सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा जो इस क्षेत्र की लंबे समय से लंबित मांग थी। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित रेल लाइन से औद्योगिक और कृषि के क्षेत्र में आर्थिक विकास में मदद मिलेगी।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि प्रस्तावित जींद-हांसी नई लाइन दिल्ली-बठिंडा रेलवे लाइन पर मौजूदा जींद स्टेशन और रेवाड़ी-हिसार रेलवे लाइन पर मौजूदा हांसी स्टेशन से जुड़ जाएगी। इस लाइन पर 6 नए स्टेशन इंटेल कलां, राजपुरा, नारनौंद, माढ़ा, खेड़ी गगन और शेखपुरा होंगे। उन्होंने कहा कि इस लाइन के निर्माण से जींद और हिसार के बीच सीधी और तेज कनेक्टिविटी होगी तथा यात्रा की दूरी लगभग 50 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इसके अलावा, इस ग्रामीण बेल्ट में कृषि उत्पादों और उर्वरकों के तेजी से परिवहन में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि नारनौद में एक मेगा वेयरहाउसिंग परियोजना विकसित की जा सकती है, जिसमें देश के सभी हिस्सों से रेल संपर्क होगा।

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