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पुलिस महकमे में भ्रष्टचार समाप्त करना है तो ईमानदार अफसरों की नियुक्ति की जाए।

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पुलिस महकमे में भ्रष्टचार समाप्त करना है तो ईमानदार अफसरों की नियुक्ति की जाए।

ब्यूरो रिपोर्ट मनोज कुमार सोंनी
राजस्थान पुलिस के डीआईजी किशन सहाय ने मुख्यमंत्री गहलोत को सलाह दी। सोशल मीडिया पर ब्लॉग लिखकर बताया किस तरह होता है भ्रष्टाचार।

राजस्थान पुलिस के ईमानदार माने जाने वाले डीआईजी किशन सहाय ने कहा है कि यदि पुलिस विभाग से भ्रष्टाचार समाप्त करना है तो ईमानदार और न्यायिक प्रवृत्ति के अधिकारियों की नियुक्ति की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पुलिस अधीक्षकों की कार्यशाला में कहा था कि जब सीनियर अफसर जूनियर से पैसा लेता है तो फिर जूनियर अफसर जनता से वसूली करता है। मुख्यमंत्री के इसी कथन पर प्रतिक्रिया देते हुए डीआईजी किशन सहाय ने कहा कि पुलिस अधीक्षक और रेंजों में महानिरीक्षकों के पद पर ईमानदार व न्यायिक प्रवृृत्ति के अधिकारियोंकी नियुक्ति होनी चाहिए। जब आईजी और एसपी ईमानदार होंगे तो फिर डीएसपी और थाना अधिकारियों की सही प्रकार से नियुक्ति भी होगी। मुख्यमंत्री के कथन पर सोलश मीडिया में ब्लॉग लिखकर प्रतिक्रिया देते हुए डीआई किशन सहाय ने कहा कि ईमानदार और न्यायिक प्रवृत्ति के अधिकारियों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री के पास सभी बड़े अधिकारियों की कार्यकुशलता की रिपोर्ट होती है। जब अधिकारियों के तबादले हों, तब कार्यकुशलता की रिपोर्ट को ध्यान में रखा जाए। बेईमान प्रवृत्ति के अधिकारियों से ईमानदारी को बढ़ाने की उम्मीद करना उसी तरह है जिस प्रकार बिल्ली से दूध की रखवाली करने को कहा जाए। उल्लेखनीय है कि डीआईजी किशन सहाय इस समय सीआईडी क्राइम जयपुर में नियुक्त हैं। इससे पहले वे जेल विभाग में जयपुर रेंज के डीआईजी थे। जेलों में कैदियों से वसूली की शिकायतों को मिलने पर किशन सहाय ने मीडिया में अपने मोबाइल नम्बर जारी कर दिए और कैदियों और उनके परिजन से अपील की कि वे शिकायत होने पर सीधे सम्पर्क कर सकते हैं। भ्रष्टाचार को मिटाने में किशन सहाय ने जो सक्रियता दिखाई उसी का नतीजा है कि उन्हें अब सीआईडी क्राइम में काम करना पड़ रहा है। लेकिन सोशल मीडिया और समाज में किशन सहाय की सक्रियता लगातार जारी है। मानवतावादी समाज के लिए वे लगातार शिक्षण संस्थाओं में अपने विचार प्रस्तुत कर रहे हैं। सरकारी स्कूलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में अंधविश्वास के विरोध में भी जागरुकता की जा रही है।

 

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