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अस्थाई व परमिशन स्कूलों की मान्यता के साथ अटका लाखो छात्रों का भविष्य : सत्यवान कुंडू

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अभी तक नहीं बढ़ाई गई अस्थाई व परमिशन स्कूलों की मान्यता
-सरकार के निर्णय पर अटका लाखों छात्रों का भविष्य

प्रदेश के लगभग 3200 अस्थाई व परमिशन प्राप्त स्कूलों मेें शिक्षा ग्रहण कर रहे लाखों बच्चों का भविष्य इस बार फिर सरकारी आदेशों का इंतजार कर रहा है। इन स्कूलों को लगातार 15 वर्षों से हर वर्ष सरकार की ओर से एक साल का समय बढ़ा दिया जाता है। इन स्कूलों की पिछले वर्ष की बढ़ाई गई मान्यता की समय सीमा 31 मार्च 2019 को समाप्त हो चुकी है, लेकिन मान्यता समाप्त होने के बादभी इन 3200 अस्थाई स्कूलों में शिक्षा विभाग ने नियम 134ए के बच्चों के दाखिले भी दिलवा दिए औरइन स्कूलों में स्पोट्र्स फंड भरवाकर इनके बच्चों को भी शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में बच्चों को प्रतिभागिता के आदेश दे दिए, लेकिन इन स्कूलों की मान्यता को आगे बढ़ाने के लिए अभी तक एक्सटेंशन लेटर जारी नहीं किया गया है। ऐसे में इन स्कूलों की शिक्षा बोर्ड से संबंद्धता लटक गई है। जिसके चलते इन स्कूलों में पढऩे वाले बच्चे बोर्ड कक्षाओं के फार्म नहीं भर पाएंगे।
प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने बताया कि प्रदेश के इन 3200 अस्थाई व परमिशन प्राप्त स्कूलों में लगभग 12 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इनमें से अकेले दसवीं व 12वीं की बांर्ड कक्षाओं के लगभग ढाई लाख बच्चे हैं। इन स्कूलों को हर वर्ष शिक्षा बोर्ड से अस्थाई संबंद्धता लेनी पड़ती है, जिसके आधार पर बोर्ड 10वीं व 12वीं कक्षा के फार्म भरने की अनुमति देता है। 10वीं व 12वीं कक्षा के एनरोलमेंट भरने की अंतिम तिथि नौ सितंबर है, लेकिन बोर्ड में एक वर्ष बढ़ाए जाने का लेटर न पहुंचने के कारण इन स्कूलों के बच्चों के एनरोलमेंट फार्म भरवाने मेें बोर्ड ने मना कर दिया है। ऐसे मेें इन स्कूलों में पढ़ रहे लाखों बच्चों के भविष को देखकर स्कूल संचालक भी पशोपेश की स्थिति में है। हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू ने सरकार से मांग की कि सरकार जल्द से जल्द एक्सटेंशन लेटर जारी करे ताकि इन स्कूलों में पढ़ रहे 12 लाख बच्चों का भविष्य खराब न हो। इसके साथ ही शिक्षा नियमावली का सरलीकरण किया जाए ताकि सभी स्कूल स्थाई मान्यता ले सके और हर वर्ष समय बढ़ाने की मांग न करनी पड़े। इसके साथ ही एग्जिस्टिंग स्कूलों की सूची भी जल्दी से जल्दी जारी की जाए।

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