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राजनीतीहरियाणा

मंदिर बनाने की बात करने वाले संत रविदास का मंदिर ढहाए जाने पर चुप क्यों हैं – निशान सिंह

सैंकड़ों साल पुराने आस्था के केंद्र को ढहाकर करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत कर रही है सरकार – जेजेपी

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चंडीगढ़/टोहाना, 13 अगस्त। जननायक जनता पार्टी ने राजधानी दिल्ली के तुगलकाबाद इलाके में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के मंदिर को ढहाए जाने की कड़ी निंदा की है और केंद्र सरकार से इसमें दखल देकर शांतिपूर्वक समाधान करने की मांग की है। जेजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सरदार निशान सिंह ने कहा कि संत रविदास गरीबों और पिछड़ें लोगों के मसीहा माने जाते हैं और उनसे प्रेरणा पाकर ही बाबा साहब भीमराव अंबेडकर ने देश के लिए समतामूलक संविधान तैयार किया था। निशान सिंह ने कहा कि आज जिस तरह कोर्ट के आदेश की आड़ लेकर लगभग 600 साल पुराने आस्था केंद्र को तहस नहस किया गया है, उससे ना सिर्फ अनुसूचित जाति समाज में आक्रोष है बल्कि वे असुरक्षित भी महसूस कर रहे हैं।

सरदार निशान सिंह ने फतेहाबाद जिले के टोहाना में रविदास समाज के एक विरोध प्रदर्शन में भी हिस्सा लिया और कहा कि डीडीए द्वारा उठाया गया मंदिर तोड़ने का कदम गैरजरूरी और लोगों को बांटने वाला है। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने पीछे छूट रहे लोगों में अलख जगाकर उन्हें मुख्यधारा में लाने का काम किया था। बाबा भीमराव अंबेडकर से लेकर ना जाने कितने दलित विचारक संत रविदास से प्रेरणा पाते रहे और उन्हें भक्त पंजाब से लेकर हरियाणा, दिल्ली और पूरे प्रदेश में फैले हुए हैं। निशान सिंह ने कहा कि उन्होंने इस घटना को लेकर रविदास समाज में बहुत नाराजगी महसूस की है जो पूरी तरह जायज़ है। उन्होंने कहा कि मंदिर बनाने की बातें कह कहकर सत्ता में आए लोग आज रविदास समाज का मंदिर ढहने पर चुप मूक दर्शक क्यों बने हैं।

निशान सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी इस मसले पर पूरी तरह रविदासिया समाज और संत रविदास के सभी अनुयाइयों के साथ है। उन्होंने दिल्ली विकास प्राधिकरण और केंद्र सरकार से निवेदन किया कि वे बड़ा दिल दिखाते हुए रविदास समाज के लोगों के साथ विचार विमर्श करें और उनकी सहमति से ही समस्या का समाधान निकालें। उन्होंने उम्मीद जताई कि दिल्ली के उपराज्यपाल भी इस विषय पर हस्तक्षेप करेंगे और ऐसा समाधान निकालेंगे जिससे कोर्ट भी संतुष्ट हो जाए और रविदास समाज की भावनाएं भी आहत ना हों।

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