Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
हरियाणा

कष्ट निवार्ण समिति की बैठक में भी नहीं हुई महिला की सुनवाई

एक महिला ने स्कूल डायरैक्टर व प्राचार्य पर उसकी बेटी को स्कूल में न बैठने देने के आरोप

Spread the love
भिवानी, 13 अगस्त। तहसील बाढड़ा के गांव श्यामकलां निवासी एक महिला ने
बताया कि उसकी बेटी गांव के स्कूल में पढ़ती है। स्कूल के एक अध्यापक ने
उसके साथ छेड़छाड़ व अभद्रव्यवहार किया जिसकी शिकायत उन्होंने 27 जुन को
पुलिस अधीक्षक से की थी। पिडि़त महिला ने बताया कि आरोपी अध्यापक ने कहा
कि अगर इसकी शिकायत डायरैक्टर व प्राचार्य से की तो वह उसकी लड़की को
समाज में बदनाम कर देने और उन्हें नौकरी ने निकलवा देने की धमकी दी। वहीं
डायरैक्टर व प्राचार्य ने दरखास्त देने पर डराया और धमकाया व नौकरी से
निकालने की धमकी भी दी। 24 जुन को वह अपने पति व लड़की के साथ स्कूल में
गई तो उन्होंने कहा कि लड़की को स्कूल मत भेजो यहां का माहौल खराब होता
है तथा स्कूल की बदनामी हो रही है। उन्होंने आधे घंटे तक उन्हें व उनकी
बेटी को बेईज्जत किया, अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें स्कूल से
बाहर निकाल दिया। आरोपियों ने उन्हें व उसके पति को नौकरी से भी निकाल
दिया है। इसकी शिकायत उन्हेंने सीएम विण्डो, पुलिस अधीक्षक, उपायुक्त,
बीओ, डीओ को भी दी तथा यहां पंचायत भवन में आयोजित कष्ट निवारण समिति की
बैठक में शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा व उपस्थित अन्य अधिकारियों को भी
शिकायत दी लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने बताया कि समिति
की बैठक के दौरान उन्होंने शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से मिलना चाहा
तो उन्हें मिलने नहीं दिया गया और इस दौरान उन्हें चक्कर भी आ गए थे एसपी
गंगाराम ने उन्हें संभाला था। उन्होंने बताया कि वे मामले को लेकर 3
जुलाई को जांच अधिकारी हवाकौर से मिली तो उन्होंने कहा कि उसे जो करना था
वह उसने कर दिया है अब किसी की कोई गिरफ्तारी नहीं होगी। उन्होंने प्रदेश
सरकार, जिला उपायुक्त व पुलिस प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के
खिलाफ मुकदमां दर्ज करके कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जावे तथा
शिक्षा अधिकारी को निर्देश देकर उनके बच्चों का स्कूल में प्रवेश दिलाया
जाए ताकि उनकी पढ़ाई बाधित न हो।

Close