Breaking Newsराजनीतीसभी खबरें

18 अगस्त की महारैली: समझौते की उम्मीद के बीच हुडा का आखिरी दांव

Spread the love

पंचकूला। हरियाणा की राजनीति में विधानसभा चुनाव को लेकर पहले ही सरगर्मी है। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा की 18 अगस्त को होने वाली महारैली से प्रदेश में हलचल तेज हो गई है। हर जगह चर्चा है कि आखिर हुड्डा 18 को क्या करने वाले है। हुड्डा परिवार के भाषण और साथी नेताओं की खींची गई लाइन यह बता रही है कि समझौते की उम्मीद के बीच हुडा परिवार ने अलग पार्टी बनाने का आखिरी दांव खेल दिया है।

हुड्डा को  पता है कि अगर विधानसभा चुनाव में कुछ कमाल करना है तो आर पार की लड़ाई लड़नी होगी। रोहतक में होने वाली महापरिवर्तन रैली से पहले यदि हुड्डा को कांग्रेस की कमान नहीं सौंपी गई तो उनके समर्थक कोई बड़ा राजनीतिक फैसला लेने का दबाव भी हुड्डा पर बना सकते हैं।

भूपेंद्र हुड्डा एक-एक कर प्रदेश का दौरा कर व कार्यकर्ताओं से मिल महारैली का न्यौता दे रहे है। 4 अगस्त को हुए कार्यकर्ता सम्मेलन में भीड़ दिखाकर अब महारैली के जरिए हुड्डा फिर कांग्रेस हाईकमान को अपनी ताकत दिखाएंगे। अब देखने वाली बात होगी कि 18 अगस्त की महारैली में वो नई पार्टी बनाते है या कांग्रेस में ही रहकर जंग लड़ते है।

Close