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OMR दिखाने से डरता है HSSC : सीएम के दावे “बिन पर्ची-बिन खर्ची” भर्ती की कहीं खुल न जाए पोल पोल

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  • सीएम का दावे योग्यता और मेरिट पर नौकरी पर HSSC की कार्यप्रणाली खड़े कर रही है सवाल
  • मुख़्यमंत्री मनोहर लाल का नौकरियों में भेदभाव रहित और भृष्टाचार मुक्त के साथ योग्यता व मैरिट का दावे पर हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग  की कार्यप्रणाली से सवाल उठ रहे हैं l
  • भृष्टाचार का अड्डा बन चुका हरियाणा सरकार के इस संस्थान को न तो सरकार की छवि धूमिल होने का कोई ख्याल है और ना ही किसी कानूनी कार्रवाई की चिंता l
  • जब ईमानदार मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सख्ती का कोई डर ना हो तो राज्य सुचना आयुक्त की बिसात क्या है उस पर कोई करवाई करे !
  • ऐसा लगता है कि “पोता लिखणिया दादा की बही” की कहावत हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग HSSC के लिए ही बनी है l

 

जब तक हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग HSSC है तब तक मुख़्यमंत्री मनोहर लाल इन के इन दावों का कोई भरोसा कैसे करे कि सरकारी नौकरियों में भृष्टाचार खत्म कर दिया, नौकरी शुद्ध योग्यता और मेरिट पर दी गई हैं ! हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग HSSC की कार्यप्रणाली चिल्ला चिल्ला कर कह रही है कि “नौकरियों में शुद्ध योग्यता और मेरिट का पैमाना HSSC पर लागु नहीं होता l” पारदर्शिता को भृष्टाकाहर कि चादर में लिपटी हुई आंसू बहाने को मजबूर है l

HSSC की कारगुजारी का कच्चा चिटठा
पानीपत क्षेत्र के गाँव बुडश्याम निवासी कपिल देव ने रोल नम्बर 1301604171 के तहत शिफ्ट अटेंडेंट (SA) की परीक्षा दी थी l डॉक्यूमेंट चेकिंग के बाद HSSC ने एक कट ऑफ लिस्ट जारी की थी जोकि जनरल कटेगरी की लिस्ट 74 अंक पर लगी थी l कपिल के अनुसार परीक्षा डुप्लीकेट OMR सीट के आंसर और HSSC द्वारा जारी “आंसर की” के मिलान से उसके 80 नंबर बनते हैं जो कि कट ऑफ़ लिस्ट से कहीं ज्यादा हैं लेकिन चयनित सूचि में नाम न पाकर कपिल देव ने HSSC से RTI के माध्यम से अपना रिकॉर्ड माँगा लेकिन HSSC ने कोई जवाब नही दिया प्रथम अपील करने पर एक लैटर भेजा जिसमे लिखा था कि भर्ती की प्रकिर्या जारी है अगर रिकॉर्ड दे दिया तो भर्ती इफेक्ट हो जाएगी।

उसके बाद में राज्य सूचना आयुक्त ( SIC) में अपील की l SIC ने HSSC को रिजल्ट आउट होने के बाद 15 दिन के अंदर अंदर पूरी सूचना देने का आदेश दिया दिया। 09 मार्च को भर्ती का फाइनल रिजल्ट आउट होने के बाद HSSC और SIC को अपना रिकॉर्ड लेने के लिए कई बार मेल भेजी लेकिन HSSC ने उसके बाद भी मेरे को रिकॉर्ड नही दिया। रिकॉर्ड के इंस्पेक्शन के लिए भी अनुरोध किया, लेकिन भृष्टाचार का अड्डा बन चुका कर्मचारी चयन आयोग न तो राज्य सूचना आयुक्त के आदेशों के बावजूद ना तो ओरिजिनल OMR सीट दे रहा है, और तो और मुझे अपना रिकॉर्ड दिखाने को तैयार नहीं है l एक पत्र लिख कर सूचना दी कि परीक्षा में आपके अंक 72 हैं , अपना पल्ला झाड़ लिया l ऐसे में सवाल उठता है कि अगर सब कुछ पाक साफ है तो ओरिजिनल OMR सीट दिखाने में HSSC को क्या आपत्ति हो सकती है ? जबकि मुख्य सूचना आयुक्त तमाम जानकारियां देने के आदेश दे चुके हैं l
HSSC का असली OMR सीट दिखाने से इंकार मुख़्यमंत्री मनोहर लाल के उस दावे को झूठा साबित करता है कि उनकी सरकार में भर्ती “बिना पर्ची और बिना खर्ची” के हुई हैं l

शिफ्ट अटेंडेंट (SA) की परीक्षा Answar Key PDF file 

815_1_1_33_REVISED KEY 29-05-16 Morning
मुख्य सूचना आयुक्त तमाम जानकारियां देने के आदेश दे चुके हैं (in red box)

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