Oops! It appears that you have disabled your Javascript. In order for you to see this page as it is meant to appear, we ask that you please re-enable your Javascript!
Breaking Newsक्राइमहरियाणा

दो-दो लाख में बेचे रोडवेज़ कंडेक्टर के फ़र्ज़ी अपॉइंटमेंट लेटर, दो पकड़े

Spread the love

हरियाणा रोड़वेज में परिचालक के पद पर नौकरी लगाने का मामला
फर्जी चयनित पत्र भेजकर उम्मीद्वारों से लाखों रूपये ठगे
धोखाधड़ी में शामिल दो युवक गिरफ्तार
हरियाणा के कई जिलों के उम्मीद्वारों के साथ की धोखाधड़ी

रोहतक, 11 जुलाई l रोहतक पुलिस ने हरियाणा रोडवेज में परिचालक के पद पर भर्ती कराने के लिए लोगो से रूपये ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के सदस्य आवेदन करने वाले युवकों को फोन करके भर्ती होने के लिए रूपयों की मांग करते थे। मोटी रकम लेकर आवेदनकर्ता को फर्जी चयनित पत्र भेजा जाता था। रोहतक पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। आरोपियों को आज पेश अदालत किया गया है। अदालत के आदेश पर आरोपियों को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है। गिरोह के अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने के लिए निरंतर छापेमारी की जा रही है। मामलें की गहनता से जांच जारी है।
अपराध शाखा प्रथम प्रभारी निरीक्षक प्रशांत कुमार ने बताया कि गांव माडौधी रागडान (रोहतक) निवासी सोम कटारिया ने थाना कलानौर में हरियाणा रोडवेज में परिचालक के पद पर नौकरी लगावाने के नाम पर रूपये लेकर फर्जी चयन पत्र देने बारे रिपोर्ट दर्ज कराई जिसके आधार पर धारा 420,406 भा.द.स. के तहत अभियोग संख्या 153/19 अंकित कर जांच शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक रोहतक के दिशा-निर्देशों अनुसार मामलें की जांच सीआईए-1 स्टाफ व साईबर सैल की संयुक्त टीम द्वारा अमल में लाई गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा हरियाणा रोडवेज में परिचालक के पद पर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। सोम कटारिया ने परिचालक के पद के लिए आवेदन किया था। दिनांक 24.03.19 को सोम कटारिया के फोन पर एक युवक का फोन आया जिसने अपना नाम मुकेश चहल बताया तथा अपने आपकों एच.एस.एस.सी. हैड क्वाटर पंचकुला में हैडक्लर्क के पद पर कार्यरत बताया। मुकेश चहल ने सोम कटारिया को कहा कि अगर परिचालक के पद पर भर्ती होना है तो रूपये लगेंगे। सोम कटारिया ने मुकेश चहल के कहने पर अलग-2 बैंक खातों में दिनांक 24.03.19 से 15.04.19 तक अलग-2 तारिखों में कुल 1,97,999 रूपये जमा कराए। उसके बाद मुकेश चहल ने सोम कटारिया को परिचालक के पद पर चयन पत्र वाट्सएप के माध्यम से भेज दिया जो जांच में फर्जी पाया गया।

सीआईए-1 स्टाफ व साईबर सैल द्वारा मामलें की गहनता से जांच की गई। वारदात को हल करते हुए नौकरी दिलाने का झांसा देकर रूपये ठगने वाले गिरोह के सदस्य दीपक डबराल पुत्र प्रेमदत्त निवासी विनोद विहार दिल्ली को दिनांक 10.07.19 को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। दिनांक 11.07.19 को छापेमारी करते हुए गिरोह के सरगना गोविन्द पुत्र औमदत्त निवासी टटीरी जिला बागपत (उत्तर प्रदेश) को बहादुरगढ़ से गिरफ्तार किया गया है। आरोपियो को आज पेश अदालत कर 5 दिन के पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गोविन्द मुम्बई में कास्टिंग एजेंसी में काम करता है। कास्टिंग में ज्यादा खर्चा होने व कंपनी में घाटा होने के कारण गोविन्द पर कर्जा हो गया। कर्जा उतारने के लिए गोविन्द ने धोखाधोड़ी का खेल रचा। गोविन्द ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के परिचालक की भर्ती में रिजेक्ट हुए उम्मीद्वारों की लिस्ट इंटरनेट के माध्यम से निकाली। लिस्ट में उम्मीद्वारों के नाम, पता, संपर्क नम्बर व अन्य जानकारी उपलब्ध थी। गोविन्द ने एच.एस.एस.सी. का कर्मचारी बनकर उम्मीद्वारों से संपर्क करना शुरू कर दिया तथा भर्ती कराने के लिए पैसों की मांग की।

कई लोगो ने गोविन्द के झांसे में आकर पैसे देने शुरू कर दिए। गोविन्द ने अलग-2 फर्जी खातों के माध्यम से पैसे लेने शुरू कर दिए। दबाव आने पर गोविन्द ने एच.एस.एस.सी. का फर्जी चयन पत्र बनाया जिसमें आयोग की मोहर व लोगो था। उम्मीद्वारों को वाट्सअप के माध्यम से फर्जी चयन पत्र भेजकर और पैसे की मांग की। गोविन्द ने करीब 40/50 उम्मीद्वारों से संपर्क किया था। ज्यादातर उम्मीद्वार रोहतक, कैथल, हिसार व पानीपत के रहने वाले है। गोविन्द का दोस्त सरपंच धोखाधड़ी करके लोगो से पैसे ठगने का काम कर चुका है। सरपंच फिलाहल भोंडसी जेल मे बन्द है। सरपंच से ही गोविन्द को ठगी करके पैसे कमाने का विचार आया था। गोविन्द के दोस्त दीपक डबराल के खाते में ठगी के पैसे आए थे। जिसके खाते में पैसे आते थे उसे 30 प्रतिशत व बाकी 70 प्रतिशत गोविन्द अपने पास रखता था।

पुलिस टीमः- उप.नि. आजाद सिंह, स.उप.नि. अमित दलाल, विनोद दलाल, मुख्य सिपाही मनोज, सिपाही श्रीभगवान व महावीर, साईबर सैल प्रभारी प्रवीन कुमार, मुख्य सिपाही प्रवीन, सिपाही रणजीत

Close