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हरियाणा

जनसंख्या पर रोक लगाओ विकास की रफ्तार बढ़ाओ: डॉ आहूजा

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भिवानी, 11 जुलाई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कैरु में आज डॉ मीना बरवर
कार्यवहक सिवल सर्जन व डॉ क्रिशन कुमार डेप्युटी सीएमओ के मार्गदर्शन पर
डॉ डीके आहूजा चिकित्सा अधिकारी प्रभारी द्वारा कैरु विश्व जनसंख्या दिवस
सभी स्टाफ ,एमपीएचडबल्यू, एएनएम व आशा वर्करों के साथ मनाया गया ।
कार्यक्रम में संदीप बीईई ने बताया की दुनियाभर में बढ़ती जनसंख्या के
प्रभाव के प्रति लोगों को जागरुक करने के लिए इस दिवस को मनाया जाता है।
उन्होंने सभी को परिवार नियोजन, लैंगिक समानता, मानवाधिकार और मातृत्व
स्वास्थ्य के बारे में जानकारी दी। डॉ आहूजा ने बताया की1989 से ही विश्व
जनसंख्या दिवस मनाया जा रहा है। इस दिन की शुरुआत, संयुक्त राष्ट्र संघ
के विकास कार्यक्रम के तहत हुई और इसके बाद सारे देशों में विश्व
जनसंख्या दिवस मनाया जाने लगा। पिछले साल विश्व जनसंख्या दिवस की थीम
परिवार नियोजन थी। उन्होंने बताया कि तेजी से जनसंख्या की वृद्धि कई
वजहों से समाज और स्वास्थ्य के लिए खतरनाक है। गैरकानूनी होते हुई भी देश
के कई पिछड़े इलाकों में आज बाल विवाह की परंपरा है। इसकी वजह से कम उम्र
में ही महिलाएं मां बन जाती हैं। जो कि बच्चे और मां दोनों के स्वास्थ्य
के लिए घातक है। रूढि़वादी समाज में आज भी लड़के की चाह में पुरुष,
परिवार नियोजन अपनाने को तैयार नहीं होते। कई बार महिलाओं पर लड़का पैदा
करने का दबाव ज्यादा होता है। इसके अलावा, लड़कियों को शादी से पहले गर्भ
निरोधक के उपाय संबंधित जानकारी नहीं दी जाती है।  दरअसल, जनसंख्या बढऩे
की कई वजहों में गरीबी और अशिक्षा भी है। अशिक्षा की वजह से लोग परिवार
नियोजन के महत्व को नहीं समझते और मातृत्व स्वास्थ्य एवं लैंगिक समानता
के महत्व को कमतर आंकते हैं। जनसंख्या बढऩे से बेरोजगारी की समस्या भी
बढ़ती है। बढ़ती आबादी के कारण हमारे प्राकृतिक संसाधनों का तीव्र गति से
उपभोग किया जा रहा है। यह प्राकृतिक संसाधनों की कमी की ओर अग्रसर है जो
मानव के अस्तित्व के साथ-साथ पृथ्वी पर विभिन्न अन्य प्रजातियों के लिए
आवश्यक हैं। आज के समय में, उच्च जनसंख्या वाले देश बेरोजगारी की समस्या
का सामना कर रहे हैं क्योंकि नौकरियां कम हैं और समान चाहने वाले योग्य
लोगों की संख्या अधिक है। डॉ आहूजा ने सभी को बोला की घर-घर तक पहुंचकर
लोगों को जनसंख्या रोकने के तरीके व विकल्प बताएं। युवाओं का उम्र से
पहले विवाह न करें और 2 बच्चों के बीच कम से कम 5 साल का अंतर रखने की
वजह समझाएं। जनसंख्या वृद्धि की रोकथाम के लिए इसे सामाजिक और धार्मिक
स्तर पर जोड़ें। कार्यक्रम में विनोद कुमार, सुनील एचआई, सुनील कुमार,
बजरंग लाल, बाला देवी, नीरज गुप्ता, विद्या देवी, बबीता, संतोष, सुमन,
चम्पा, क्रिशना, गीता, मंजू, सुमन, निर्मा आशा ने भाग लिया।

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