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हरियाणा

श्री घण्टाकर्ण जी की अनुकूलता जीवन में सौभाग्य लाती है – महासाध्वी प्रमिला

श्री घण्टाकर्ण देवस्थान पर मासिक श्रद्धालु संगम का हुआ आयोजन

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करनाल 02जून  (मैनपाल कश्यप / शिव कुमार)
इन्द्री रोड़ स्थित श्री आत्म मनोहर जैन आराधना मंदिर में प्रतिष्ठित महाप्रभावी श्री घण्टाकर्ण महावीर देवस्थान पर विशेष कृपा दिवस कृष्ण चौदस के उपलक्ष्य में मासिक श्रद्धालु संगम का भव्य आयोजन किया गया। सूर्यादय से पहले ही श्रद्धापूर्ण हृदय लिए भक्तोंं का आगमन शुरु हुआ तथा यह क्र म भयंकर गर्मी के बावजूद पूरी दोपहर तथा देर सांझ तक चलता रहा। जैन श्रद्धालुओं के अलावा अन्य समाजों एवं वर्गों से जुड़े भक्तों की भारी संख्या में उपस्थिति रही। सर्वप्रथम श्री घण्टाकर्ण बीजमन्त्र के सामूहिक जाप से दैवी शक्ति का आह्वान करते हुए लोकमंगल की कामना की गई। साध्वी जागृति, अजय गोयल, कर्मवीर, निशा जैन, मधु जैन, अलका जैन, मीना जैन, प्रोमिला जैन, वीरेन्द्र जैन, मदन लाल, आदि ने अपने भजनों से सभी को भावविभोर कर दिया। घण्टाकर्ण दादा ने जबसे पकड़ा है मेरा हाथ, बदली तकदीर और बदले हालात, जब कोई नहीं आता मेरे दादा आते हैं मेरे दुख के दिनों में वे बड़े काम आते हैं, आ गए घण्टाकर्ण जी तेरे नाम दे पुजारी, मेरा आपकी कृपा से सब काम हो रहा है करते हो तुम दादा मेरा नाम हो रहा है, मुझे तुमने दादा बहुत कुछ दिया है तेरा शुक्रिया है तेरा शुक्रिया है, है यह पावन भूमि यहां बार-बार आना आदि भजनों ने सभी को भक्ति रस में झूमने के लिए विवश कर दिया। महासाध्वी श्री प्रमिला जी महाराज ने अपने सम्बोधन में कहा कि श्री घण्टाकर्ण जी हिन्दू, जैन तथा बौद्ध परम्पराओं में प्रभावशाली तथा सम्माननीय स्थान प्राप्त देवता हैं। रोग-शोक निवारण, भूत-प्रेत बाधा मुक्ति, उपद्रव निराकरण, ऋद्धि-सिद्धि-सम्पत्ति प्रदान करने में इनकी अपूर्व शक्ति है। इनकी कृपा नौ निधियों तथा बारह सिद्धियों से झोली भरती है और जीवन में सब तरह की अनुकूलता करने में समर्थ हैं। इनके आशीर्वाद तथा कृपा दृष्टि से जीवन की दिशा और दशा बदलने के अनगिनत उदाहरण इतिहास के पन्नों तथा प्रत्यक्ष तौर पर दुनिया में मिलते हैं। इन्हें शिवजी का गण, शिवपुत्र कार्तिकेय का सहयोगी, बद्रीनाथ तीर्थ का क्षेत्रपाल, बावन वीरों में तीसवां वीर-शिरोमणि, तन्त्र-मन्त्र की साधना में सफलता प्रदान करने वाला प्रकट प्रभावी देवता माना जाता है। इनकी अनुकूलता जीवन में सौभाग्य का सूर्य लाकर उजियारा करती है। इनके प्रसन्न होने पर झोली खुशियों से भर जाती है और नाराज होते ही सौभाग्य दुर्भाग्य में बदल जाता है, सम्पत्ति के स्थान पर विपत्ति प्राप्त होती है। इस मौके पर बृहत घण्टाकर्ण स्तोत्र सुनाकर सबको निहाल किया गया। आरती तथा प्रीतिभोज की सेवा श्री राजकुमार प्रवीण जैन (कोहेनूर पैकर्ज, रोहिणी दिल्ली) की ओर से रही। उपनिगम आयुक्त धीरज कुमार भी इस मौके पर मौजूद रहे। श्री घण्टाकर्ण देवता के जयनादों से सारा मंदिर परिसर गूंजता रहा और श्रद्धालुओं की भक्ति का सैलाब दर्शनीय रहा।

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