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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तरावड़ी में डॉक्टरों की कमी, मरीज परेशान, सुविधाओं का बुरा हाल

पिछले तीन महीनों एस एम ओं की सीट खाली है। यहां पर रात को अमरजैंसी मे कोई डाक्टर नही होता।

फोटो:-न-1 डाक्टर से मिलने के लिये अपनी बारी की इंतजार मे बैठे मरीज।
न-2 एक एक बैड पर कई कई मरीज लेटे अपने इलाज के लिये।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तरावड़ी में डॉक्टरों की कमी, मरीज परेशान, सुविधाओं का बुरा हाल

तरावड़ी, 1 जून (राजकुमार खुराना)
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तरावड़ी में डॉक्टरों की कमी होने कमी होने के कारण मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। यहां पर रोजाना लगभग तीन से चार सौ की ओपीडी होती है लेकिन डॉक्टरों के ना होने के कारण मरीजों को यहां पर लंबा इंतजार करना पड़ता है या बाहर प्राइवेट डॉक्टरों से दवाई लेकर अपना इलाज करवाना पड़ता है। जिससे उनको प्राईवेट डाक्टरों के मुंह मांगे पैसे चुकाने पड़ते हैं। सूत्रों से ज्ञात हुआ है यहां पर डॉक्टर को दूसरे कस्बे के अस्पताल से बुलाया जाता है। जो आता है ओर अपनी डयृटी कर के चला जाता है। कोई जिम्मेवार डाक्टर नही है जो कि अस्पताल की व्यवस्था को सभाल सके। यहां पर पिछले तीन महीनों एस एस ओं की सीट खाली है। यहां पर रात को अमरजैंसी मे कोई डाक्टर नही होता। तरावड़ी के अस्पताल डाक्टरों की सात पोस्ट है यह सातो बिना डाकटरों से खाली पड़ी है। डाक्टरों की कमी होने की वजह से घटों लाइन मे इंजतार करना पड़ता है और डाक्टर अगर दवाई लिख दे तो दवाईयां लेने मे काफी समय लग जाता है सुरेश कुमार , सुनीता रानी, कान्ता रानी, जसमेर सिंह व कृष्णा ने बताया कि हम कल दवाई लेने आये थे। भीड़ काफी होने के कारण हमे दवाई नही मिल पाई आज दुबारा दवाई लेने आये है। इन दिनों गर्मी के मौसम मे लोग बीमार हो रहे है। इसकी वजह से बीमार मरीजों की सयां भी बढ़ रही है। मजूबरी मे इलाज करवाने के लिये एक बैड पर दो या तीन लेटे हुये है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तरावड़ी में जो डॉक्टर थे वह यहां से अपना तबादला करवा कर दूसरे स्टेशन पर चले गए हैं उनके जाने से डॉक्टरों की कमी खल रही है गरीब मरीजों को इलाज के लिए मुश्किल बन गई है मरीजों को देखने के लिए दूसरे कस्बे से आये एकमात्र डॉक्टर होने के कारण दिनभर मरीजों की भीड़ लगी रहती है कई मरीजों को तो बिना इलाज कराए लौटना पड़ता है डाक्टरों के इलावा अस्पताल मे रेडियोग्राफर भी नही है जिससे लोगों को एक्स-रे करवाने के लिये करनाल या नीलोखेड़ी जाना पड़ता है। डाक्टरों कमी होने के कारण मरीजों में काफी रोष है लोगों की मांग है कि सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए और डाक्टरों की नियुक्ति की जाए।

बाक्स
तरावड़ी अस्पताल की व्सवस्था का हाल काफी बुरा है। एक जनरल वार्ड मे 8 बैड है। मरीजों संख्या अधिक होने की वजह से एक एक बैड पर दो दो या तीन मरीज इलाज के लिये लेटे हुये है।

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