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मान्यता देने की बजाए स्कूलों पर तालाबंदी पर आमदा है बीजेपी सरकार: सत्यवान कुंडू, प्रदेशाध्यक्ष प्राइवेट स्कूल संघ

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हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ की राज्य स्तरीय बैठक शनिवार को हिसार में
-सरकार की अनदेखी के खिलाफ लेंगे बड़ा फैसला

हरियाणा प्राइवेट स्कूल संघ की एक प्रदेश स्तरीय बैठक शनिवार 27 अप्रैल को हिसार के जिम खाना क्लब में आयोजित की जाएगी। बैठक में सरकार की अनदेखी के खिलाफ बड़ा फैसला लिया जाएगा। संघ के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान कुंडू, संरक्षक तेलूराम, महासचिव अजीत यादव, सलाहकार ईश्वर इन्सां व पूर्व प्रधान नरेंद्र सेठी ने बताया कि दोपहर एक बजे आयोजित होने वाली इस बैठक में शिक्षा विभाग के मनमाने रवैये व सरकार की अनदेखी के खिलाफ रणनीति तैयार करते हुए आगामी रूपरेखा बनाई जाएगी।
प्रदेशाध्यक्ष कुंडू ने कहा कि भाजपा ने 2014 के विधानसभा चुनाव से पूर्व वादा किया था कि बीजेपी सरकार बनने के बाद पहली कलम से ही सभी प्राइवेट स्कूलों को मान्यता देने का काम करेंगे और 134ए व बसों की समस्याओं को जड़ से समाप्त किया जाएगा, लेकिन मान्यता देने की बजाए स्कूलों पर तालाबंदी करना शुरू कर दिया गया है। इससे स्कूल संचालकों में भारी रोष बना हुआ है। कुंडू ने कहा कि अगर सरकार की मंशा ठीक है तो सरकार शिक्षा का अधिकार कानून के तहत आठवीं तक मान्यता दे सकती है, जिसकी 28 अक्टूबर 2015 मे मुख्यमंत्री के मुख्य सचिव राजेश खुल्लर व प्राइवेट स्कूल संघ के साथ सहमति हो चुकी है। इसी प्रकार शिक्षा नियमावली का सरलीकरण करके नौंवी से 12वीं तक मान्यता प्रदान कर देनी चाहिए, जोकि बीजेपी की चुनावी घोषणा पत्र में भी लिखा हुआ है।
संघ के अध्यक्ष सत्यवान कुंडू नक हा कि नियम 134ए के चार वर्षों के करोड़ों रूपए गरीब बच्चों के बकाया है, जिसको सरकार बहाना बनाकर लटकाए हुए हैं। जबकि स्कूलों ने बिल शिक्षा विभाग में जम2ा करवाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जो बच्चे वास्तव में गरी है, उनको निजी स्कूल पढ़ाना चाहते हैं, लेकिन सरकार की मंशा गरीब बच्चों के प्रति नहीं है। वो ऐसे साधन संपन्न अभिभावकों के बच्चों को पढ़वाना चाहती है, जोकि दो लाख से नीचे का झूठा आय प्रमाण पत्र बनवाकर मनमानी से दाखिला लेने में कामयाब हो जाते हैं। इसलिए ईडब्ल्यूएस की शर्त को हटाकर केवल बीपीएल परिवार के बच्चों को ही निजी स्कूलों में दस प्रतिशत सीटों को भरने के लिए टेस्ट लेकर भेजा जाए व 134ए के तहत दाखिल लेने वाले गरीब बच्चों के खातों में सीधा पैसा डाला जाए।
कुंडू ने कहा कि इसके साथ साथ भाजपा सरकार ने प्राइवेट स्कूलों की बसों पर तीन हजार से लेकर 11 हजार रूपए तक नया टैक्स लगा दिया है, जिससे निजी स्कूल बहुत घाटे में चले गए हैं। जबकि पिछली कांग्रेस सरकार में बसों पर कोई टैक्स नहीं था। इसलिए शनिवार को हिसार में होने वाली प्रदेश स्तरीय बैठक में प्राइवेट स्कूल संचालक रणनीति बनाकर सरकार के खिलाफ कोई ठोस फैसला लेने से पीछे नहीं हटेंगे।

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