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भाजपा और कांग्रेस के पास लोकसभा चुनाव के लिए जिताऊ उम्मीदवारों का ” ट्योटा “

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भाजपा मनोहर टीम के बड़े मंत्रियों
और कांग्रेस अपने दिज्गज नेताओं को चुनाव
में उतारने
जी ये न्यूज़ पोर्टल है पर करने लगी है विचार
ईश्वर धामु
चंडीगढ़। हरियाणा में चुनावी जीत को
लेकर दलबदल का सिलसिला शुरू हो चुका
है। इस बार दलबदल की बड़े स्तर पर शुरूआत  सत्तासन भाजपा ने की है। क्योकि चुनाव में आज भी भाजपा की टिकट जीत की गारंटी मानी जा रही है। चाहे मोदी का जादू 2014 जैसा न हो पर अभी भी मोदी के नाम का खुमार मतदाताओं में बाकी है।

पांच नगर निगमों में चेयरमैन चुनाव में भाजपा की जीत और जींद उपचुनाव में जीत ने एक बार सभी चुनावी समीकरण बदल दिए हैं। जींद उप चुनाव में भाजपा की जीत के बाद तो कार्यकर्ताओं में जोश का उबाल आ गया, वहीं पार्टी से जिन
नेताओं का तेजी से मोह भंग हो रहा था, उनके भी यकायक बोल बदल गए। जंहा केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह मु�यमंत्री से गहरे नाराज थे और हर मंच से अपनी नाराजगीदर्ज करह्ववाते थे, अब वें मु�यमंत्री मनोहरलाल के गुणगाण करने में लबे हैं। उनको अब जंहा भी मौका मिलता है, वें पार्टी के प्रति अपनी वफादारी दिखाने से नहीं चूकते।

यहीं हाल सांसद धर्मबीर सिंह का रहा। उहोने एक साल पहले लोकसभा चुनाव न लडऩे का ऐलान किया था, अब वें भी पार्टी आलाकमान का आदेश मानने को तैयार हैं। लेकिन भाजपा हरियाणा की सभी दसों सीटें जीतने पर फोक्स किए हुए हैं। अभी भी भाजपा के पास हरियाण की सभी सीटों पर जीताऊ प्रत्याशी नहीं हैं। पार्टी अपने स्तर पर मजबूत आधार वाले नेताओं की तलाश में हैं। यही हाल कांग्रेस का है। आपसी फूट की शिकार कांग्रेस के हुड्डा गुट को अभी भी प्रदेश प्रधान के हटने का इंतजार है। पर कांग्रेस आलाकमान इस बारे में कोई कड़ा निर्णय नहीं ले पाई है या कोई मध्यमार्ग भी नहीं खोज पाई है।

सभी गुटों को एक करने के आलाकमान के प्रयास फैल हो चुके हैं। आलाकमान की इसी ऊहूंपोह के चलते अब तो सोशल मीडिया पर कुलदीव बिश्रोई की भाजपा में जाने की चर्चाएं भी वायरल हो रही है। निसंदेह यह कुलदीप बिश्रोई की अपनी पार्टी की आलाकमान पर दबाव की नीति भी हो सकती है? पर पार्टी की ऐसी चर्चाओं से प्रभावित होती है। चर्चाकारों का कहना है कि कांग्रेस अपने दिज्गज नेताओं को लोकसभा चुनाव में उतरेगी तो भाजपा भी नए चेहरों को मैदान में लायेगी। पर भाजपा में वर्तमान में मंत्री कैप्टन अभिमन्यु, रामबिलास शर्मा, ओम प्रकाश घनखड़, नायब सिंह सैनी को लोकसभा चुनाव लड़ाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है।

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