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जम्मू में बस स्टैंड पर खड़ी बस पर ग्रेनेड से हमला, एक की मौत, 28 जख्मी

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जम्मू में बस स्टैंड पर खड़ी बस पर ग्रेनेड से हमला, खतरनाक हालात के संकेत।
यूपी में कश्मीरियों को मिलेगी पूर्ण सुरक्षा।

7 मार्च को जम्मू के बस स्टैंड पर खड़ी एक बस पर आतंकियों ने ग्रेनेड से हमला किया। हमला करने के बाद आतंकी मौके से फरार हो गए। हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि 28 व्यक्ति जख्मी हुए हैं जिनका जम्मू के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। कई यात्रियों की हालत गंभीर है। आमतौर पर हिन्दू बहुल्य जम्मू को सुरक्षित माना जाता है। जम्मू कश्मीर में जितनी भी आतंकी वारदातें हो रही है वे सब कश्मीर के तीन चार जिलों तक सीमित है। चूंकि घाटी के ये इलाके पूरी तरह मुस्लिम बहुल्य हैं इसलिए सुरक्षा बलों को भी कोई आॅपरेशन चलाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन्हीं जिलों में जब सुरक्षा बल आतंकियों से मुठभेड़ करते हैं तब कश्मीरी लोग पत्थर बरसाते हैं। ऐसी स्थिति जम्मू में नहीं है। जम्मू बस स्टैंड से ही हजारों यात्री रोजाना वैष्णों देवी के लिए रवाना होते हैं। वैष्णों देवी की यात्रा पर आए हजारों श्रद्धालुओं की वजह से जम्मू में हमेशा चहल पहल रहती है। हालांकि घाटी में जो आतंकी वारदातें होती हैं उनका असर जम्मू पर भी पड़ता है। लेकिन जम्मू में आतंकी वारदातें नहीं होती। लेकिन सात मार्च को जिस तरह से बस पर ग्रेनेड फेंका गया, उससे हालात खतरनाक होने के संकेत मिलते हैं। हमलावर ग्रेनेड फेंकने के बाद मौके से फरार हो गए इससे पता चलता है कि स्थानीय लोगों का सहयोग भी रहा है। हालांकि हमले के बाद पुलिस दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया है। पुलिस का भी मानना है कि यह आतंकी घटनाओं से जुड़ा हुआ हमला है। घाटी में रोज रोज हो रही आतंकी वारदातों से कई बार कुछ लोग सवाल उठाते हैं कि कश्मीर घाटी को अब छोड़ दिया जाना चाहिए। ऐसे लोग जम्मू में हुए ग्रेनेड हमले को समझे। जब कश्मीर के आतंकी वर्तमान स्थिति में ही हिन्दू बहुल्य जम्मू में ग्रेनेड हमले कर रहे हैं तब भारत से अलग होने पर घाटी के आतंकी क्या करेंगे, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। फिर हमले जम्मू तक ही नहीं बल्कि यूपी और आस पड़ौस के अन्य प्रदेशों में भी हो सकते हैं। जम्मू का हमला पाकिस्तान के पीओके पर हुई सैन्य कार्यवाही के जवाब में बताया जा रहा है। पीओके पर हुई कार्यवाही से पाकिस्तान में बैठे आतंकियों के सरगना बहुत बौखलाए हुए हैं। बदला लेने के लिए ही अब हिन्दू बहुल्य क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है। लेकिन सात मार्च को जम्मू शहर के लोगों ने धैर्य दिखाया और इतने बड़े हमले के बाद भी दोनों पक्षों में सद्भावना बनी रही। हालांकि आतंकियों का मकसद जम्मू के हिन्दू और मुसलमानों को आमने-सामने करना था। लेकिन दोनों ही पक्षों ने सूझबूझ दिखाते हुए शांति बनाए रखी। आतंकियों को हमारे इस माहौल को भी समझना चाहिए।
कश्मीरियों को पूर्ण सुरक्षाः
यूपी पुलिस ने कश्मीरियों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें राज्य में पूर्ण सुरक्षा दी जाएगी। जिन दो युवकों ने एक कश्मीरी युवक के साथ बदसलूकी की उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का कहना रहा कि कश्मीरी जिस प्रकार अपना व्यवसाय यूपी में कर रहे हैं उसी प्रकार करते रहे। कश्मीरियों को तक करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। बताया जा रहा है कि बदसलूकी करने वालों का संबंध बजरंग दल से है। इसलिए मीडिया में अब भगवा आतंक का प्रचार हो रहा है। जो मीडिया छुटपुट घटनाओं को भगवा आतंक से जोड़ रहा है उस मीडिया को जम्मू में हुए ग्रेनेड हमले के आतंक का भी धर्म बताना चाहिए।

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